posted Feb 17, 2013, 1:18 AM by Site Designer
नई दिल्ली।। एयरहोस्टेस गीतिका शर्मा की मां अनुराधा शर्मा ने शुक्रवार को आत्महत्या करने से पहले दो चिट्ठी लिखी थी। एक सूइसाइड नोट, जबकि दूसरा लेटर अपने बेटे अंकित के नाम छोड़ा था। एक पुलिस अधिकारी के मुताबिक, उन्होंनेअपने बेटे से न्याय के लिए मजबूती से लड़ने और गोपाल कांडा को हर हाल सजा दिलाने के लिए लिखा है। बेटे के नाम लिखे लेटर में उन्होंने खुदकुशी करने की वजह बताई है। उन्होंने लिखा था, 'जबसे गीतिका ने सूइसाइड किया, मैं सामान्य जीवन नहीं जी पाई। मेरी बेटी की मौत का जिम्मेदार गोपाल कांडा और अरुणा चड्ढा थे। अब उसी वजह से मैं भी मर रही हूं।'
शनिवार को कांडा और अरुणा के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने की रिपोर्ट दर्ज कर ली गई। अनुराधा शर्मा आत्महत्या मामले में पुलिस गीतिका केस में जेल में बंद गोपाल गोयल कांडा के परिवार वालों से पूछताछ कर सकती है। हालांकि नॉर्थ-वेस्ट दिल्ली के डीसीपी डॉ. पी. करुणाकरण का कहना है कि अनुराधा या उनके परिवार के किसी सदस्य ने पुलिस से कभी यह शिकायत नहीं की थी कि उन्हें कांडा या अरुणा के नाम पर कोर्ट से केस वापस लेने के लिए धमकियां मिल रही हैं। क्या ऐसा किया जा रहा था, पुलिस इसकी जांच कर रही है। पुलिस ने गीतिका के पिता दिनेश और भाई अंकित को तनाव से बाहर लाने के लिए उनकी काउंसलिंग कराने का फैसला किया है।
नई दिल्ली।। एयरहोस्टेस गीतिका शर्मा की मां अनुराधा शर्मा ने शुक्रवार को आत्महत्या करने से पहले दो चिट्ठी लिखी थी। एक सूइसाइड नोट, जबकि दूसरा लेटर अपने बेटे अंकित के नाम छोड़ा था। एक पुलिस अधिकारी के मुताबिक, उन्होंनेअपने बेटे से न्याय के लिए मजबूती से लड़ने और गोपाल कांडा को हर हाल सजा दिलाने के लिए लिखा है। बेटे के नाम लिखे लेटर में उन्होंने खुदकुशी करने की वजह बताई है। उन्होंने लिखा था, 'जबसे गीतिका ने सूइसाइड किया, मैं सामान्य जीवन नहीं जी पाई। मेरी बेटी की मौत का जिम्मेदार गोपाल कांडा और अरुणा चड्ढा थे। अब उसी वजह से मैं भी मर रही हूं।'
शनिवार को कांडा और अरुणा के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने की रिपोर्ट दर्ज कर ली गई। अनुराधा शर्मा आत्महत्या मामले में पुलिस गीतिका केस में जेल में बंद गोपाल गोयल कांडा के परिवार वालों से पूछताछ कर सकती है। हालांकि नॉर्थ-वेस्ट दिल्ली के डीसीपी डॉ. पी. करुणाकरण का कहना है कि अनुराधा या उनके परिवार के किसी सदस्य ने पुलिस से कभी यह शिकायत नहीं की थी कि उन्हें कांडा या अरुणा के नाम पर कोर्ट से केस वापस लेने के लिए धमकियां मिल रही हैं। क्या ऐसा किया जा रहा था, पुलिस इसकी जांच कर रही है। पुलिस ने गीतिका के पिता दिनेश और भाई अंकित को तनाव से बाहर लाने के लिए उनकी काउंसलिंग कराने का फैसला किया है। |
posted Feb 13, 2013, 8:48 AM by Site Designer
