इंग्लैंड की कमान, ऋषि सुनक के हाथ, दो साल पहले ऋषि सुनक ने डाउनिंग स्‍ट्रीट पर जलाये थे दीये,

(एन एल एन मीडिया – न्यूज़ लाइव नाऊ) : पूर्व वित्त मंत्री और अब ब्रिटेन के अगले प्रधानमंत्री ऋषि सुनक को कंजरवेटिव पार्टी के 357 में से 180 से अधिक सांसदों का समर्थन मिला, जबकि उन्हें नेता बनने की दौड़ में बने रहने के लिए कम से कम 100 सांसदों के समर्थन की जरूरत थी।
ऋषि सुनक कुछ हफ्तों पहले लिज ट्रस से पीएम पद की रेस हार गए थे। यह उनकी शानदार राजनीतिक वापसी है। मंगलवार को प्रधानमंत्री बनकर वह इतिहास रचेंगे। ब्रिटेन की सत्ता के शीर्ष पर बैठने वाले सुनक पहले ऐसे प्रधानमंत्री हैं जिनकी जड़ें भारत से जुड़ी हैं और जो हिंदू हैं। उनके दादा-दादी पंजाब से थे और 1960 के दशक में वे पूर्वी अफ्रीका से पलायन कर ब्रिटेन आए थे। सुनक के पिता एक डॉक्टर थे और उनकी मां एक फार्मेसी चलाती थीं। ऑक्सफोर्ड और स्टैनफोर्ड जैसी प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी में पढ़ाई से पहले सुनक एक भारतीय रेस्तरां में वेटर के तौर पर काम करते थे। अंग्रेजी के लावा ऋषि हिंदी और पंजाबी भाषा भी जानते हैं।
ऋषि सुनक सोमवार को ब्रिटेन की कंजरवेटिव पार्टी के निर्विरोध नेता चुने गए और इसी के साथ यह तय हो गया कि सुनक ब्रिटेन के अगले प्रधानमंत्री होंगे। ब्रिटेन को उम्मीदें हैं कि पूर्व वित्त मंत्री सुनक उनके देश में ‘अच्छे दिन’ लेकर आएंगे। उनकी जीत को लेकर भारत में भी खुशियां मनाई जा रही हैं क्योंकि दीवाली के दिन ब्रिटेन को पहला हिंदू प्रधानमंत्री मिल गया।
नारायण मूर्ति के दामाद
कैलिफोर्निया की स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी में एमबीए की पढ़ाई के दौरान सुनक की मुलाकात उनकी फैशन डिजाइनर अक्षता मूर्ति से हुई थी। अगस्त 2009 में अक्षता और ऋषि शादी के बंधन में बंध गए। अक्षता Infosys के को-फाउंडर और भारत के सबसे अमीर लोगों की सूची में शामिल नारायण मूर्ति की बेटी हैं। सुनक कई बार इसका जिक्र कर चुके हैं कि उन्हें अपने ‘सास और ससुर पर बेहद गर्व’ है।

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