लॉकडाउन बढ़ाने के लिए पांच राज्यों ने रखा पक्ष , सशर्तीय खुल सकता है लॉकडाउन।

(एनएलएन मीडिया – न्यूज़ लाइव नाऊ):राघव गुप्ता : वीडियो कॉन्फ़्रेंसिंग के माध्यम से हुई मीटिंग में पीएम मोदी और सभी राज्यों के सीएम ने लॉकडाउन पे गहरा किया। जहाँ कुछ राज्यों में सशर्तीय लॉकडाउन हटाने का आग्रह किया है वहीँ पांच राज्यों ने उससे बढ़ाने की भी बात राखी है।  जिसमें पश्चिम बंगाल , महाराष्ट्र , पंजाब ,  बिहार , तेलंगाना है। ग्रीन के साथ साथ आरेंज और रेड जोन में भी थोड़ी और नरमी हो सकती है। यानी कंटेनमेंट क्षेत्र को छोड़कर बाकी में गतिविधि को थोड़ा और सामान्य बनाया जाएगा। औद्योगिक गतिविधि को तेज करने के लिए जरूर अतिरिक्त नरमी बरती जाए लेकिन जीवन अभी सामान्य नहीं होंगे। आवागमन, मनोरंजन, शिक्षा जैसे क्षेत्रों में इंतजार करना पड़ेगा। लॉकडाउन 3 रविवार तक लागू है।पिछले कुछ दिनों में केंद्र सरकार की ओर से लगातार राहत बढाई जा रही है। दरअसल यह विचार अब हावी हो रहा है कि लंबे समय तक लॉकडाउन नहीं रखा जा सकता है। और इसीलिए आगामी सोमवार से बड़ी राहत देने का मन था, लेकिन सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ सभी मुख्यमंत्रियों की लंबी चर्चा में बिहार, पंजाब, तेलंगाना, पश्चिम बंगाल और महाराष्ट्र ने खुलकर लॉकडाउन बढ़ाने का सुझाव दिया। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कहा कि इसके बिना नहीं चल सकता है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने राजनीति का भी सवाल उठाया लेकिन लॉकडाउन बढ़ाने की बात कही। तमिलनाडु ने भी रेल और हवाई सेवा से साफ मना कर दिया। राजस्थान की ओर से रेड जोन में पूरी पाबंदी का सुझाव आया।वहीं प्रधानमंत्री ने अपने शुरूआती संबोधन में टीम वर्क पर जोर देते हुए कहा कि अब कोरोना के विस्तार का आकलन हो गया है। इसे एकजुट होकर ही हराना होगा। वहीं धीरे धीरे शुरू हो रही आर्थिक गतिविधियों को तेज भी करना होगा।प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत ने सफलता के साथ नियंत्रित किया है और वैश्विक स्तर पर इसे सराहा भी जा रहा है। आगे की राह पर बढ़ते हुए भी इसका ध्यान रखना होगा कि कोरोना का विस्तार न हो। हमें जरूरी सुरक्षा मानकों का ध्यान रखना ही होगा। दो सत्रों में चली बैठक में सभी मुख्यमंत्रियों को बोलने का अवसर दिया गया। अब तक ऐसी चार बैठकों में हर बार अलग-अलग सात आठ मुख्यमंत्रियों को ही बोलने का अवसर मिलता था।सूत्रों के अनुसार लगभग पांच घंटे तक चली बैठक में जो निचोड़ निकल रहा है उसके अनुसार यह मानकर चलना चाहिए कि लॉकडाउन जाते- जाते ही जाएगा। इस बीच राज्यों को टेस्टिंग और उपचार को गति देनी होगी। रेल सेवाओं की पहली खेप मंगलवार से शुरू हो रही है। बताया जाता है कि बहुत ही सीमित स्तर पर अंतरर्देशीय हवाई सेवा भी शुरू हो सकती है। कंटेनमेंट जोन में जरूर सख्ती बनी रहेगी लेकिन बाकी के क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियां तेज होंगी। यानी अधिकतर दुकानें भी खुलेंगी। हालांकि यह राज्यों को तय करना होगा कि इसे किस तरह संचालित किया जाए।

You might also like More from author

Leave A Reply

Your email address will not be published.