भारत ने संकट में दुनिया की मदद की, अब भारत की मदद के लिए दुनिया की बारी: यूएन महासचिव

UNGA के प्रेसिडेंट वोल्कान बोजकिर ने ट्वीट कर कहा कि भारत में वो कोरोना महामारी की त्रासदी देख बहुत चिंतित हूं। भारत ने कमजोर देशों को मुश्किल समय में वैक्सीन पहुंचाने के लिए बहुत कुछ किया। दुनिया के लिए भारत को सहायता और समर्थन करने का समय आ गया है।

(एनएलएन मीडिया – न्यूज़ लाइव नाऊ): भारत में कोरोना के कारण हालत अच्छे नहीं हैं। भारत में लगातार गंभीर होते कोरोना वायरस से निपटने के लिए पूरी दुनिया से मदद के लिए हाथ आगे बढ़ रहे हैं। इस बीच संयुक्त राष्ट्र ने भी भारत में बढ़ते संक्रमण के मामलों को लेकर गंभीर चिंता जताई है। संयुक्त राष्ट्र की 75वीं आम सभा के प्रेसिडेंट वोल्कान बोजकिर ने तो यहां तक कहा है कि इस देश ने मुश्किल समय में पूरी दुनिया को वैक्सीन दी है। अब दुनिया की बारी है कि वे भारत की सहायता करें। इस बीच संयुक्त राष्ट्र ने अपने एकीकृत आपूर्ति श्रृंखला के जरिये भारत को यथा संभव मदद की पेशकश की है।
UNGA के प्रेसिडेंट वोल्कान बोजकिर ने ट्वीट कर कहा कि भारत में वो कोरोना महामारी की त्रासदी देख बहुत चिंतित हूं। भारत ने कमजोर देशों को मुश्किल समय में वैक्सीन पहुंचाने के लिए बहुत कुछ किया। दुनिया के लिए भारत को सहायता और समर्थन करने का समय आ गया है। जब तक हर कोई सुरक्षित नहीं होगा तब तक कोई सुरक्षित नहीं होगा। मेरी संवेदना भारतीयों के साथ है।
संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंतोनियो गुतारेस के प्रवक्ता ने बताया कि कोविड-19 के बढ़ते मामलों और मौतों से जूझ रहे भारत को संयुक्त राष्ट्र ने अपने एकीकृत आपूर्ति श्रृंखला के जरिये यथा संभव मदद की पेशकश की है। संयुक्त राष्ट्र महासचिव के उप प्रवक्ता फरहान हक ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र के अधिकारी भारत के हालात को लेकर भारतीय अधिकारियों के संपर्क में हैं।
हक ने कहा कि हम विभिन्न स्तर पर संपर्क में हैं। मुझे जानकारी है कि हमारे चीफ डि कैबिनेट ने हाल में यहां भारत के स्थायी प्रतिनिधि से संपर्क किया था। हमारी प्रणाली के अधिकारी भी यहां न्यूयॉर्क और जमीन पर संपर्क में हैं। संयुक्त राष्ट्र महासिच के चीफ डि कैबिनेट मारिया लुयेजा रिबेरो वियोट्टी भारत में कोविड-19 के हालात को लेकर संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि टीएस तिरुमूर्ति के संपर्क में हैं।
उन्होंने यह भी बताया कि संयुक्त राष्ट्र द्वारा की जाने वाली मददों में हमने जरूरत पड़ने पर अपने एकीकृत आपूर्ति श्रृंखला से सहायता की पेशकश की है। हमें बताया गया कि इस समय इसकी जरूरत नहीं है क्योंकि भारत ने तार्किक रूप से अपनी प्रणाली को स्थिति से निपटने के लिए मजबूत किया है लेकिन हम अपनी पेशकश पर कायम हैं और हम जो भी मदद कर सकते हैं वह करने को इच्छुक हैं।
संयुक्त राष्ट्र यह सुनिश्चित कर रहा है कि भारत में उसके अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय कर्मी सुरक्षित रहें ताकि भारत की स्वास्थ्य प्रणाली पर बोझ नहीं बढ़े। सौभाग्य से हमारे कर्मियों में (संक्रमण के) बहुत कम मामले आए हैं। ऐसे में हमारा मानना है कि हम अपनी कोशिश में सफल हुए हैं और यह सुनिश्चित कर रहे हैं हम स्वास्थ्य प्रणाली पर दबाव नहीं बढ़ाएं जो पहले ही चुनौती का सामना कर रही है। फिलहाल भारत अपनी पूरी शक्ति और तंत्र के साथ कोरोना से लड़ने में लगा हुआ है।

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