नई दिल्ली ।। इटली की सरकारी कंपनी फिनमेकनिका की सहायक अगस्ता वेस्टलैंड से हेलिकॉप्टरों के सौदे में 360 करोड़ रुपये का घोटाला सामने आने के बाद बुधवार को सरकार ने इटैलियन कंपनी का पेमेंट रोकने का फैसला किया। सूत्रों के मुताबिक, सरकार जांच पूरी होने तक इस कंपनी से बाकी बचे हेलिकॉप्टरों की डिलीवरी भी नहीं लेगी। साथ ही कहा कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। मामले में सीबीआई जांच के आदेश देने के एक दिन बाद रक्षा मंत्री ए. के. एंटनी ने बुधवार को कहा कि अगर मामला साबित हुआ तो पूरा सौदा रद्द कर दिया जाएगा।
एंटनी ने कहा कि 300 करोड़ रुपये से ऊपर के किसी भी रक्षा सौदे में ईमानदारी का वायदा करना होता है। समझौते की किसी भी शर्त का उल्लंघन होने पर कंपनी के खिलाफ कार्रवाई हो सकती है। प्रतिबंध लग सकते हैं, सौदा रद्द हो सकता है या दूसरी गंभीर कार्रवाई भी हो सकती है।
इटली की अदालत में लगाए गए आरोपों पर कोई टिप्पणी करने से इनकार करते हुए एंटनी ने कहा कि रक्षा मंत्रालय ने अभी तक जो अंदरूनी जांच की है, उससे फिनमेकनिका के किसी घोटाले में शामिल होने की जानकारी नहीं मिली है। यह पूछे जाने पर कि पिछले एक साल से घोटाले की रिपोर्ट मीडिया में आने के बाद भी इसकी जांच के आदेश क्यों नहीं दिए गए, एंटनी ने कहा कि इस बारे में रक्षा मंत्रालय ने विदेश मंत्रालय से इटली और ब्रिटेन की सरकारों से पूछताछ करने को कहा था, लेकिन इन सरकारों ने कोई जवाब नहीं दिया। घोटाले में पूर्व वायुसेना प्रमुख एस. पी. त्यागी का नाम आने के सवाल पर एंटनी ने कहा कि हमें उनके बारे में कोई जानकारी नहीं है।'पूर्व वायुसेना प्रमुख ने कहा, निदोर्ष हूं मैं' पूर्व वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एस. पी. त्यागी ने हेलिकॉप्टरों के सौदे में घूस लेने के आरोपों से इनकार किया है। त्यागी ने कहा कि अगर हेलिकाप्टर सौदे में घोटाला हुआ है तो लोगों को इसके बारे में जरूर पता चलना चाहिए। इटली की अदालत में दायर चार्जशीट में अपना नाम रिश्वतखोरों में शामिल होने के बारे में पूछे जाने पर त्यागी ने कहा कि मैं निर्दोष हूं। यह पूछे जाने पर कि क्या उन्होंने फिनमेकनिका का पक्ष लेने के लिए हेलिकॉप्टरों से जुड़ी तकनीकी जरूरतों में कोई फेरबदल करवाया, त्यागी ने कहा कि मेरे वायुसेना प्रमुख बनने के काफी पहले 2003 में ही हेलिकॉप्टरों के लिए गुणवत्ता शर्तें तय हो गई थीं और इसके बाद से वायुसेना ने इसमें कोई फेरबदल नहीं किया। तीन कथित एजेंटों से उनके रिश्तों के बारे में पूछे जाने पर त्यागी ने कहा कि वे मेरे चचेरे भाई हैं लेकिन उससे मेरा कोई लेना-देना नहीं था।
डील में सरकार ने दिखाई थी जल्दबाजी रंजीत कुमार।। नई दिल्ली: 2010 में जब हेलिकॉप्टर सौदे को मंजूरी दी गई थी, रक्षा मंत्रालय ने सेनाओं की उस वक्त की जरूरतों को नजरअंदाज करते हुए यह फैसला लिया था। रक्षा सूत्रों के मुताबिक, जब इस वीवीआईपी डील को मंजूरी दी गई, तब आर्थिक वजहों से सेनाओं की दूसरी आपात योजनाओं पर फैसला नहीं लिया गया। उस वक्त वायुसेना के लिए 8 एयर रिफ्युलर जहाजों का प्रस्ताव पेंडिंग था लेकिन इसे प्राथमिकता में नहीं रखा गया। पिछले दो दशकों से होवित्जर तोपों के बारे में भी कोई फैसला नहीं लिया जा सका है। इसके उलट, सरकार ने हेलिकॉप्टरों के सौदे में जल्दबाजी दिखाई। गौरतलब है कि वायुसेना के लिए एयर बस- 330 नाम के 8 एयर रिफ्युलर विमान खरीदने की मंजूरी दो महीने पहले ही दी गई है। 2010 में भी रक्षा मंत्रालय ने इसे खरीदने का प्रस्ताव भेजा था लेकिन वित्त मंत्रालय ने इसे महंगा बता कर रद्द कर दिया था।
