आक्सीजन के खाली टैंकरों को विदेशों से भारत ला रही है वायुसेना ।

देश अभी पूरी तरह से ऑक्सीजन कनेक्शन स्थापित नहीं कर पाया है। इस वजह से दुनियाभर से खाली टैंकरों को भारत एयरलिफ्ट करने का अभियान तेज कर दिया गया है।

(एनएलएन मीडिया – न्यूज़ लाइव नाऊ): भारत में कोरोना का भयावह रूप फैला हुआ है, इसके चलते की देश भारत के सहयोग को सामने ये हैं। वहीं अब इंडियन एयरफोर्स ने भी मोर्चा संभाल लिया है। वायुसेना के एयरक्राफ्ट खाली ऑक्सीजन टैंकर लाने के लिए देश-विदेश में उड़ान भर रहे हैं। वायुसेना के C-17 ग्लोबमास्टर्स एयरक्राफ्ट ऑक्सीजन टैंकरों की शटल सेवा में तैनात हैं। ये दुनिया भर से खाली ऑक्सीजन टैंकर लाकर भारत के प्लांट्स तक पहुंचा रहे हैं।
देश अभी पूरी तरह से ऑक्सीजन कनेक्शन स्थापित नहीं कर पाया है। इस वजह से दुनियाभर से खाली टैंकरों को भारत एयरलिफ्ट करने का अभियान तेज कर दिया गया है। 25 अप्रैल को C-17 ग्लोबमास्टर्स एयरक्राफ्ट की मदद से दोपहर 3.30 बजे ग्वालियर एयरफोर्स बेस से रांची के लिए 15 लीटर की क्षमता वाले 2 क्रायोजेनिक ऑक्सीजन टैंकरों को एयरलिफ्ट किया गया। इसके बाद दो कंटेनर ग्वालियर से रांची एयरलिफ्ट किए गए। इससे पहले शनिवार को ही एयरफोर्स का सी-17 विमान हिंडन एयर बेस से सुबह 08.00 बजे पुणे एयर बेस के लिए रवाना हुआ था। यहां वो 2 खाली क्रायोजेनिक ऑक्सीजन कंटेनर ट्रकों को लेकर पहुंचा। इसके बाद यहां से उन्हें जामनगर एयरबेस एयरलिफ्ट कराया गया। इसके अलावा शनिवार को दो खाली कंटेनर जोधपुर से जामनगर पहुंचाए गए थे।
दरअसल, ऑक्सीजन से भरे सिलेंडर और कंटेनर्स को एयरलिफ्ट नहीं किया जा सकता है, क्योंकि आसमान में प्रेशर होने की वजह से लिक्विड ऑक्सीजन के लीक होने का खतरा रहता है। आगजनी की घटना हो सकती है। इसलिए एयरफोर्स के एयरक्राफ्ट का उपयोग खाली सिलेंडर और कंटेनर्स ले जाने के लिए किया जा रहा है। वहीं, चिनूक हेलीकॉप्टर और N-32 सेना का विमान भी कोविड टेस्टिंग इक्विपमेंट जम्मू से कारगिल और लेह लेकर पहुंचा है। इनमें बायो सेफ्टी कैबिनेट, सेंट्रीफ्यूज और स्टेबलाइजर्स शामिल थे। इन मशीनों को CSIR ने तैयार किया है।
इससे पहले C-17 विमान 26 अप्रैल को 7 खाली क्रायोजेनिक ऑक्सीजन कंटेनर एयरलिफ्ट करने दुबई में लैंड हुआ था। यहां से 06 ऑक्सीजन कंटेनर शाम 5:30 बजे पश्चिम बंगाल के पानागढ़ एयर बेस पर एयरलिफ्ट किए गए। रक्षा सचिव डॉक्टर अजय कुमार ने दुबई एयरपोर्ट पर सी-17 ग्लोबमास्टर का वीडियो ट्वीट करते हुए लिखा, “वायुसेना तबतक चैन से नहीं बैठेगी, जब तक देश की जरूरतें पूरी नहीं होती।”
वायुसेना की दुबई से ऑक्सीजन कंटनेर लाने के लिए विदेश से दूसरी उड़ान थी। इससे पहले शनिवार को भी C-17 वीमान 04 उच्च क्षमता के क्रायोजेनिक ऑक्सीजन टैंकर एयरलिफ्ट कर सिंगापुर से पानागढ़ आए थे।
अडाणी ग्रुप ने भी दुबई और वायुसेना का आभार जताया है। अडाणी ग्रुप ने बताया कि लिक्विड ऑक्सीजन के 12 क्रायोजेनिक टैंक हासिल किए गए हैं। इनसे पुणे, इंदौर और भोपाल से जामनगर, बड़ौदा से रांची और हिंडन से पानागढ़ तक क्रायोजेनिक ऑक्सीजन कंटेनरों की आपूर्ति की है। बैंकॉक से पानागढ़ एयर बेस तक कंटेनरों का एक और सेट लाया गया है।
वायुसेना के प्रवक्ता के मुताबिक, 27 अप्रैल को C-17 एयरक्राफ्ट से 7 शहरों से क्रायोजेनिक ऑक्सीजन कंटेनर एयरलिफ्ट कर जामनगर, रांची और भुवनेश्वर पहुंचाने के मिशन पर लगाया गया है। इसके अलावा दुबई और सिंगापुर से पानागढ़ एयर बेस के लिए कई सारे ऑक्सीजन कंटेनरों को एयरलिफ्ट किया जा रहा है। C-17 ने पुणे, इंदौर और भोपाल से जामनगर, बड़ौदा से रांची और हिंडन से पानागढ़ तक क्रायोजेनिक ऑक्सीजन कंटेनरों की आपूर्ति की है। दिल्ली के करीब हिंडन एयरबेस से ग्लोबमास्टर लगातार जामनगर, पानागढ़, ग्वालियर, बेगमपेट (हैदराबाद), लेह, जम्मू, चंडीगढ़, जोधपुर, पुणे के लिए उड़ान भर रहे हैं। इसके अलावा C-130 जे सुपर हरक्युलिस, IL-76 और ट्रांसपोर्ट हेलीकॉप्टर्स भी इस संकट की घड़ी में कोरोना के खिलाफ जंग लड़ रहे हैं। फिलहाल कोरोना को हराने के लिए देश की जनता और सरकार पूरी कोशिशों में लगी हुई है।

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