Media के बाद अब संसद में भी ‘शरिया’ की आहट, सांसदों को मिला ‘इस्लाम’ कबूलने का न्योता

(एनएलएन मीडिया – न्यूज़ लाइव नाऊ) : नई दिल्ली।ये वही सदन है जहां गोडसे शब्द को असंसदीय घोषित कर रखा गया था लगभग 70 वर्षो से . ये वही सदन है जहाँ हिन्दू और हिंदुत्व की बात करने वालों को लगातार साम्प्रदायिक शक्ति के नाम से बुलाया गया है . यही वो जगह है जहाँ कुछ सांसदों द्वारा बंगलादेशियो को समर्थन देना और हिन्दुओ को अपमानित करना एक प्रथा सी बन गयी थी .. यही वो जगह है जहाँ धर्मनिरपेक्षता की तमाम लोगों द्वारा दुहाई दी जाती है, पर अब वहीँ हुआ कुछ और ही. 

ज्ञात हो कि शायद इतिहास में ये पहला मौक़ा है जब संसद में खड़े हो कर किसी ने तमाम सांसदों को इस्लाम कबूल करने की खुली दावत दी हो . ये दावत देने वाला कोई और नहीं बल्कि ओवैसी है . तीन के मुद्दे पर बोलते हुए अपना पक्ष रखते हुए ओवैसी ने खुलेआम तमाम सांसदों को इस्लाम कबूल करने की बात कह डाली . ओवैसी ने अपने बयान में कहा कि – ” में आप को तौहीद और खत्म ए नब्बुव्वत की दावत देता हूँ”. 

ध्यान देने योग्य है कि इस्लामिक जानकारों के अनुसार “एक खुदा को मानना ही तौहीद है और खत्म ए नब्बुवत का मतलब ये है कि मोहम्मद पैगम्बर ही दुनिया में भेजे गए आखिरी नबी थी जिनके बाद अब कोई और नबी नहीं आयेंगे. इसका इकरार करने की दावत देने का मतलब सीधे सीधे इस्लाम कबूल करने की दावत देना हुआ जिस पर पक्ष या विपक्ष के किसी एक भी सांसद ने आवाज नहीं उठाई .. यहाँ तक कि ओवैसी के भाषण पर विपक्ष के कुछ लोग डेस्क थपथपा कर उसको समर्थन भी देते रहे .. अभी कुछ दिन पहले ही मीडिया की महिला कर्मियों के लिए दारुल उलूम का फतवा आया था कि वो खबर पढ़ते समय स्कार्फ बांधे .. अब उसी शरिया कानून की दस्तक भारत की संसद में हुई है जिस पर बुद्धिजीवी और तथाकथित सेकुलर वर्ग खामोश है . नीचे लिंक देखिये और सुनिए उस न्योते को जो शायद इतिहास में पहली बार दिया गया है. 

You might also like More from author

Leave A Reply

Your email address will not be published.