मध्य प्रदेश: कोरोना के चलते दसवीं की परीक्षाएं हुईं रद्द, 12वीं की परीक्षा को हालत सुधारने तक के लिए किया गया स्थगित ।

कोरोना संक्रमण सामान्य होने की स्थिति में परीक्षा आयोजन की सूचना 20 दिन पहले दी जाएगी।

(एनएलएन मीडिया – न्यूज़ लाइव नाऊ): कोरोना के चलते बच्चों की पढ़ाई पर भी बुरा असर पड़ा है। कोरोना महामारी के चलते मध्य प्रदेश बोर्ड की दसवीं की परीक्षाएं रद कर दी गईं हैं। मूल्यांकन के आधार पर छात्रों की मार्कशीट जारी की जाएगी। जो छात्र मार्कशीट में उच्च अंक चाहते हैं, वो महामारी खत्म होने के बाद यानी आने वाले समय में परीक्षा के लिए बैठ सकते हैं। यह जानकारी मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज चौहान ने दी है। मुख्यमंत्री ने आगे बताया कि 12वीं की परीक्षा को स्थगित कर दिया गया है। हालात सुधरने पर 12वीं की परीक्षाएं की जाएंगी।
कोरोना संक्रमण सामान्य होने की स्थिति में परीक्षा आयोजन की सूचना 20 दिन पहले दी जाएगी। वहीं, दसवीं के परीक्षा परिणाम तैयार करने के संबंध में भी आदेश जारी किए गए हैं। नियमित छात्रों के लिए प्रत्येक छात्रों की छमाही और प्री-बोर्ड व यूनिट टेस्ट एवं आंतरिक मूल्यांकन के आधार पर रिजल्ट तैयार किया जाएगा।
इन परीक्षाओं में अनुत्तीर्ण रहने वाले छात्रों को भी 33 अंक देकर पास घोषित किया जाएगा। सभी प्राइवेट छात्रों को 33 अंक देकर पास घोषित किया जाएगा। अगर कोई असंतुष्ट होता है तो भविष्य में आयोजित परीक्षा में शामिल हो सकेगा। इस संबंध में भविष्य में नीति तय की जाएगी। इस वर्ष दसवीं परीक्षा की प्रावीण्य सूची जारी नहीं की जाएगी।
इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोनाकाल में कुछ बच्चों के ऊपर से माता-पिता का साया उठ गया है। हमने योजना बनाई हैं। ऐसे बच्चे जिनके परिवार में कोई कमाने वाला नहीं रहा। जब तक वे सक्षम नहीं हो जाते उन्हें 5,000 रुपए मासिक पेंशन दी जाएगी, उन्हें निशुल्क राशन दिया जाएगा।
मध्य प्रदेश में कोरोना महामारी के जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि हम संक्रमण की दर घटाने में सफल हुए हैं। संक्रमण दर 24 फीसद तक पहुंच गई थी, अब यह घटकर 11.8 फीसद हो गई है। पॉजिटिव मामलों की संख्या भी धीरे-धीरे कम होती जा रही है। लेकिन हमें अभी भी लंबी लड़ाई लड़नी है।
उन्होंने कहा कि संक्रमण को पूरी तरह से ख्तम करना है तो उसके पांच महत्तवपूर्ण हिस्से है। पहला संक्रमण की चेन तोड़ना। दूसरा संक्रमितों की पहचान करना। तीसरा है टेस्ट करना। चौथी चीज है इलाज करना और पांचवी रणनीति है टीकाकरण करना है। फिलहाल सरकार का ध्यान किसी तरह से कोरोना की स्थिति पर काबू पाने पर है।

You might also like More from author

Leave A Reply

Your email address will not be published.