कांग्रेस के साथ गठबंधन को लेकर कुमारस्वामी के बदलते मिज़ाज ।

कर्नाटक , पूर्व मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी ने कांग्रेस पार्टी से गठबंधन तोड़ने के दिए संकेत ।

(एनएलएन मीडिया – न्यूज़ लाइव नाऊ) : एचडी कुमारस्वामी ने कांग्रेस पार्टी छोड़ने की ओर इशारा किया है। उन्होंने रविवार को कार्यकर्ताओं से कहा कि अब हमें किसी गठबंधन की जरूरत नहीं। मुझे सत्ता नहीं, आपका प्यार चाहिए। इससे पहले उन्होंने कहा था कि वे राजनीति छोड़कर शांति से रहने की सोच रहे हैं। इस पर, भाजपा नेता जगदीश शेट्टार ने कहा कि कुमारस्वामी चुनाव हारने पर कई बार घड़ियालू आंसू बहा चुके हैं। पूरा देवेगौड़ा परिवार ड्रामेबाज है। 23 जुलाई को फ्लोर टेस्ट के दौरान कुमारस्वामी की गठबंधन सरकार गिर गई थी। कुमारस्वामी ने मंड्या की सभा में दावा किया- येदियुरप्पा की भाजपा सरकार ज्यादा दिनों तक नहीं रहेगी। राज्य में जल्द ही 17 सीटों पर उपचुनाव या सभी 224 विधानसभा सीटों पर चुनाव हो सकते हैं। कार्यकर्ताओं को इसकी तैयारी शुरू कर देनी चाहिए। उन्होंने शनिवार को कहा, ‘‘मैं संयोग से राजनीति में आया और फिर एक्सीडेंटल सीएम बना था। ईश्वर ने मुझे दो बार मुख्यमंत्री पद संभालने का मौका दिया। मैं यहां हर किसी को संतुष्ट करने के लिए नहीं था। पिछली सरकार के 14 महीने में राज्य के विकास के लिए काम किया। इससे मैं संतुष्ट हूं। मैं अब शांति से परिवार के साथ रहना चाहता हूं। आज राजनीति कहां चली गई है। यह अच्छे लोगों के लिए नहीं रही। राजनीति जातिगत हो गई है।  ऐसी राजनीति मेरे परिवार में मत लाओ। मुझे शांति से रहने दो।  मैं अब राजनीति में नहीं रहना चाहता। मैं लोगों के दिल में जगह बनाना चाहता हूं। भाजपा नेता जगदीश शेट्टार कुमारस्वामी के बयानों पर कहा, हम उनके बयानों को गंभीरता से नहीं लेते हैं। क्योंकि देवेगौड़ा और कुमारस्वामी नौटंकी करते हैं। जब भी चुनाव हारते हैं तो घड़ियालू आंसू बहाने लगते हैं। वह कई बार राजनीति छोड़ने की बात कह चुके हैं। देवेगौड़ा परिवार के लोग जो कहते हैं, हमेशा उसके विपरित ही काम करते है। कुमारस्वामी दूसरी बार कांग्रेस के सहयोग से मुख्यमंत्री बने थे। उन्होंने 14 महीने तक कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन सरकार चलाई। लेकिन जून में दोनों पार्टियों के 16 विधायकों ने इस्तीफा दे दिया। येदियुरप्पा की अगुआई में भाजपा ने इनके इस्तीफे की मांग की थी। इसके बाद कुमारस्वामी विश्वास मत प्रस्ताव लेकर आए, लेकिन चार दिन चली चर्चा के बाद सरकार का प्रस्ताव 23 जुलाई को फ्लोर टेस्ट में 99 के मुकाबले 105 मतों से गिर गया था। इसके बाद कर्नाटक में BJP की सरकार बनी और येदियुरप्पा चौथी बार मुख्यमंत्री पद पर विराजमान हुए ।

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