दरअसल, केंद्रीय मंत्रिमंडल की सुरक्षा मामलों की समिति (सीसीएस) की मंजूरी मिलने के बाद ही किसी शस्त्र प्रणाली को खरीदने का अंतिम फैसला लिया जाता है। सूत्रों के मुताबिक वीवीआईपी हेलिकॉप्टरों की खरीद पर मंजूरी सीसीएस ने जितनी जल्दी दी थी, उस पर तब सैन्य हलकों में हैरानी जाहिर की गई थी। सूत्रों के मुताबिक, किसी भी बड़े सौदे में किसी सेना मुख्यालय की अकेली भूमिका नहीं होती है। किसी हथियार प्रणाली को हासिल करने का शुरुआती प्रस्ताव तो सेना मुख्यालयों से जाता है लेकिन इस पर आगे बढ़ने की मंजूरी रक्षा मंत्रालय देता है। इसके बाद कई प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद प्रस्ताव सीसीएस के पास पहुंचता है, जिसके बाद उसे फाइनल मंजूरी दी जाती है। |
posted Dec 22, 2012, 9:23 PM by Site Designer
नई दिल्ली।। साउथ दिल्ली में 16 दिसंबर की रात चलती बस में गैंग रेप की शिकार फिजियोथेरेपी स्टूडेंट ने एसडीएम को अपना बयान दर्ज कराया। डॉक्टरों की इजाजत मिलने के बाद बयान शुक्रवार रात को दर्ज हुआ। इससे पहले भी पीड़िता के बयान लेने की दो बार कोशिश की गई थी, मगर उसमें कामयाबी नहीं मिल सकी थी। लड़की ने दो घंटे से अधिक समय तक उस काली रात की भयानक दास्तां एसडीएम को बताई। इस दौरान वह दो बार रो पड़ी। मगर लड़की ने गजब की हिम्मत दिखाते हुए सारी बात बताई।
बयान लेने के लिए ईस्ट दिल्ली से महिला एसडीएम को बुलाया गया था। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, पीड़ित लड़की अभी ठीक तरह से बोल नहीं पा रही है। इस वजह से बयान सवाल और जवाब वाले फॉर्मैट में लिए गए। सवाल इस तरह से तैयार किए गए थे कि उसमें लड़की हां या ना में सिर हिलाकर उनका जवाब दे सके। कुछ सवालों के जवाब उसने थोड़ा बोलकर भी दिया। चूंकि इस दरिंदों के बारे में लड़की के दोस्त ने पहले ही सारी जानकारी दे दी थी। इस कारण एसडीएम को पीड़ित लड़की से बात करने में परेशानी नहीं हुई। सूत्रों ने बताया कि इस मामले में लड़की के दोस्त ने पुलिस को जो बयान दिए थे, लड़की के बयान उससे पूरी तरह से मिले हैं।
लड़की ने एसडीएम को दिए बयान में अपने और अपने दोस्त के साथ हुई हैवानियत की पूरी दास्तां बताई। लड़की का स्टेटमेंट लड़के के बयान से पूरी तरह मैच हुआ है। लड़की को सभी आरोपियों की गिरफ्तारी की भी जानकारी दे दी गई है। दो घंटे से भी अधिक समय तक रुक-रुक कर लड़की के बयान लिए गए। एक साथ सारी बातें नहीं पूछी गई थीं। बीच-बीच में रेस्ट दिया जाता रहा, ताकि उसका सेहत न बिगड़े। बयान के वक्त पीड़िता के पास सिर्फ एसडीएम थीं।जरूरत पड़ने पर डॉक्टर और नर्स को बुलाया जाता था। लेकिन वे लड़की की हालत देखकर और पानी पिलाकर बाहर चली जाती थीं। लड़की को सभी 6 आरोपियों की तस्वीरें भी दिखाई गई हैं। पीड़िता ने सभी को पहचान लिया है। मगर इसकी पुष्टि पुलिस अधिकारियों ने फिलहाल नहीं की है। सूत्रों ने बताया कि लड़की ने अपने पैरेंट्स और घायल दोस्त के बारे में भी पूछा। उसने अपने दोस्त की बहादुरी के बारे में भी बताना चाहा। मगर उसे अधिक बोलने से रोक दिया गया। लड़की से वारदात की पूरी सीक्वेंस के बारे में पूछा गया था। उसने उसे सिलसिलेवार बताया। उसने एसडीएम को यह भी बताया कि उसके दोस्त ने उसे बचाने की काफी कोशिश की थी, मगर बदमाशों ने उसकी पिटाई कर डाली। |
