कांग्रेस को बड़ा झटका, ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कांग्रेस से दिया इस्तीफा

मुख्यमंत्री कमलनाथ से नाराज चल रहे सिंधिया ने मंगलवार को कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया।

(एनएलएन मीडिया – न्यूज़ लाइव नाऊ): मध्य प्रदेश के राज परिवार से आने वाले ज्योतिरादित्य सिंधिया ने अपनी ही पार्टी यानी कांग्रेस को सबसे बड़ा झटका दिया है। मुख्यमंत्री कमलनाथ से नाराज चल रहे सिंधिया ने मंगलवार को कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया। सिंधिया ने खुद ट्वीट कर अपने इस्तीफे की जानकारी दी है। सिंधिया के इस्तीफे के बाद उनके खेमे के 20 कांग्रेस विधायकों ने भी इस्तीफे दे दिए हैं। साथ ही सूत्रों से ये जानकारी भी मिल रही है कांग्रेस के सात और विधायक भी बीजेपी के संपर्क में हैं। इन 20 विधायकों में पांच मंत्री भी शामिल हैं, जिन्होंने मध्य प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष को अपने इस्तीफे भेज दिए हैं। ये विधायक कर्नाटक में हैं और वहीं से बाकायदा एक तस्वीर भी जारी की गई है। इन इस्तीफों के साथ ही कमलनाथ सरकार के जाने की पटकथा फाइनल हो गई है। सिंधिया के इस फैसले को कांग्रेस ने गद्दारी बताया है और कहा है कि अब मध्य प्रदेश में हमारी सरकार नहीं बच पाएगी। इस्तीफा देने से पहले सिंधिया दिल्ली में सुबह अपने आवास से निकलकर सीधे गृहमंत्री अमित शाह से मिलने पहुंचे और इसके बाद शाह के साथ ही वो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आवास पहुंच गए। पीएम के आवास पर सिंधिया की बैठक सुबह 10.45 बजे शुरू हुई। करीब एक घंटे तक पीएम नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह और ज्योतिरादित्य सिंधिया के बीच बैठक चली। पीएम मोदी से मुलाकात के बाद सिंधिया अमित शाह की कार में बैठकर ही बाहर निकले। इससे पहले सिंधिया अपने आवास से अकेले खुद कार चलाकर अमित शाह के घर पहुंचे थे, जहां से अमित शाह के काफिले में लोक कल्याण मार्ग पर पीएम आवास पहुंचे। पीएम मोदी से मुलाकात के बाद ही ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कांग्रेस की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। सिंधिया ने अपना इस्तीफा पार्टी की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी को भेजने के साथ ही इसे अपने ट्विटर हैंडल पर भी साझा किया है। सिंधिया ने इस इस्तीफे में कहा है कि वे जनसेवा के लिए राजनीति में आए हैं और बीते कुछ समय से कांग्रेस में रहते हुए ऐसा नहीं कर पा रहे थे। सिंधिया आज ही बीजेपी में शामिल हो सकते हैं। इतना ही नहीं, जिस सम्मान के लिए सिंधिया कांग्रेस में लड़ रहे थे, वो सम्मान उन्हें बीजेपी में दिया जाएगा। सूत्रों के मुताबिक, ज्योतिरादित्य सिंधिया को बीजेपी राज्यसभा भेज सकती है और इस तरह उन्हें संसद सत्र के बाद कैबिनेट विस्तार कर मोदी सरकार में शामिल किया जा सकता है। सिंधिया के पाले में आते ही बीजेपी ने सरकार बनाने की तैयारी शुरू कर दी है। आज बीजेपी की केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक के साथ बीजेपी संसदीय बोर्ड की बैठक भी बुलाई गई है। इस बैठक में मध्य प्रदेश में शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में सरकार बनाने को हरी झंडी दी जाएगी। मध्य प्रदेश में 230 विधानसभा सीटें हैं। यहां 2 विधायकों का निधन हो गया है। इस तरह से विधानसभा की मौजूदा शक्ति 228 हो गई है। कांग्रेस के पास कुल 121 विधायकों का समर्थन हासिल था, जिनमें से 20 ने इस्तीफे दे दिए हैं। यानी अब कांग्रेस के पास 101 विधायकों का ही समर्थन रह गया है। जबकि बीजेपी के पास अपने 107 विधायक हैं। 20 विधायकों के इस्तीफे के बाद विधानसभा की संख्या 208 रह जाएगी, जिसके लिहाज से बहुमत के लिए 105 विधायकों की जरूरत होगी। ऐसे में ताजा ताकत के हिसाब से बीजेपी कांग्रेस से आगे है और उसके पास सरकार बनाने का मौका है।

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