भारत-आसियान देशों की मीटिंग में म्यांमार को नहीं बुलाया गया, जानें क्या हो सकते हैं कारण ।

म्यांमार भारत के साथ 1640 किलोमीटर लंबी सीमा साझा करता है। भारत ने म्यांमार के साथ मिलकर उत्तर-पूर्व के क्षेत्र में उग्रवाद को खत्म करने के लिए एकसाथ काम किया है।

(एनएलएन मीडिया – न्यूज़ लाइव नाऊ): म्यांमार को भारत-आसियान देश के शिखर सम्मेलन में न्यौता नहीं दिया गया है।हाल ही में अमेरिका में आसियान देशों की बैठक हुई। इस बैठक में म्यांमार को नहीं बुलाया गया था। क्यों? क्योंकि वहां पर सैन्य सरकार का नियंत्रण है। अब जून 2022 में भारत-आसियान शिखर सम्मेलन होने को है। और रिपोर्ट्स के मुताबिक इस बैठक से भी म्यांमार बाहर रह सकता है। हालांकि एक रिपोर्ट बताती है कि इस बैठक में म्यांमार के कुछ अधिकारी शामिल हो सकते हैं।
म्यांमार भारत का एक महत्वपूर्ण पड़ोसी देश है। म्यांमार भारत के साथ 1640 किलोमीटर लंबी सीमा साझा करता है। भारत ने म्यांमार के साथ मिलकर उत्तर-पूर्व के क्षेत्र में उग्रवाद को खत्म करने के लिए एकसाथ काम किया है। ऐसे में म्यांमार भारत के लिए एक अहम आसियान देश है। लेकिन लोकतांत्रिक भारत मौजूदा वक्त में सैन्य नियंत्रण वाले शासन से खुलकर बात करने से बचता दिख रहा है। एक रिपोर्ट बताती है कि भारत को म्यांमार के दोनों पक्षों को ‘राजनीतिक सुलह’ का सुझाव देते हुए आसियान और जापान के उदाहरण का पालन करना चाहिए। हिंद महासागर और भारत के पड़ोसी देशों में चीन के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए भी भारत को म्यांमार से बेहतर संबंध बनाए रखने चाहिए और ऐसे में यह जरूरी है कि भारत म्यांमार के मुद्दों पर एक राजनयिक दृष्टिकोण अपनाए।
भारत म्यांमार में कई बड़े प्रोजेक्ट्स पर काम कर रहा है जिसमें कलादान मल्टी-मॉडल ट्रांजिट ट्रांसपोर्ट प्रोजेक्ट शामिल है। इसके जरिए सित्तवे पोर्ट के माध्यम से उत्तर-पूर्व भारत को कोलकाता से जोड़ा जाएगा। भारत 1,360 किलोमीटर लंबे भारत-म्यांमार-थाईलैंड राजमार्ग का भी निर्माण कर रहा है। यह दोनों प्रोजेक्ट भारत के लिए रणनीतिक तौर पर बेहद अहम हैं।
भारत म्यांमार में लोकतंत्र का हिमायती रहा है लेकिन फरवरी 2021 में जनरल मिन आंग हलिंग द्वारा सत्ता पर कब्जा किए जाने के बाद संयुक्त राष्ट्र महासभा में म्यांमार को फटकार लगाने वाले एक प्रस्ताव पर मतदान से परहेज किया है। आसियान देश भी म्यांमार को लेकर सीधे तौर पर कुछ भी फैसला करने से बचते नजर आए हैं। इन देशों ने म्यांमार में सभी पक्षों को साथ आकर बातचीत करने की अपील की है। चूंकि म्यांमार भारत के लिए कई कारणों से बहुत महत्वपूर्ण है, ऐसे में यह देखना होगा कि जून में होने वाले भारत-आसियान बैठक में म्यांमार शामिल होगा या नहीं। फिलहाल म्यांमार की सैन्य सरकार के लिए स्थितियाँ ठीक नहीं दिख रही हैं।

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