चीन की सीमा पर काम कर रहे मजदूरों की सुरक्षा के लिए झारखंड सरकार ने उठाए कदम।

(एनएलएन मीडिया – न्यूज़ लाइव नाऊ): झारखंड निवासी मजदूरों के गायब हो जाने की खबरें देश भर में अक्सर आती रहती हैं। झारखंड सरकार अपने राज्य के मजदूरों की सुरक्षा और सुविधा के लिए पहल किया है। खासकर दूसरे राज्यों में औ अंतरराष्ट्रीय सीमा पर काम कर रहे झारखंड वासियों के लिए विशेष खयाल रखा जाएगा। भारत-चीन की सीमा पर झारखंड के विभिन्न जिलों के श्रमिकों को सड़क निर्माण में लगाने से पहले उनका झारखंड के साथ लद्दाख में पंजीकरण जरूरी होगा। इस मसले को पिछले दिनों झारखंड सरकार की ओर से लद्दाख प्रशासन और बॉर्डर रोड संगठन (बीआरओ) के बीच लद्दाख में हुई बैठक में प्रमुखता से उठाया गया है।बीआरओ की परियोजनाओं में कार्यरत झारखंड के मजदूरों के हाल पर विस्तार से चर्चा के दौरान झारखंड सरकार की ओर से मजदूरों को इंटर स्टेट माइग्रेंट वर्कर्स एक्ट 1979 के तहत सुरक्षा और सुविधा सुनिश्चित कराने की बात गंभीरता से रखी गई। राज्य सरकार की ओर से बीआरओ के प्रोजेक्ट में काम कर रहे मजदूरों का विवरण नहीं मिलने, उनके साथ हादसों और मौत की जानकारी प्राप्त नहीं होने का मामला भी रखा गया। झारखंड सरकार और बीआरओ के बीच उच्च स्तरीय वार्ता के दैरान यह तय हुआ कि बीआरओ खुद को नियोक्ता के रूप में इंटर स्टेट माइग्रेंट वर्कर्स एक्ट 1979 के तहत रजिस्टर्ड करने के लिये मुख्यालय से चर्चा करेगा। बीआरओ और झारखंड सरकार के बीच एमओयू के लिये ड्राफ्ट बीआरओ हेड क्वार्टर, हिमांग और विजयक प्रोजेक्ट के मुख्य अभिनेताओं को भेजा जाएगा, ताकि वह एमओयू के प्रावधानों में अपना इनपुट भी दे सकें। जल्द ही झारखंड सरकार और बीआरओ के डीजी के बीच बैठक होगी।
● श्रमिकों को उनके अधिकार के बारे में जानकारी नहीं है। उन्हें बिचौलियों के माध्यम से रखा जा रहा है। इससे उन्हें वाजिब हक नहीं मिलता
● झारखंड सरकार ने बीआरओ में श्रमिकों को संस्थागत तरीके से भर्ती करने का सुझाव दिया है, ताकि मजदूरों को मिलने वाली सुविधाओं के प्रति पारदर्शिता बरती जा सके
● बीआरओ के साथ सड़क निर्माण में जुटे मजदूरों को लद्दाख प्रशासन के माध्यम से जरूरी सुविधाएं मुहैया कराई जाये
● श्रमिकों को एक देश एक राशन कार्ड के तहत लाभ दिया जाए
वित्त वर्ष 2021-22 की सर्दियों से प्रवासी मजदूरों का विवरण झारखंड सरकार, लेह-लद्दाख प्रशासन और बीआरओ के बीच साझा किया जाएगा। सीमा पर सड़क बना रहे मजदूरों का लद्दाख प्रशासन में रजिस्ट्रेशन करा कर अधिकतम सुविधाएं मुहैया कराने में बीआरओ हर संभव सहयोग करेगा। बीआरओ अधिक से अधिक श्रमिकों का ई-श्रम पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कराने में लद्दाख प्रशासन का हर संभव मदद करेगा। बीआरओ और झारखंड सरकार को श्रमिक भर्ती एजेंसी रखने का सुझाव दिया। झारखंड के श्रम, नियोजन प्रशिक्षण एवं कौशल विकास विभाग के सचिव प्रवीण टोप्पो, श्रम विभाग लद्दाख के सचिव के महबूब अली खान, हिमांग प्रोजेक्ट बीआरओ के चीफ इंजीनियर ब्रिगेडियर अरविंदर सिंह सोढ़ी, बीआरओ विजयक प्रोजेक्ट के मुख्य अभियंता ब्रिगेडियर आशीष गौतम के साथ एडिशनल लेबर कमिश्नर मौजूद रहे। लेह में झारखंड के मजदूरों के लिए सुरक्षित एवं उत्तरदायी प्रवासी केंद्र खोलने का सुझाव दिया गया है। यह केंद्र मजदूरों की सुरक्षा और सहूलियत में पारदर्शिता बनाये रखने में भूमिका अदा करेगा। सुरक्षित और उत्तरदाई प्रवासी केंद्र से लद्दाख के विभिन्न क्षेत्रों में काम कर रहे झारखंड के मजदूरों को हर संभव सहायता और सुविधा मुहैया कराई जाएगी। इस केंद्र के माध्यम से बीआरओ में मजदूरों की भर्ती संस्थागत तरीके से की जा सकेगी। यहां सिंगल विंडो सिस्टम की तरह काम होगा। यह केंद्र बीआरओ, लद्दाख और श्रमिकों की हर तरह की समस्या को दूर करने और झारखंड सरकार के बीच समन्वय स्थापित करने की पहल करेगा।

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