क्लास 1 और 2 के बच्चों को होमवर्क देने पर रोक का मद्रास हाईकोर्ट ने दिया आदेश

अपने फैसले में जज ने कई तरह की रिसर्च स्टडी और पैरेंटिंग साइकोलोजिस्ट का उल्लेख भी किया।

(एनएलएन मिडिया -न्यूज़ लाइव नाउ) : मद्रास हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसला देते हुए CBSE स्कूलों में क्लास वन और टू के स्टूडेंट्स को होमवर्क देने पर रोक लगा दी है। मंगलवार को दिए अपने आदेश में कोर्ट ने स्कूली बैग के बढ़ते बोझ को लेकर कहा कि बच्चे कोई वेटलिफ्टर नहीं हैं। कोर्ट ने केंद्र सरकार को हिदायत देते हुए कहा कि वो राज्य सरकारों को निर्देश देकर बच्चों के बैग का वजन कम कराए। कोर्ट ने स्कूलों में NCERT (नेशनल काउंसिल फोर एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग) किताबों को अनिवार्य का निर्देश भी दिया ।कोर्ट ने ये अंतरिम आदेश एडवोकेट एम. पुरुषोत्तम द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया। पुरुषोत्तम ने ये याचिका CBSE स्कूलों में NCERT किताबों को अनिवार्य बनाने के लिए दायर की थी।फैसला सुनाने के दौरान जस्टिस एन. किरुबाकरण की बेंच ने तेलंगाना और महाराष्ट्र राज्य सरकार की ओर से जारी आदेश का उल्लेख भी किया। इन दोनों राज्य सरकारों के आदेश को बताते हुए कोर्ट ने केंद्र सरकार से कहा कि वो राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों की सरकारों को ‘चिल्ड्रेन स्कूल बैग पॉलिसी’ लागू करवाए। इस पॉलिसी की मदद से बच्चों के बैग का वजन कम किया जा सकता है।
सुनवाई के दौरान जज, याचिकाकर्ता-एडवोकेट की इस दलील से सहमत नजर आए कि CBSE स्कूलों में क्लास वन और टू के बच्चों को भी होमवर्क दिया जा रहा है, जबकि NCERT ने इस पर रोक लगा रखी है।इससे पहले राज्य सरकारों को ये सुनिश्चित करने के लिए कहा गया था बच्चों के बैग का वजन उनके खुद के वजन के 10% से ज्यादा नहीं होना चाहिए। हालांकि इसका ज्यादा असर नहीं हुआ, जिसके बाद कोर्ट ने एकबार फिर केंद्र सरकार से पुराने आदेश का पालन कराने के लिए कहा है।

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