दिल्ली हाईकोर्ट में केंद्र ने कहा- ऑक्सीजन के लिए दिल्ली सरकार हम पर अपनी जिम्मेदारी थोप रही ।

सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि दिल्ली सरकार अपनी जिम्मेदरी केंद्र सरकार पर थोप रही है, हम इसका विरोध करते हैं।

(एनएलएन मीडिया – न्यूज़ लाइव नाऊ): कोरोना के चलते ऑक्सीजन की कमी से देश जूझ रहा है। दिल्ली हाईकोर्ट ने राज्य के अस्पतालों को ऑक्सीजन की सप्लाई के मुद्दे पर रविवार को सुनवाई की। दिल्ली सरकार की पैरवी कर रहे वरिष्ठ वकील राहुल मेहरा ने कहा कि क्या केंद्र सरकार हमें अलॉट की गई 100 मीट्रिक टन ऑक्सीजन और नहीं दे सकती है?
सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि दिल्ली सरकार अपनी जिम्मेदरी केंद्र सरकार पर थोप रही है, हम इसका विरोध करते हैं। ऐसे बहुत सारे राज्य हैं, जहां कारखाने और फैक्ट्रियां नहीं हैं। फिर भी वे राज्य टेंकरों की व्यवस्था कर रहे हैं। दिल्ली सरकार को कुछ करने के लिए सिर्फ नया सोचने की जरूरत है।
मेहता ने कहा कि दिल्ली सरकार के अधिकारियों द्वारा किए गए काम को बखूबी समझते हैं। दिल्ली सरकार के अधिकारी केंद्र सरकार के अधिकारियों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम कर रहे हैं।
मेहरा ने कहा कि ऑक्सीजन का इस्तेमाल राज्य सरकार नहीं, बल्कि डॉक्टर कर रहे हैं। ना ही मैं और ना ही सॉलिसिटर जनरल ये बता सकते हैं कि डॉक्टर को क्या करना चाहिए। SG तुषार मेहता ने एक दिन पहले दिए हाईकोर्ट के आदेश में कुछ परिवर्तन करने की गुजारिश की। इसमें भी खासतौर पर कोर्ट के आदेशों की अवमानना वाला कॉलम। कोर्ट ने जवाब देते हुए कहा कि अवमानना कोर्ट के लिए हमेशा आखिरी विकल्प होता है।
कोरोना की दूसरी लहर के बीच दिल्ली में ऑक्सीजन की किल्लत पर दिल्ली हाईकोर्ट में शनिवार को भी सुनवाई हुई थी। इस बीच राजधानी के बत्रा अस्पताल में ऑक्सीजन खत्म होने की वजह से 12 कोरोना मरीजों को जान गंवानी पड़ी थी। अस्पताल की तरफ से बताया गया कि एक घंटे से भी ज्यादा समय तक ऑक्सीजन की सप्लाई नहीं थी, इस वजह से 8 कोरोना मरीजों की मौत हो गई। मरने वालों में डॉक्टर भी शामिल है। अस्पताल में 307 मरीज भर्ती हैं। इनमें से 230 ऑक्सीजन सपोर्ट पर हैं। कुछ देर बाद बत्रा अस्पताल के MD डॉ. एससीएल गुप्ता ने एक टीवी चैनल को 12 लोगों की मौत की जानकारी दी।
सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा था कि पानी अब सिर से ऊपर चला गया है। अब हमें काम से मतलब है। अब आपको (केंद्र सरकार) हर चीज की व्यवस्था करनी होगी। हाईकोर्ट ने केंद्र को निर्देश दिया है कि किसी भी हाल में आज 490 MT ऑक्सीजन पहुंचनी चाहिए। अगर इसका पालन नहीं किया गया तो अदालत अवमानना की कार्रवाई कर सकती है।फिलहाल आक्सीजन सप्लाई के लिए सरकार पूरी कोशिशों में लगी हुई है।

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