स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती के आश्रम में आयोजित आराधना महोत्सव का संघ प्रमुख डॉ. मोहन भागवत ने शुभारंभ किया

(एन एल एन मीडिया – न्यूज़ लाइव नाऊ) : राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत मंगलवार को आराधना महोत्सव में हिस्सा लेने के लिए प्रयागराज पहुंचे। अलोपीबाग में स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती के आश्रम में आयोजित आराधना महोत्सव का संघ प्रमुख ने शुभारंभ किया।
RSS (राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ) के सर संघचालक डॉ. मोहन भागवत आज मंगलवार को संगमनगरी प्रयागराज पहुंच गए हैं। सुबह करीब आठ बजे स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस से प्रयागराज पहुंचे और यहां से सीधे सिविल लाइंस स्थित आरएसएस के कार्यालय आनंदा आश्रम पहुंच गए। उनके आगमन को देखते हुए प्रयागराज जंक्शन और संघ कार्यालय के आस पास की सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है।

संघ प्रमुख दोपहर दो बजे तक संघ कार्यालय पर रहेंगे फिर से यहां से सीधे अलोपीबाग स्थित शंकराचार्य आश्रम पहुंचेंगे। यहां पर ज्योतिष्पीठ के पीठोद्धारक ब्रह्मलीन सरस्वती के 150वें जन्मोत्सव के तहत आयोजित होने वाले आराधना महोत्सव में हिस्सा लेंगे और इसका शुभारंभ करेंगे। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती के संयोजन में आयोजित होने वाला यह कार्यक्रम 8 दिसंबर तक चलेगा।
राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत मंगलवार को आराधना महोत्सव में हिस्सा लेने के लिए प्रयागराज पहुंचे। अलोपीबाग में स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती के आश्रम में आयोजित आराधना महोत्सव का संघ प्रमुख ने शुभारंभ किया। इस दौरान कई मुद्दों पर चर्चा भी होगी। यह कार्यक्रम ज्योतिष्पीठ के ब्रह्मलीन शकराचार्य ब्रह्मानंद सरस्वती के 150वें जन्मोत्वस के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया है। इस मौके पर मोहन भागवत ने कहा कि आध्यात्म हनें मनुष्यता की ओर ले जाता है। जीवन में आध्यात्म का बहुत ज्यादा महत्व है। आध्यात्मिक उन्नति से ही मानव का विकास हो सकता है। आध्यात्म सबको साथ लेकर चलने की शक्ति प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि आध्यात्म के बिना धर्म का कोई अस्तित्व नहीं है।
राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत दरभंगा से प्रयागराज के लिए स्वतंत्रता संग्राम सेनानी एक्सप्रेस में सवार हुए। सुबह 7.15 बजे वह प्रयागराज जंक्शन पहुंचे। वहां से वह सीधे सिविल लाइंस स्थित आनंदा कार्यालय पहुंचे। वहां विश्राम के बाद वह अलोपीबाग आश्रम में मौजूद कार्यक्रम में शिरकत करेंगे। कार्यक्रम में शिरकत करने के साथ ही स्वामी वासुदेवानंद से उनकी अलग से मुलाकात भी संभव है।
इस दौरान ज्योतिष्पीठ विवाद पर स्वामी वासुदेवानंद से उनकी वार्ता हो सकती है। दरअसल, अलोपीबाग स्थित शंकराचार्य आश्रम में राम मंदिर तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती ने ज्योतिष्पीठाधीश्वर के रूप में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के पट्टाभिषेक को गलत बताया है। कहा कि वह शंकराचार्य न हैं, न कभी हो सकते हैं। उन्हें संन्यास धारण करने का भी अधिकार नहीं है।

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