posted Dec 5, 2012, 8:32 AM by Site Designer
नई दिल्ली।। वही हुआ, जिसकी उम्मीद थी। मुलायम सिंह की समाजवादी पार्टी (एसपी) और मायावती की बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) ने सरकार को किरकिरी से बचा लिया। मल्टि-ब्रैंड रीटेल में 51% एफडीआई की अनुमति वापस लेने के लिए बीजेपी के प्रस्ताव को लेकर लोकसभा में नियम-184 के तहत दो दिनों की बहस के बाद वोटिंग से पहले एसपी और बीएसपी वॉकआउट कर गईं। इसके बाद हुई वोटिंग में प्रस्ताव के समर्थन में यानी एफडीआई के विरोध में 218 वोट पड़े और प्रस्ताव के विरोध यानी सरकार के पक्ष में 253 वोट पड़े। इसके साथ ही एफडीआई के खिलाफ सुषमा स्वराज का प्रस्ताव सदन में गिर गया। कुल 471 सांसदों ने वोट डाले और प्रस्ताव पारित कराने के लिए 236 वोट चाहिए थे।
तृणमूल सांसद सौगत रॉय का भी फेमा में संशोधन के खिलाफ मंगलवार को प्रस्ताव गिर गया। इसके समर्थन में 224 मत पड़े, वहीं 254 मत इसके खिलाफ डाले गए। इस प्रस्ताव पर कुल 478 सांसदों ने मतदान किया।
वैसे भी, नियम-184 के तहत किसी प्रस्ताव पर वोटिंग में सरकार हार भी जाती है तो वह गिरती नहीं है। लेकिन नैतिक रूप से उसकी पराजय मानी जाती है और यह संदेश जाता है कि सदन में उसके पास बहुमत नहीं है। वाणिज्य मंत्री आनंद शर्मा जब चर्चा पर सरकार की ओर से जवाब दे रहे थे अटकलों को सच साबित करते हुए पहले बीएसपी ने और फिर एसपी ने सदन से वॉकआउट कर दिया। बीएसपी के सभी 21 सांसद हंगामा करते हुए सदन से बाहर चले गए। बीएसपी के वॉकआउट के बाद सदन में बच गए 522 सदस्य और सरकार को बहुमत के लिए 263 वोट चाहिए थे। इसके कुछ ही देर बाद एसपी के 22 सांसद भी लोकसभा से वॉकआउट कर गए और तय हो गया था कि अपने 254 सांसदों के वोट की वजह से सरकार की नाक बच जाएगी।
इससे पहले चर्चा के जवाब में आनंद शर्मा ने कहा कि इस मामले में आम सहमति बनाने के लिए उन्होंने सभी राज्य सरकारों को चिट्ठी लिखी थी। 21 राज्यों ने जवाब दिया, 11 राज्यों ने मल्टि-ब्रैंड रीटेल में एफडीआई का पुरजोर समर्थन किया, जबकि 7 राज्यों ने विरोध किया था।
उन्होंने कहा कि बीजेपी शासित गुजरात और हिमाचल प्रदेश व एनडीए शासित पंजाब ने लिखित में विरोध नहीं किया। सबसे बड़ी बात है कि फैसला राज्यों पर थोपा नहीं जा रहा है, जिस राज्य की मर्जी न हो वे अपने यहां रीटेल चेन खोलने देने की इजाजत देने से इनकार कर सकते हैं।
वाणिज्य मंत्री ने विपक्ष के दावों पर सवाल उठाते हुए कहा कि इससे किसान और कारोबारियों को फायदा होगा। आनंद शर्मा ने कहा कि 2002 में भी रीटेल में एफडीआई को लेकर कैबिनेट में चर्चा हुई थी और उस समय एनडीए की सरकार थी। उन्होंने कहा कि ठीक है कि विचार बदलते हैं, राजनीतिक पार्टी होने के नाते बीजेपी के पास इसका हक भी है।
