‘आइटम गर्ल’ बनकर उभरीं हेलन का 84वां जन्मदिन, अपने दम पर हिट फिल्में करा देती थीं

(एन एल एन मीडिया – न्यूज़ लाइव नाऊ) : हेलन का जन्म 21 नवंबर 1938 में बर्मा में हुआ था। इनका पूरा नाम हेलन ऐन रिचर्डसन है। उनकी मां मूल रूप से बर्मा की थीं। हेलन के पिता का निधन हो चुका था और परिवार में मां के अलावा एक भाई और एक सौतेली बहन जेनिफर थी। उनकी मां ने एक ब्रिटिश सैनिक से दूसरी शादी कर ली थी, लेकिन द्वितीय विश्व युद्ध में उनकी भी मौत हो गई। जब जापान ने बर्मा पर कब्जा किया तो हेलन के पूरे परिवार ने मुंबई आकर बसने का फैसला किया। यात्रा के दौरान उन्हें जंगलों और गांवों से गुजरना पड़ा। हेलन की मां और दोनों भाई-बहन भूख से बिलख रहे थे। तब रास्ते में ग्रामीणों ने उन्हें अपने घर में रखा और खाना दिया। उस दौर की जब फिल्मों में नाच-गाना करने वाली हीरोइनों को न तो दर्शक सम्मान से देखते थे, न ही इंडस्ट्री के लोग। तीन घंटे की फिल्म में बस चंद मिनट के लिए डांसर आतीं और दर्शक तालियां पीटते।

डांसर का नाम तक जानने में भी शायद ही कोई दिलचस्पी दिखाता हो लेकिन, फिर आया हेलन का जमाना। वह न सिर्फ लोगों की नजरों में ठहर गईं, बल्कि लोगों का नजरिया ही बदल डाला। बॉलीवुड की पहली ‘आइटम गर्ल’ कही जाने वाली हेलन को दर्शकों ने सिर आंखों पर बिठाया। उनकी कला को सम्मान दिया। आज भले ही हेलन चकाचौंध भरी दुनिया से दूर हैं, लेकिन कला के कद्रदान आज भी उनका नाम बेहद सम्मान के साथ लेते हैं। ‘मेरा नाम चिन चिन चू’, ‘यम्मा यम्मा’, ‘ओ हसीना जुल्फों वाली’, ‘मोनिका, ओ माय डार्लिंग’ जैसे आइटम नंबर्स देने वाली हेलन का आज जन्मदिन है ।

परिवार को दिया आर्थिक संबल
वहीं पर एक ब्रिटिश सैनिक ने उन्हें मुंबई जाने के लिए गाड़ी, खाना और दवाइयां दी। इस दौरान हेलन की गर्भवती मां का गर्भपात हो गया। जिस समूह के साथ हेलन का परिवार मुंबई आ रहा था उनमें से कुछ लोग भुखमरी और कुछ बीमारी के कारण मर गए। मुंबई पहुंचने में अब भी लंबा समय था इसलिए हेलन की मां ने कोलकाता में ही रुकने का फैसला किया। वो वहां पर नर्स का काम करने लगीं। हेलन और उनके दोनों भाई-बहन की पढ़ाई वहीं से शुरू हुई, लेकिन मां की थोड़ सी सैलरी से घर का खर्च चल पाना कठिन था। कोलकाता में रहने के दौरान हेलन की मां की मुलाकात कुकु मोरे से हुई जो फिल्मों में बैकग्राउंड डांसर थीं। हेलन घर चलाने के लिए नौकरी ढूंढ रही थीं। तब कुकु ने हेलन को फिल्मों में कोरस डांसर की नौकरी दिलवाई। हेलन ने आते ही इंडस्ट्री में अपनी जगह बना ली।
19 साल की उम्र में मिला बड़ा ब्रेक
हेलन को फिल्म ‘हावड़ा ब्रिज’ में बड़ा ब्रेक मिला, तब उनकी उम्र महज 19 वर्ष थी। इस फिल्म के गाने ‘मेरा नाम चिन चिन चू’ ने हेलन की किस्मत बदल दी। इसके बाद तो हेलन बॉलीवुड की पहली आइटम गर्ल बनकर सामने आईं। हेलन के बारे में कहा जाता है कि उन्होंने अपने दौर में इंडियन क्लासिकल डांस से तो धमाल मचाया ही था, साथ ही कैबरे डांस को भी इन्होंने भारत में लोकप्रियता के शिखर पर पहुंचाया। वह अपने दम पर फिल्मों को हिट करा दिया करती थीं। दर्शक हेलन के डांस के इस कदर दीवाने थे कि फिल्म में उन्हें लेने के लिए निर्माता-निर्देशक बेकरार रहते। रिपोर्ट्स के मुताबिक बैले डांस का परिचय भी इंडस्ट्री से हेलन ने ही कराया।
टूट गई पहली शादी
हेलन अपने डांस के साथ खूबसूरती के लिए भी जानी जाती थीं। 1957 में हेलन ने अपने से 27 साल बड़े निर्देशक पीएन अरोड़ा से शादी कर ली। जिंदगी में अभी सब कुछ अच्छा होना शुरू ही हुआ था कि एक बार फिर हेलन पर दुख का पहाड़ टूट पड़ा। यह शादी हेलन के 35वें बर्थडे के दिन टूट गई। हेलन ने पति पीएन अरोड़ा की फिजूलखर्ची की बुरी आदत से परेशान होकर उनसे तलाक ले लिया। हेलन फिल्मों से अच्छी कमाई करती थीं और उनके पति इसी का फायदा उठाते थे। पति के खर्च के चलते हेलन दिवालिया हो गईं थीं। तलाक के बाद हेलन बिल्कुल अकेली पड़ गई थीं।
सलीम खान के साथ शुरू की जिंदगी
पति को तलाक देने के बाद हेलन ने अकेले जिंदगी की जंग लड़ी। वर्ष 1962 में फिल्म ‘काबिल खान’ के दौरान हेलन की मुलाकात सलमान खान के पिता सलीम खान से हुई। सलीम खान हेलन को देखते ही उन्हें दिल दे बैठे, लेकिन वो पहले से ही शादीशुदा थे, इसलिए उनकी पत्नी सलमा खान (सुशीला चरक) ने इस पर आपत्ति जताई। इसके बावजूद सलीम ने हेलन से शादी की। कुछ समय की नाराजगी के बाद सलमा और उनके बच्चों ने हेलन को अपना लिया। बॉलीवुड स्टार सलमान खान हेलन को बेहद सम्मान देते हैं।

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