CJI चंद्रचूड़ ने निकाला ‘तारीख पे तारीख’ से निपटने का फॉर्म्युला, सुप्रीम कोर्ट की सभी 13 बेंच हर दिन 10-10 जमानत याचिका और केस ट्रांसफर से जुड़ीं इतनी ही याचिकाओं की सुनवाई करेंगी।

(एन एल एन मीडिया – न्यूज़ लाइव नाऊ) : उच्च अदालतों में जमानत की अर्जियों की बढ़ती संख्या के मुद्दे पर भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) डीवाई चंद्रचूड़ ने शनिवार को कहा कि जमीनी स्तर पर न्यायाधीश जमानत देने के लिए अनिच्छुक हैं, क्योंकि उन्हें जघन्य मामलों में जमानत देने के लिए निशाना बनाए जाने का डर है । बार काउंसिल ऑफ इंडिया द्वारा आयोजित एक सम्मान समारोह में, सीजेआई चंद्रचूड़ ने कहा, ‘जमानत देने के लिए जमीनी स्तर पर अनिच्छा के कारण उच्च न्यायपालिका जमानत आवेदनों से भर गई है । जमीनी स्तर पर न्यायाधीश जमानत देने से हिचकते हैं, इसलिए नहीं कि वे अपराध को नहीं समझते हैं, बल्कि जघन्य मामलों में जमानत देने के लिए निशाना बनाए जाने का डर है ।’ सुप्रीम कोर्ट में पेंडिंग केस के बढ़ते बोझ को कम करने के लिए सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़ भी अपने पूर्ववर्ती जस्टिस यूयू ललित की राह पर हैं। हालांकि, उनका अप्रोच थोड़ा अलग है ताकि जजों को काम का बोझ भी महसूस न हो। सीजेआई चंद्रचूड़ ने करीब 70 हजार पेडिंग केसों से निपटने के लिए धीमा पर स्थायी तरीका निकाला है। अब सुप्रीम कोर्ट की सभी 13 बेंच के सामने हर दिन 10-10 जमानत याचिका और 10-10 ट्रांसफर केस सुनवाई के लिए लिस्ट होंगी।
इस तरह सुप्रीम कोर्ट में हर दिन बेल और केस ट्रांसफर से जुड़े 130-130 मामलों की सुनवाई होगी। हफ्ते में 650-650 केस। सीजेआई चंद्रचूड़ ने शुक्रवार को ओपन कोर्ट में कहा कि सुप्रीम कोर्ट की फुल कोर्ट मीटिंग में इस बात पर ध्यान गया कि एक राज्य से दूसरे राज्य में केस ट्रांसफर करने की मांग वाली 3000 से ज्यादा याचिकाएं लंबित हैं। इनमें से ज्यादातर शादी से जुड़े विवाद की हैं। उन्होंने कहा कि अगर हर दिन हर बेंच में ऐसे 10-10 केस की सुनवाई हो तो हफ्ते में 650 मामलों की सुनवाई हो जाएगी। इस तरह 5 हफ्ते में यानी इस साल के बीतने से पहले ऐसे सारे मामलों की सुनवाई हो जाएगी।
इस बीच, केंद्रीय कानून मंत्री किरेन रिजिजू, जो इस कार्यक्रम में भी मौजूद थे, ने तबादलों के संबंध में कई वकीलों के सीजेआई से मिलने के मुद्दे चिंता जताई. रिजिजू ने कहा, ‘मैंने सुना है कि कुछ वकील स्थानांतरण मामले के संबंध में सीजेआई से मिलना चाहते हैं । यह एक व्यक्तिगत मुद्दा हो सकता है लेकिन अगर यह सरकार द्वारा समर्थित कॉलेजियम द्वारा हर निर्णय के लिए एक आवर्ती उदाहरण बन जाता है तो यह कहां तक ​​ले जाएगा, पूरा आयाम बदल जाएगा ।’ सुप्रीम कोर्ट के सबसे वरिष्ठ न्यायाधीश धनंजय वाई चंद्रचूड़ ने 9 नवंबर को भारत के 50वें मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) के रूप में शपथ ली, वह उदय उमेश ललित के उत्तराधिकारी बने ।

Leave A Reply

Your email address will not be published.