आनंद शर्मा के बाद जब विपक्ष की नेता सुषमा जवाब देने लगीं तो उन्होंने कहा कि सदन में 18 पार्टियों ने अपने मत रखे उनमें से 14 पार्टियों ने जोरदार तरीके से रीटेल में एफडीआई का पुरजोर विरोध किया, केवल कांग्रेस, आरजेडी, एनसीपी और आरएलडी ने इसका समर्थन किया।
विपक्ष की नेता ने कहा सरकार ने कहा था कि आम सहमति बनाने की कोशिश की जाएगी, कहां है वह आम सहमति। उन्होंने कहा कि सदन में जिन पार्टियों ने एफडीआई का विरोध किया उनके सदस्य की संख्या 282 है और जिन पार्टियों ने एफडीआई की पैरवी की है उनके सदस्यों की संख्या है 224। सुषमा ने सरकार से सवाल किया कि किस पक्ष में है बहुमत दिख रहा है।
सुषमा ने मुलायम और मायवती की पार्टियों के सांसदों के वॉकआउट पर कहा कि यह मामला सांप्रदायिक और गैर-सांप्रदायिक का नहीं है। उन्होंने कहा कि मामला सीबीआई बनाम एफडीआई का है। सुषमा ने कहा कि जब बहन मायावती प्रमोशन में रिजर्वेशन के लिए हमारा समर्थन मांगने आती हैं, तब हम सांप्रदायिक नहीं होते। इसलिए पूरा मामला सीबीआई के भय का है। उन्होंने कहा कि यही हाल डीएमके का है।
सुषमा ने अपने भाषण में लालू प्रसाद यादव और कांग्रेस के दीपेंद्र हुड्डा पर अपनी प्रचलित शैली में कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि लालू जी ने मेरे ऊपर एक जुगाड़ू शेर पढ़ा था, मैं भी उसका जवाब उसी तरह के एक शेर से देना चाहती हूं, 'आपको गांठें खोलना नहीं आता और मसखरी के अलावा कुछ बोलना नहीं आता।'
दीपेंद्र हुड्डा ने इससे पहले सदन में बोलते हुए कहा था कि पेप्सीको के लिए हरियाणा के किसान 24 इंच के आलू उपजाने के लिए तैयार हैं। उनके इस बयान पर व्यंग्य करते हुए सुषमा ने कहा, 'दीपेंद्र, तुम किसान का बेटा होने का दावा करते हो। पहले यह तो जान लो कि लौकी और आलू में अंतर होता है।' |
posted Dec 3, 2012, 8:33 AM by Site Designer
सिडनी।। पर्थ टेस्ट के बाद क्रिकेट के सभी फॉर्मैट्स को अलविदा कहने वाले ऑस्ट्रेलिया के महान क्रिकेटर रिकी पॉन्टिंग का कहना है कि अब तक उन्होंने जितने भी खिलाड़ियों का सामना किया, सचिन तेंडुलकर उनमें बेस्ट हैं। अपने दौर के शानदार बल्लेबाजों में बेस्ट के बारे में पूछे जाने पर पॉन्टिंग ने कहा, 'मुझे लगता है कि अब तक मैं जितने भी लोगों के खिलाफ खेला, उनमें सचिन बेस्ट थे। कैप्टन के पॉइंट ऑफ व्यू से भी मैं ऐसा ही सोचता हूं कि क्योंकि सचिन ने भारत और ऑस्ट्रेलिया दोनों जगहों पर हमारे खिलाफ शानदार प्रदर्शन किया है।' पॉन्टिंग ने 168 टेस्ट मैचों में 13,378 रन बनाने के बाद संन्यास ले लिया। इस दौरान उन्होंने 51.85 के शानदार ऐवरेज से रन बनाए। उन्होंने 41 सेंचुरीज़ और 62 हाफ सेंचुरीज़ लगाईं। पूर्व ऑस्ट्रेलियाई कैप्टन ने 375 वनडे इंटरनैशनल मैचों में 13,704 रन बनाए हैं, जिनमें 164 के बेस्ट स्कोर के साथ 30 सेंचुरीज़ शामिल हैं।
