बिहार- पटना : दानापुर में पीपा पुल को तोड़ सवारी जीप गंगा में गिरी, एक ही परिवार के 9 लोगों की ही मृत्यु ।

। स्थानीय लोगों ने नाव के सहारे गाड़ी को निकालने का भरसक प्रयास किया लेकिन गाड़ी निकालने में नाकामयाब रहे।

(एनएलएन मीडिया – न्यूज़ लाइव नाऊ): बिहार से एक दर्दनाक हादसे की खबर है। बिहार की राजधानी पटना से सटे दानापुर में पीपा (अस्थायी) पुल से अनियंत्रित होकर एक सवारी जीप शुक्रवार सुबह गंगा में समा गई। हादसे में एक ही परिवार के 9 लोगों की मौत हो गई, जबकि ड्राइवर और जीप के ऊपर बैठे 2 लोग तैरकर बाहर निकल गए। शुरू में इस गाड़ी पर 18 लोगों के होने की बात आई थी, लेकिन जिंदा बचे लोगों ने गोताखोरों की मेहनत से निकाली गई 1 लाश और समाई जीप के अंदर मिली 8 लाशों की पहचान करने के बाद बताया कि इतने ही लोग थे।
अकिलपुर दियारा में 21 अप्रैल को मदन सिंह के पुश्तैनी घर में तिलक समारोह था। इसी परिवार का घर दानापुर के नासरीगंज में भी है। शादी 26 अप्रैल को नासरीगंज से होनी थी। शादी मदन सिंह के बेटे राकेश कुमार की थी। इसी को लेकर सामान के साथ घर के 12 सगे-संबंधी दानापुर पीपा पुल के रास्ते नासरीगंज आ रहे थे। इसी बीच गाड़ी पीपा पुल से अनियंत्रित होकर गंगा नदी में गिर गई। स्थानीय लोगों ने नाव के सहारे गाड़ी को निकालने का भरसक प्रयास किया लेकिन गाड़ी निकालने में नाकामयाब रहे। मरने वालों में रामाकांत सिंह (66 वर्ष), अरविंद सिंह (50 वर्ष), गीता देवी (55 वर्ष), अनुरागी देवी (65 वर्ष), गायत्री देवी (50 वर्ष), सरोज देवी (50 वर्ष), आशीष कुमार (10 वर्ष), मधु कुमारी (14 वर्ष) और शिव कुमार (12 वर्ष) शामिल हैं। गाड़ी में राकेश कुमार नहीं था। घटना की सूचना मिलने के बाद वह पीपा पुल के पास पहुंचा तो अपने संबंधियों की लाशें देखकर बेहोश हो गया। परिवार की बची महिलाएं भी वहां पहुंचते ही बेहोश हो गईं। CM नीतीश कुमार इस हादसे पर गहरा शोक व्यक्त किया है और मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख का अनुग्रह अनुदान देने का निर्देश अधिकारियों को दिया है। उन्होंने हादसे के जांच के आदेश दे दिए हैं।
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में अस्थायी रूप से लोहे के पीपा से तैयार होने वाले पुल से कोई भी गाड़ी गुजरती है तो इसमें कंपन होता है। शुक्रवार को जब पीपा पुल की रेलिंग को तोड़ती हुई यह सवारी जीप पुल में गिरी तो तेजी से पुल हिला। यह देखकर पीछे की गाड़ियां तेजी से घटनास्थल पर पहुंचीं, लेकिन तबतक जीप गंगा में समा गई। लोगों का शोर सुन दोनों तरफ से करीब 2 हजार से ज्यादा लोग पुल पर पहुंच गए, जबकि करीब 10 हजार से ज्यादा लोग गंगा किनारे जुट गए।
ड्राइवर के अलावा छत पर बैठे 2 लोग ही जिंदा बचे
किसी भी गाड़ी की छत पर बैठना मना भी है और खतरनाक भी, लेकिन शुक्रवार को गंगा में समाने वाली सवारी जीप के ड्राइवर मुकेश कुमार के अलावा इसकी छत पर बैठे 2 लोग ही जिंदा बचे। इनमें से एक सुजीत कुमार सिंह ने दैनिक भास्कर को बताया कि जीप के अंदर जितने लोग थे, वह उसी के अंदर बैठे रह गए और गंगा के पानी में दम घुटने से उनकी मौत हो गई। वजन के कारण गाड़ी कुछ ही मिनट में अंदर समा गई। हादसे के कुछ पल के अंदर गाड़ी से बाहर निकले शख्स की लाश सबसे पहले गोताखोरों ने निकाली थी। बाकी लाशें जीप से निकलीं।
शुरू में गोताखोरों ने एक महिला की लाश निकाली और उधर परिवार के 2 लोग जिंदा तैरकर बाहर निकले थे। एक ही लाश मिलने और बाकी लोगों के गायब रहने की खबर मिलने के कारण जिंदा बचे दोनों लोग जिद पर अड़ गए कि जबतक गाड़ी नहीं मिलती, पोस्टमार्टम के लिए लाश उठने नहीं देंगे। मौजूद भीड़ ने भी उनका साथ दिया। इसके बाद प्रशासन ने गोताखोरों की मदद से 1 घंटे तक सर्च ऑपरेशन चलाया। घटनास्थल से कुछ दूर पर सवारी जीप गंगा में 25 फीट की गहराई पर मिली। इसके बाद पीपा पुल पर आई JCB ने गंगा से जीप को खींचकर निकाला तो 8 लाशें अंदर ही नजर आईं। इस हादसे की खबर से पूरे क्षेत्र में सदमे का माहौल है।

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