IMF ने की कृषि कानूनों की तारीफ, Agricultural Laws को बताया अहम कदम

(एनएलएन मीडिया – न्यूज़ लाइव नाऊ): अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) का मानना है कि भारत सरकार द्वारा पारित कृषि बिल ‘कृषि सुधारों के लिए एक महत्वपूर्ण कदम का प्रतिनिधित्व करने की क्षमता रखते हैं’। बता दें कि बीते डेढ़ महीने से कृषि सुधार कानूनों को लेकर केंद्र और प्रदर्शनकारी किसानों के बीच लड़ाई चल रही है। IMF के संचार निदेशक गेरी राइस ने गुरुवार को वाशिंगटन में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “हालांकि, उन लोगों के लिए सामाजिक सुरक्षा जाल को मजबूत करने की जरूरत है जो नए सिस्टम में बदलाव से प्रतिकूल रूप से प्रभावित हो सकते हैं। हमारा मानना है कि भारत में कृषि सुधारों के लिए कृषि बिल में एक महत्वपूर्ण कदम का प्रतिनिधित्व करने की क्षमता है।” उन्होंने कहा, “यह कदम किसानों को विक्रेताओं के साथ सीधे अनुबंध करने में सक्षम करेगा, बिचौलियों की भूमिका को कम करते हुए, दक्षता बढ़ाते हुए और ग्रामीण विकास का समर्थन करने हुए किसानों को अधिशेष की अधिक हिस्सेदारी को बनाए रखने की अनुमति देगा।” उन्होंने आगे कहा- “यह महत्वपूर्ण है कि सामाजिक सुरक्षा जाल पर्याप्त रूप से उन लोगों की मदद करे जो इस नए सिस्टम में बदलाव से प्रतिकूल रूप से प्रभावित हो सकते हैं। यह इस चीज़ को सुनिश्चित करके किया जा सकता है कि नौकरी बाजार उन लोगों को समायोजित करे जो सुधारों से प्रभावित होते हैं। और, निश्चित रूप से, इन सुधारों का फायदा प्रभावी रूप से, उनके कार्यान्वयन की प्रभावशीलता और समय पर निर्भर करेंगे, इसलिए सुधार के साथ उन मुद्दों पर भी ध्यान देने की आवश्यकता है।” IMF प्रमुख क्रिस्टालिना जॉर्जीवा ने कोरोना वायरस महामारी और इसके आर्थिक परिणामों से निपटने के लिए “बहुत निर्णायक” कदम उठाने के लिए भारत की सराहना की है और देश की अर्थव्यवस्था में तुरंत सुधार सुनिश्चित करने के लिए इस वर्ष और अधिक कदम उठाने के लिए कहा है। IMF की प्रबंध निदेशक ने गुरुवार को एक वैश्विक मीडिया परिचर्चा के दौरान आगामी ‘वर्ल्ड इकोनॉमिक अपडेट’ में भारत के लिए कम खराब स्थिति का अनुमान लगाया है, जो उसके द्वारा उठाए गए कदमों के कारण है। जॉर्जीवा ने कहा, ‘‘जब मैंने सभी को 26 जनवरी तक इंतजार करने के लिए कहा, तो यह भारत के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण है। आपको हमारे अपडेट में एक तस्वीर दिखाई देगी जो कम खराब है। क्यों? क्योंकि देश (भारत) ने महामारी और इसके आर्थिक परिणामों से निपटने के लिए वास्तव में बहुत ही निर्णायक एवं बड़ा कदम उठाया है।’’ आईएमएफ 26 जनवरी को अपना ‘वर्ल्ड इकोनॉमिक अपडेट’ जारी करने वाला है। उन्होंने कहा कि अधिक आबादी वाले भारत के लिए लॉकडाउन लगाना बहुत बड़ी चुनौती थी, जहां जनसंख्या का घनत्व काफी अधिक है, तब भारत ने अधिक सुनियोजित ढंग से प्रतिबंधों को लागू किया और लॉकडाउन लगाया। जॉर्जीवा ने कहा कि यह हम सभी ने देखा है कि भारत ने किस तरह से अपने निर्णायक कदमों से संक्रमण के अधिक प्रसार को रोका है।इसके अलावा, पूरे विश्व के संदर्भ में आईएमएफ प्रमुख ने कहा कि वर्ष 2021 के लिए वैश्विक विकास का अनुमान अक्टूबर में किए गए पिछले अनुमानों की तुलना में कम भयानक तस्वीर पेश करता है। उन्होंने कहा कि यह “काफी अहम वर्ष” होने वाला है क्योंकि दुनिया कोरोना वायरस महामरी से उबरने और टीकों की उपलब्धता के बीच एक अभूतपूर्व चुनौती का सामना कर रही है।

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