वेस्ट इंडीज़ के महान क्रिकेटर ब्रायन लारा के बारे में बात करते हुए पॉन्टिंग ने कहा, 'ब्रायन लारा के खिलाफ मैच खेलने से एक रात पहले मेरी नींद उड़ जाया करती थी, क्योंकि वह अकेले अपने ही दम पर मैच का रुख बदलने का दम रखते थे। मैंने खिलाड़ियों को हमेशा उनकी योग्यता और मैच जिताने की क्षमता के हिसाब से जज किया है। इस हिसाब से ब्रायन लारा ने वेस्ट इंडीज़ के लिए जो कुछ किया, शायद इतना तो सचिन ने भी भारत के लिए नहीं किया।'
अपने दौर के चैलेंजिंग क्रिकेटर्स का जिक्र करते हुए पॉन्टिंग ने साउथ अफ्रीका के जॉक कालिस का भी नाम लिया। उन्होंने कहा, 'जाक कालिस को भी भुलाया नहीं जा सकता। बैट के बजाए कैलिस ने बॉल से जो करिश्मा दिखाया, मैं पर्सनली उसे ज्यादा महत्वपूर्ण मानता हूं। हालांकि, उनके बैटिंग ऐवरेज को देखें तो अंदाजा हो जाता है कि वह कितने ऊंचे दर्जे के खिलाड़ी हैं। मैं काफी भाग्यशाली हूं जो मुझे बहुत सारे महान बल्लेबाजों वाले दौर में खेलने का मौका मिला।'
गेंदबाजों के बारे में बात करते हुए पॉन्टिंग ने कहा, 'कर्टली एम्ब्रोस और वसीम अकरम बेस्ट फास्ट बोलर थे, जिनका मैंने सामना किया। दोनों को पसंद करने की मेरे पास अलग-अलग वजहे हैं। एम्ब्रोस के पास यह खूबी थी कि वह कभी आपको रन बनाने का मौका ही नहीं देते थे। वह कभी गलत बॉल डालते ही नहीं थे। लेकिन अकरम का स्टाइल इससे ठीक उलट था। आप उनके खिलाफ कुछ रन बना सकते थे, लेकिन बीच में एक ऐसी बॉल आ जाती थी, जिसे खेलना नामुमकिन होता था। भले ही वह नई बॉल से बोलिंग करा रहे हों या पुरानी से।'
पॉन्टिंग को 10 बार पविलियन का रास्ता दिखाने वाले हरभजन सिंह अकेले ऐसे बोलर हैं, जिन्होंने पॉन्टिंग को सहसे ज्यादा बार आउट किया। उनके बारे में पॉन्टिंग ने कहा, 'हरभजन को भी नहीं भूल सकता, जिन्होंने मुझे काफी परेशान किया। उन्होंने मुझे कई बार आउट करके मुश्किलों में डाला।' |
posted Nov 29, 2012, 5:48 PM by Site Designer
अहमदाबाद।। गुजरात विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने एक भी मुसलमान उम्मीदवार को टिकट नहीं दिया है। बीजेपी182 में से 181 उम्मीदवारों का ऐलान कर चुकी है, लेकिन उसमें एक मुस्लिम उम्मीदवार नहीं है। चुनाव की घोषणा से पहले नरेंद्र मोदी मुसलमानों को आकर्षित करने के लिए लिए पूरे गुजरात में सद्भावना मिशन पर निकले थे। उनकी सद्भावना यात्रा में मुस्लिमों को खास तौर पर आमंत्रित किया गया था। ऐसे में माना जा रहा था कि मोदी मुस्लिम उम्मीदवारों को भी विधानसभा चुनाव में टिकट देंगे। लेकिन बीजेपी के घोषित उम्मीदवारों की लिस्ट में एक भी मुसलमान नहीं है।
बीजेपी से जब पूछा गया कि प्रदेश में 10 फीसदी मुसलमान हैं क्या उन्हें विधानसभा में प्रतिनिधित्व का हक नहीं है? इस पर पार्टी ने कहा कि हम मजहब और जाति के नाम पर टिकट नहीं बांटते हैं। जो उम्मीदवार गुजरातियों के हित में काम करता है और जीत हासिल करने का माद्दा रखता है उसी को हम टिकट देते हैं। प्रदेश में बीजेपी नेता जयनारायण व्यास ने कहा कि हम 6 करोड़ गुजराती के हित का ख्याल रखते हैं न कि मजहब और जाति को आधार पर हितों को बांटकर देखते हैं।
