UPNEDA का सोलर टेंडर द्विभाषी न होना भारत के राजभाषा अधिनियम का उल्लंघन

उत्तर प्रदेश के UPNEDA विभाग की कार्य शैली और भ्रस्टाचार पर पहले भी आरोप लगाए गए थे

(एनएलएन मीडिया – न्यूज़ लाइव नाऊ):

उत्तर प्रदेश में सोलर योजनाओ के विभाग UPNEDA कार्यशैली को लेकर फिर से एक नया विवाद खड़ा हो गया है | आपको बता दे की UPNEDA हर साल की तरह व्यापारिओं को चयनित करने के लिए सोलर का इम्पैनलमेंट टेंडर निकालती है और पहले की तरह इस बार भी UPNEDA के इस टेंडर में विवाद खड़ा हो गया है | आपको याद होगा कि पहले के सोलर टेंडर में अनियमितताओं के चलते काफी सोलर व्यापारी कर्ज में आ गए थे और सरकार द्वारा सब्सिडी न मिलने की लड़ाई आज भी लड़ रहे है | UPNEDA के भ्रष्ट और अनुशासनहीन अधिकारीयों के कारन इस टेंडर ने एक नया विवाद खड़ा हो गया है जो योगी और मोदी जी के सपनो की धज्जियाँ उडाता है |

इस बार UPNEDA के टेंडर को हिंदी में न उपलब्ध करने के कारण कई नए व्यापारी जो इस टेंडर को करना चाह रहें है समझ नहीं पा रहे है | हमे एक सोलर व्यापारी CREATIVE POWER कंपनी के मालिक राहुल जी बताया की सोलर व्यापारी जो नए है वो इस टेंडर को समझ ही नहीं पा रहे है कोई EMD /BIDBOND में कंफ्यूज है तो कोई योग्यता के मानकों को लेकर कंफ्यूज है |

सोलर परिवार के मुखिया श्री अनिल दुबे जी ने कहा है कि ये टेंडर ही पूरी तरह से असैंवधानिक है और भारतीय राजभाषा के नियमो का उल्लघन है इसके अलावा भी इस टेंडर खामियों को लेकर और UPNEDA के अधिकारियों के अशिष्ट आचरण हमको कोर्ट का शरण लेना पद रहा है जिसके सुनवाई चल रही है | अनिल दुबे जी ने बताया की हमने लिखित और मौखिक दोनों तरह से इसके उच्चा- अधिकारीयों की भी सूचनाएं दी परन्तु जो व्यापारी जो प्रधानमत्री के सोलर के सपनो के आधारस्तम्भ है उन्ही को वंचित करने का प्रयास किया जा रहा है | इस तरह की कार्यशैली से जो नए युवा सोलर की योजनाओ में कदम रखान चाहते है उनकी उम् ईद टूट रही है | टेंडर का स्पस्ट न होना और इतनी कमियों के होने के कारन भारत स्वाभिमान योजना में जो नए स्टार्टअप कंपनी है उसको आगे बढ़ने का मौका नहीं मिल रहा है |

मुख्यमंत्री और ऊर्जामंत्री को इस मामले में तुरंत संज्ञान लेकर इन कमियों को दूर किया जाना चाहिए और भ्रष्ट अधिकारीयों के खिलाफ भी तत्काल रूप से कार्यवाही करनी चाहिए | हमे न्याय नहीं मिल रहा है समय पर |

आपको बता दे की UPNEDA की कार्यशैली पर पहले भी कई तरह के प्रश्नचिन्ह लग चुके है |

You might also like More from author

Leave A Reply

Your email address will not be published.