जल्द ही फिर देश में बारिश करेगा मानसून ।

इस बीच दिल्ली में भी शनिवार को बारिश की आशंका जताई गई है। यहां मानसून के लेट होने का पिछले 15 साल का रिकॉर्ड टूट गया है।

(एनएलएन मीडिया – न्यूज़ लाइव नाऊ): मानसून की सुस्त हो गई रफ्तार फिर से अब तेज हो वाली है। अगले 3 दिन में यह देश के 20% भाग पर छा सकता है। बंगाल की खाड़ी से उत्तर प्रदेश तक पहुंच रहीं पूर्वी नम हवाएं शनिवार तक दिल्ली, हरियाणा और पंजाब सहित 12 राज्यों में फैल सकती हैं। इन राज्यों में यलो अलर्ट जारी किया गया है। इस बीच दिल्ली में भी शनिवार को बारिश की आशंका जताई गई है। यहां मानसून के लेट होने का पिछले 15 साल का रिकॉर्ड टूट गया है। इससे पहले 2006 में मानसून ने 9 जुलाई को राजधानी में दस्तक दी थी।
इसके साथ ही रविवार को बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र बन सकता है। इससे अगले तीन-चार दिनों तक कई राज्यों में भारी बारिश होने के आसार हैं। एक हफ्ते में मानसूनी बारिश की कमी की भरपाई हो जाएगाी। मौसम विभाग के वैज्ञानिक आरके जेनामनी ने बताया, ‘मानसून की उत्तरी सीमा बाड़मेर, भीलवाड़ा, धौलपुर, अलीगढ़, मेरठ, अंबाला व अमृतसर से गुजर रही है।’
उन्होंने आगे कहा कि पूर्वी हवाओं के गति पकड़ने से 24 घंटे के अंदर मानसून दिल्ली, पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बचे हिस्से, हरियाणा, पंजाब व राजस्थान में बढ़ सकता है। सोमवार तक देश के बाकी हिस्से को भी घेर सकता है। बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र बनने से पूर्वी हवा मजबूत होगी। फिलहाल जो हवाएं सतह से तीन किलोमीटर ऊपर तक बह रही हैं, वह पांच किमी से ऊपर हो जाएंगी।
बिहार में एक बार फिर मानसून सक्रिय हो रहा है। राज्य के सभी 38 जिलों को येलो जोन में रखकर बारिश का पूर्वानुमान लगाया जा रहा है। मौसम विभाग ने बिहार के सभी जिलों में गरज के साथ बारिश का अनुमान लगाया है। इसमें कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश की भी संभावना है।
भोपाल के कई इलाकों में शनिवार सुबह करीब 6 बजे बारिश हुई। इसके अलावा राज्य के महाकौशल और विंध्य क्षेत्र में मानसूनी बारिश शुरू हो गई है। जबलपुर समेत कई जिलों में हल्की तो डिंडौरी, नरसिंहपुर, बालाघाट, रीवा, सतना, अनूपपुर में तेज बारिश हुई है।
बारिश के बाद भूस्खलन से शहडोल-अमरकंटक मार्ग बंद हो गया है। मौसम विभाग ने चेतावनी जारी की है, अगले दो दिन मानसून पूरी तरह से सक्रिय हो जाएगा, तो और तेज बारिश होगी।
एक हफ्ते से महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक व केरल में कम बारिश हो रही थी। इन राज्यों के कई इलाकों में शुक्रवार को 80-150 मिमी बारिश हुई है। दो से तीन दिन में यहां 150 से 250 मिमी तक बारिश का अनुमान है।
इस बार 19 जून तक देशभर में 40 फीसदी ज्यादा बारिश हुई थी। एक जुलाई को यह नौ फीसदी ज्यादा थी। लेकिन जुलाई को यह छह फीसदी कम रह गई। दरअसल, नौ जुलाई तक देश में 243.6 मिमी बारिश होनी चाहिए लेकिन 229.7 मिमी ही हुई है।
दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान के अनेक हिस्सों में मानसून 27 जून से आठ जुलाई के बीच आ जाता है। सामान्य रूप से आठ जुलाई तक पूरे देश में फैलने वाला मानसून इस बार चार-पांच दिन देरी से चल रहा है।
मानसून 13 जून को पंजाब के अमृतसर, हरियाणा के अंबाला, दिल्ली के नजदीक मेरठ और उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में पहुंच गया था। फिर 19 जून को राजस्थान के बाड़मेर, भीलवाड़ा पहुंचा। लेकिन उसके बाद से चारों राज्यों के पड़ोसी जिले मानसून के लिए तरस रहे हैं। फिलहाल इस बारिश का इंतजार पूरे देश को है।

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