Election Results 2022 : कांग्रेस, सपा-बसपा जैसे दल भी कहीं नहीं टिक पा रहे हैं, लोकसभा चुनाव में BJP का तोड़ निकालना कितना मुश्किल?

(एन एल एन मीडिया – न्यूज़ लाइव नाऊ) : यूपी की गोला सीट पर बीजेपी के अमन गिरी को जीत मिली। जबकि बिहार में एक सीट आरजेडी तो एक बीजेपी के खाते में गई। महाराष्ट्र की अंधेरी सीट शिवसेना और हरियाणा की आदमपुर सीट बीजेपी के कब्जे में गई। यूपी-बिहार समेत छह राज्यों की सात सीटों पर हुए विधानसभा उपचुनाव के नतीजों का ऐलान हो चुका है। बीजेपी ने एक बार फिर अपने पुराने फॉर्म को जारी रखते हुए विपक्षी दलों के मुकाबले अधिक सीटें हासिल कीं। चार सीटों पर बीजेपी ने कब्जा किया तो बाकी की तीन सीटें विपक्षी दलों के पास गईं। एक के बाद एक करके कई ऐसे राज्यों में कब्जा किया है, जहां पहले भगवा दल की जीत के बारे में कोई सोच तक नहीं सकता था। अब जब 2024 में होने वाले लोकसभा चुनाव में महज कुछ ही महीने का समय बचा हुआ है, तो विधानसभा उपचुनाव में मिली जीत से बीजेपी काफी उत्साहित है। इसके अलावा, ओडिशा में भी बीजेपी ने एक सीट जीत ली, लेकिन तेलंगाना में टीआरएस ने बाजी मारी। कुल सात में से चार सीटें जीतकर बीजेपी ने विपक्ष को तगड़ा झटका दिया है। 2014 में केंद्र में मोदी सरकार बनने के बाद से ही बीजेपी का चुनावी रुतबा और बढ़ा है।
बीजेपी के सामने कहीं टिक क्यों नहीं रहा विपक्ष?
आज यूपी की गोला गोकर्णनाथ सीट का नतीजा भी सपा के लिए करारा झटका लेकर आया। पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव के निधन के बाद अखिलेश यादव के लिए गोला की सीट किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं थी, लेकिन इसके बाद भी बीजेपी के प्रत्याशी अमन गिरि ने 34 हजार से ज्यादा मतों से जीत हासिल की। बीजेपी के सामने कांग्रेस ही नहीं, बल्कि सपा, बसपा जैसे दल भी कहीं नहीं टिक पा रहे हैं। इस साल यूपी विधानसभा चुनाव में जहां सपा को बुरी तरह हार का सामना करना पड़ा तो उत्तराखंड, गोवा जैसे राज्यों में भी बीजेपी ने फिर से वापसी कर ली। एक्सपर्ट्स का मानना है कि विपक्षी दलों के पास कोई ऐसा चेहरा नहीं है, जो उन्हें चुनावों में एकतरफा माहौल बना सके और जितवा सके। इसके अलावा, केंद्र सरकार द्वारा चलाई जा रहीं विभिन्न डीबीटी योजनाओं का भी विपक्षी दलों के पास कोई तोड़ नहीं है। हालांकि, आम आदमी पार्टी ने जरूर थोड़ी-बहुत टक्कर दी है, लेकिन अभी यह कहना मुश्किल होगा कि लोकसभा चुनावों में पार्टी कितनी सफल हो पाती है। चुनावी एक्सपर्ट्स की मानें तो बीजेपी के सामने लगातार विपक्षी दलों की हार होने के पीछे कई वजहें हैं। पहला पीएम नरेंद्र मोदी का चेहरा होने की वजह से बीजेपी को एक के बाद एक चुनावों में जीत मिल रही है। पीएम होने के बाद भी नरेंद्र मोदी खुद चुनावों पर नजर रखते हैं और रणनीति तैयार करने में अहम भूमिका निभाते हैं।
लोकसभा चुनाव से पहले विपक्ष के लिए झटके जैसे हैं नतीजे
भले ही आज आए चुनावी नतीजे विधानसभा उपचुनाव के हों, लेकिन पॉलिटिक्स में हर चुनाव की अपनी अहमियत होती है। विपक्षी दल पिछले कई सालों से अपनी जमीन को वापस पाने की जी-जान से कोशिश कर रहे हैं, लेकिन ज्यादातर उन्हें विफलता ही हाथ लगी है। पिछले दो लोकसभा चुनाव हारने के बाद कांग्रेस के नेतृत्व में विपक्षी दल 24 में होने वाले आम चुनाव में कुछ बेहतर नतीजे के आने की जरूर सोच रहे होंगे। लेकिन उपचुनाव ने उन्हें झटका दिया है। यूपी, बिहार, हरियाणा जैसे राज्यों में सीटों पर कब्जा करना दिखाता है कि अब भी हिन्दी बेल्ट के राज्यों में बीजेपी और पीएम मोदी की लोकप्रियता में कोई कमी नहीं आई है। एक्सपर्ट्स मानते हैं कि यदि इन उपचुनावों में विपक्ष बीजेपी के मुकाबले अधिक सीटें जीतता तो फिर उसे लोकसभा चुनाव से पहले जरूर एक संजीवनी हासिल होती। साथ ही मनोबल भी बढ़ता, लेकिन ऐसा हो नहीं सका।

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