अमेरिका की नई हाइपरसोनिक मिसाइल रूस-चीन तक के ठिकानों को बना सकती है निशाना ।

रेडार की पकड़ में नहीं आने वाली इस नई अमेरिकी मिसाइल की मारक क्षमता 2700 किलोमीटर है।

(एनएलएन मीडिया – न्यूज़ लाइव नाऊ): अमेरिका की नई हाइपरसोनिक मिसाइल इस समय चरछ का विषय है। रूस, चीन के बाद अब अमेरिका ने भी हाइपरसोनिक मिसाइल बनाने में सफलता हासिल कर ली है। यह अमेरिकी मिसाइल ध्‍वनि की 17 गुना ज्‍यादा रफ्तार से दुश्‍मन देश पर तबाही मचाने में सक्षम हैं। रेडार की पकड़ में नहीं आने वाली इस नई अमेरिकी मिसाइल की मारक क्षमता 2700 किलोमीटर है। इस मिसाइल के साथ ही अमेरिका अब रूस और चीन पर दूर से ही भीषण हमला करने में सक्षम हो गया है।
अमेरिकी सेना के प्रवक्‍ता ने बताया कि यह मिसाइल अब हाइपरसोनिक रफ्तार से लंबी दूरी के लक्ष्‍यों को निशाना बनाने में सक्षम है। अमेरिका अब वर्ष 2023 में इस मिसाइल के परीक्षण की योजना बना रहा है। इसे एक ट्रक पर लादकर लॉन्‍च किया जा सकता है। एक ट्रक पर दो हाइपरसोनिक मिसाइल को तैनात किया जा सकता है। बताया जा रहा है कि अमेरिकी सेना की यह मिसाइल नेवी के एक हथियार पर आधारित है।
अ‍मेरिकी नौसेना अपनी हाइपरसोनिक मिसाइल को सभी 69 ड्रिस्‍ट्रायरों पर तैनात करेगी। विशेषज्ञों का कहना है कि यह मिसाइल दुश्‍मनों के लिए युद्ध के समय काल का काम करेगी। इतनी रेंज के साथ इस मिसाइल को अब प्रशांत महासागर में दक्षिण कोरिया, ताइवान, जापान या फिलीपीन्‍स कहीं भी तैनात किया जा सकता है। इसके जरिए दक्षिण चीन सागर और चीन के हैनान द्वीप समूह पर स्थित सैनिक ठिकाने या चीन की मुख्‍य भूमि पर जोरदार हमला किया जा सकता है।
इस तरह अमेरिका अब अपनी मिसाइल को 3 लाख वर्ग मील के इलाके में कहीं भी छिपा सकता है। अगर इस मिसाइल को लंदन शहर में तैनात कर दिया जाए तो इससे आसानी से रूस के पूर्वी इलाके तक को निशाना बनाया जा सकता है। रूस और चीन ने पहले हाइपरसोनिक मिसाइल बनाकर अब खुद के लिए बड़ा संकट पैदा कर लिया है। अब अमेरिका जल्‍द ही अपनी नई मिसाइलों के जरिए चीन और रूस को पीछे छोड़ देगा। रोचक बात यह है कि अमेरिका अपनी जमीन से काफी दूरी से ही इन मिसाइलों को दाग सकेगा। यह मिसाइलें अमेरिका की शक्ति और वर्चस्व के लिए महत्वपूर्ण रहेंगी।

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