पृथ्वी और मंगल लगभग एक समान ग्रह हैं, जानें क्या मंगल में मिल सकते हैं जीवन के सबूत ।

चार बिलियन साल पहले जब सौर मंडल का निर्माण हुआ था तब मंगल और पृथ्वी एक ही तरह की सामग्री से बने थे।

(एनएलएन मीडिया – न्यूज़ लाइव नाऊ): मंगल पर क्या कभी जीवन था इसका जवाब वैज्ञानिक आज भी खोज रहे हैं। वैज्ञानिकों का कहना है कि एक समय पर मंगल ग्रह बिल्कुल पृथ्वी की तरह था क्योंकि दोनों ग्रह एक ही तरह की ‘सामग्री’ से बने हुए हैं। डॉ बेकी मैककौली-रेंच ने एक यूट्यूब वीडियो में कहा कि मंगल पृथ्वी की तरह ही था क्योंकि इसके ऐसे सबूत मिले हैं जो दिखाते हैं कि लाल ग्रह पर झीलें और धाराएं मौजूद थीं।
उन्होंने कहा कि चार बिलियन साल पहले जब सौर मंडल का निर्माण हुआ था तब मंगल और पृथ्वी एक ही तरह की सामग्री से बने थे। इसीलिए दोनों देखने में एक जैसे ही लगते थे। हालांकि आज जब हम दोनों ग्रहों की तुलना करते हैं तो मंगल एक ‘सूखा ग्रह’ है जबकि पृथ्वी एक नीला ग्रह है जिस पर 70 फीसदी पानी मौजूद है। मंगल पर झीलों और धाराओं के सबूत पाए गए हैं।
मंगल पर आज भी पानी अपनी ठोस अवस्था में मौजूद है। इसलिए वैज्ञानिक ग्रह के ठंडे और बर्फ वाले हिस्सों की जांच कर रहे हैं। डॉ रेंच ने कहा कि मंगल के बारे में अध्ययन पृथ्वी के विकास को लेकर हमारी समझ को बढ़ा सकता है। उन्होंने बताया कि पृथ्वी प्लेट टेक्टोनिक्स के साथ विकसित होती रही और ग्रह पर जीवन की उत्पत्ति हुई। वहीं मंगल की भूवैज्ञानिक गतिविधियां थम गई, धीरे-धीरे पानी खत्म हो गया और ग्रह पूरी तरह सूख गया।
एक दूसरे हालिया अध्ययन में नासा ने यह भी पुष्टि की है कि मंगल ग्रह पर पाई गई एक प्राचीन झील में जीवन के निशान छिपे हो सकते हैं। नासा के Perseverance रोवर की तस्वीरों की मदद से वैज्ञानिकों ने पुष्टि करते हुए कहा कि Jezero क्रेटर 3.7 बिलियन साल पहले एक झील थी। वैज्ञानिकों का मानना है कि व्यापाक स्तर पर जलवायु परिवर्तन के कारण झील सूख गई लेकिन क्रेटर की मिट्टी में अभी भी प्राचीन जीवन के निशान मौजूद हो सकते हैं। फिलहाल मंगल पर रिसर्च की रफ्तार धीमी है लेकिन जल्द ही कोई जवाब मिलने की उम्मीद है।

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