ICMR ने बताया- कोरोना का वायरस चमगादड़ से इंसान में कैसे आया हो सकता है।

(एनएलएन मीडिया – न्यूज़ लाइव नाऊ) : ओम तिवारी : कोरोना वायरस के बारे में जानकारी देने के लिए ICMR की ओर से प्रेस ब्रीफिंग दी गई।  कोरोना वायरस चमगादड़ों में पाया जाता है, लेकिन वह चमगादड़ों का ही वायरस होता है, इंसानों में नहीं आ सकता। भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) के प्रवक्ता ने आज कोरोना पर डेली ब्रीफिंग के दौरान बताया कि चमगादड़ों से इंसान में कोरोना वायरस आने की घटना हजार साल में एकाध बार हो जाए तो यही बहुत बड़ी बात है। उन्होंने कहा, ‘चमगादड़ दो तरह किस्म होते हैं। उनमें कोरोना वायरस पाया तो गया, लेकिन वह चमगादड़ का ही वायरस है। वह इंसान में नहीं आ सकता है। ऐसा संभव है भी तो हजार साल में एकाध बार होता होगा।’ प्रवक्ता ने कहा, ‘कोरोना वायरस चमगादड़ों के अंदर भी पाया जाता है। चीन में हुए रिसर्च से पता चला है कि चमगादड़ से सीधे इंसान में आया होगा या फिर पेंगुलीन नामक जानवर के जरिए इंसान में आया होगा।’ ICMR ने बताया कि बैट्स का वायरस का ऐसा म्यूटेशन डिवेलप हुआ जिससे उसके अंदर इंसान के अंदर क्षमता पैदा हो गई। वह ऐसा विषाणु बन गया होगा जो इंसानों में आकर बीमार करने को सक्षम हो गया हो। ऐसा वायरस इंसान में आया होगा।वहीं, लॉकडाउन की समयसीमा 3 मई तक बढ़ाने के बाद सरकार पूरे देश में कोविड-19 मैनेजमेंट को भी पुख्ता कर रही है। स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रवक्ता लव अगरवाल ने बताया कि जिलों को स्पेशल कोविड सेंटर्स तैयार करने का निर्देश दिया गया है। उन्हें कहा गया है कि क्लिनिकल मैनेजमेंट की पुख्ता व्यवस्था करना है। उन्होंने कहा, ‘जो जिले अब तक वायरस से अछूते हैं, उन जिलों को संक्रमण से दूर रखने की कोशिश होती रहे। एक जिले की असफलता, पूरे देश की असफलता का कारण बन सकती है।’ उन्होंने बताया कि कैबिनेट सचिव की अध्यक्षता में राज्यों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से चर्चा हुई। इस मीटिंग में कंटेनमेंट स्ट्रैटिजी फील्ड लेवलल को मैनेज करने के बारे में बताया गया। कंटेनमेंट जोन में स्पेशल टीम के जरिए सैंपल टेस्टिंग की जाएगी। बफर जोन में सभी स्वास्थ्य सुविधाएं दी जाएंगी। जिलों के सभी स्टाफ को उचित प्रशिक्षण देने का निर्देश दिया गया है। अगरवाल ने कहा, ‘देश के सभी जिलों को हॉटस्पॉट, नॉन-हॉटस्पॉट और ग्रीन जोन डिस्ट्रिक्ट में बांटा गया है। वो जिले जहां ज्यादा केस आ रहे हैं या बीमारी बढ़ने की दर ज्यादा है।’ उधर, गृह मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि जो क्षेत्र वायरस के संक्रमण के हॉटस्पॉट नहीं होंगे, उनमें 20 अप्रैल से कुछ छूट दी जाएगी। उन्होंने कहा, ‘आज गृह मंत्रालय ने आज आदेश जारी कर कहा है कि जो भी लॉकडाउन के दिशा-निर्देशों का कड़ा अनुपालन करना होगा। जिन गतिविधियों में राहत दी जाएंगी, उनमें सोशल डिस्टैंसिंग के नजरिए से कुछ शुरुआती काम करना जरूरी है।’ उन्होंने कहा कि अब ग्रामीण अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहन दिया जाएगा। इसके तहत जो लोग मनरेगा में काम करना चाहते हैं, उन्हें रोजगार के अवसर दिए जाएंगे। हालांकि, मजदूरों को मास्क लगाने होंगे। मनरेगा के कामों में सिंचाई, जल संरक्षण के काम को प्राथमिकता दी जाएगी। किसानों को राहत देने के लिए उनकी उपज की खरीद और उन्हें बाजार मुहैया कराने पर जोर दिया जा रहा है। बागवानी, पशुपालन आदि के काम भी होंगे।

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