डब्ल्यूएचओ से मिली हरी झंडी के बाद भी चीनी टीके का हो रहा दुनिया के कई देशों में विरोध ।

सऊदी अरब, बहरीन, फिलीपींस और यूएई जैसे देशों ने चीनी टीके के असर पर चिंता जताई है और इसे मंजूरी देने से इनकार कर दिया है।

(एनएलएन मीडिया – न्यूज़ लाइव नाऊ): दुनिया भर में कोरोना से लड़ाई के लिए टीकों की आवश्यकता है। चीन में बनाए गए कोरोना वायरस रोधी टीके को विश्व स्वास्थ्य संगठन से अनुमति मिलने के बाद भी कई देश इसे मंजूरी नहीं दे रहे हैं। इन देशों में सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात और बहरीन समेत मध्य-पूर्व एशिया के कई देश शामिल हैं। यूएई ने तो यह भी कह दिया है कि ऐसे लोगों को देश में प्रवेश नहीं दिया जाएगा जिन्होंने चीनी टीका लगवाया है। 
बता दें कि बीते कुछ सप्ताहों में चीन के कोरोना टीके पर कई सवाल उठे हैं। सेशेल्स में मई में कोरोना के मामले अचानक बढ़े थे। यहां दुनिया में सबसे तेजी के साथ टीकाकरण किया गया था और अधिकतर लोगों को चीन में बने सिनोफार्म टीके की खुराक लगाई गई थी। टीकाकरण के बाद अचानक बढ़े मामलों ने टीके के असर पर भी सवाल खड़े किए थे।
इसके बाद से ही सऊदी अरब, बहरीन, फिलीपींस और यूएई जैसे देशों ने चीनी टीके के असर पर चिंता जताई है और इसे मंजूरी देने से इनकार कर दिया है। साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट में मई के अंत में प्रकाशित हुई एक रिपोर्ट में कहा गया था कि फिलीपींस के लोग चीनी टीका इसलिए नहीं चाहते हैं क्योंकि उन्हें इससे सुरक्षा और असर को लेकर शंका है। 
चीन के कोरोना रोधी टीके पर सबसे ज्यादा चिंता सऊदी अरब ने जाहिर की है। उसने चीन के दोनों टीकों (सिनोफार्म और सिनोवैक) को मंजूरी नहीं दी है। सऊदी के इस कदम से चीनी टीके पर निर्भर पाकिस्तान व अन्य देश संकट में आ गए हैं। जानकारी के अनुसार इस समस्या के समाधान के लिए पाकिस्तान सऊदी अरब के साथ बात कर रहा है। फिलहाल यह खबर चीन के लिए अच्छी नहीं है की टीके के मामलों में चीन पर अब भरोसा दुनिया नहीं कर पा रही है।

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