167 दिन का लंबा मिशन तय कर धरती पर वापस आये 4 एस्ट्रोनाट, 53 साल में पहली बार अंतरिक्ष यान ने अंधेरे में की लैंडिंग ।

लैंडिंग के आधे घंटे से भी कम समय में कैप्सूल को एक रिकवरी शिप पर पानी से बाहर निकाला गया था। कुछ ही समय बाद स्पेसएक्स कर्मियों ने रेजिलिएंस यानी के साइड हैच को खोलने के लिए तैयार किया।

(एनएलएन मीडिया – न्यूज़ लाइव नाऊ): अंतरिक्ष के क्षेत्र में मानव ने कई उपलब्धियां हासिल की हैं। अमेरिका के फ्लोरिडा में पनामा सिटी के पास मैक्सिको की खाड़ी में जब अंतरिक्ष यान ने 4 यात्रियों के साथ सुरक्षित लैंडिंग की, तो अंतरिक्ष की दुनिया में एक और इतिहास बन गया। 53 साल में पहली बार किसी अंतरिक्ष यान ने अंधेरे में लैंडिंग की। इससे पहले 1968 में नासा के अपोलो-8 यान ने अंधेरे में लैंडिंग की थी। तब 3 अंतरिक्ष यात्री चंद्रमा की कक्षा की परिक्रमा कर लौटे थे।
नवंबर 2020 में रेजिलिएंस यान के जरिए अमेरिका के तीन और जापान के एक एस्ट्रोनॉट को अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) भेजा गया था। इनमें नासा के माइक हॉपकिंस, विक्टर ग्लोवर, शैनन वॉकर और जापान के सोइची नागुची शामिल हैं। ये चारों 167 दिन का अब तक का सबसे लंबा मिशन पूरा कर धरती पर लौटे हैं।
लैंडिंग के आधे घंटे से भी कम समय में कैप्सूल को एक रिकवरी शिप पर पानी से बाहर निकाला गया था। कुछ ही समय बाद स्पेसएक्स कर्मियों ने रेजिलिएंस यानी के साइड हैच को खोलने के लिए तैयार किया। सबसे पहले माइक हॉपकिंस बाहर निकले और कहा- ये बहुत शानदार रहा। आप सब मिलकर दुनिया बदल रहे हैं। उनके बाद बाकी सदस्य बाहर निकले। नासा की चीफ फ्लाइट डायरेक्टर होली राइडिंग्स ने कहा- चारों क्रू सदस्य पूरी तरह स्वस्थ्य हैं और बेहतर महसूस कर रहे हैं। मेडिकल जांच के बाद वे अपने परिवार और दोस्तों से मिलेंगे।
1960-70 में नासा के मरक्यूरी, जेमिनी और अपोलो समुद्र में उतरे थे। बाद में जमीन पर लैंडिंग शुरू की। 2020 में स्पेसएक्स ड्रैगन के जरिए फिर पानी में लैंडिंग शुरू की। पूर्व सोवियत के सभी यान धरती पर उतरे थे। रूस का सोयूज और चीन का शेनझोऊ भी जमीन पर उतरते हैं।

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