कांग्रेस भी घेरे में उधर कांग्रेस ने भी मुसलमानों को टिकट देने में बहुत उत्साह नहीं दिखाया है। कांग्रेस की तरफ से महज 6 मुस्लिम उम्मीदवारों को चुनावी टिकट दिया गया है। समाजवादी पार्टी और रामविलास पासवान की एलजेपी की तरफ से मुसलमानों को टिकट मिले हैं लेकिन इनकी गुजरात में मौजूदगी न के बराबर है। 1985 में गुजरात विधानसभा में सबसे ज्यादा 11 मुस्लिम विधायक थे।
गुजरात में मुसलमान उम्मीदवार को जीत दर्ज करने लायक प्रत्याशी नहीं माना जाता है। इसका एक कारण यह है कि पूरे प्रदेश में भले मुस्लिमों की 10 फीसदी आबादी है लेकिन वे बिखरे हुए हैं। अहमदाबाद को छो़ड़ दिया जाए तो पूरे प्रदेश में मुस्लिम वोटरों की इतनी तादाद नहीं है कि वे किसी को जीता या हरा सकें। नरेंद्र मोदी के बारे में कहा जा रहा है कि वह मुसलमानों को टिकट दे सकते थे लेकिन वीएचपी और संघ का समर्थन किसी भी हाल में खोना नहीं चाहते थे। ऐसा कहा जा रहा है कि यदि मुस्लिम उम्मीदवारों को मोदी टिकट देते तो वीएचपी और संघ के कार्यकर्ता केशुभाई पटेल की पार्टी गुजरात परिवर्तन पार्टी के पक्ष में हो जाते। गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री केशुभाई पटेल ने भी एक भी मुस्लिम प्रत्याशी को टिकट नहीं दिया है। हालांकि बीजेपी ने उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में भी मुसलमानों को टिकट नहीं दिया था।
छह करोड़ गुजराती एक बार जब गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी से पूछा गया था कि आपने अल्पसंख्यकों के लिए क्या किया? मोदी ने कहा था कि कुछ नहीं। फिर मोदी ने कहा, हमने बहुसंख्यकों के लिए भी कुछ नहीं किया है, लेकिन हां, मैंने 6 करोड़ गुजरातियों के लिए जरूर किया है। हाल ही में 10 मुस्लिम संगठनों को मिलाकर बनी एक अंब्रेला बॉडी ने गुजरात के नवनिर्माण में नरेंद्र मोदी को सशर्त समर्थन देने की बात कही थी। इस अंब्रेला बॉडी ने भी कम से कम 20 मुस्लिम उम्मीदवारों को मोदी से टिकट देने मांग की थी।
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posted Nov 28, 2012, 6:26 PM by Site Designer
शिकागो।। मुंबई पर आतंकी हमलों की साजिश रचने वाले आतंकी डेविड हेडली को अमेरिका की एक अदालत अगले साल 17 जनवरी को सजा सुनाएगी। हेडली के साथी और लश्कर-ए-तैयबा के आतंकी तहव्वुर राणा को भी अगले साल 15 जनवरी को सजा सुनाई जाएगी। गौरतलब है कि इससे पहले अमेरिकन कोर्ट दोनों को इसी साल 4 दिसंबर को सजा सुनाने वाला था।शिकागो कोर्ट के प्रवक्ता रैंडल सैमबर्न के मुताबिक यूएस डिस्ट्रिक्ट जज हैरी लीनवीबर साल 2008 में मुंबई पर हुए आतंकवादी हमले और डेनमार्क के एक न्यूज पेपर को उड़ाने की साजिश रचने के मामले में इन दोनों आतंकियों को सजा सुनाएंगे। प्रवक्ता ने कहा, 'तहव्वुर राणा को सजा सुनाने की डेट 4 दिसंबर से बढ़ाकर 15 जनवरी, 2013 कर दी गई है। इसके साथ ही डेविड कोलमैन हेडली को भी 17 जनवरी, 2013 को सजा सुनाई जाएगी। यूएस डिस्ट्रिक्ट जज सुबह करीब 9.45 बजे सजा सुनाने की प्रक्रिया शुरू कर देंगे।'52 साल के हेडली ने 26/11 मुंबई हमलों से पहले रेकी की थी। उसने मुंबई में कई जगहों पर जाकर वहां की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया और जानकारी को पाकिस्तान में बैठे लश्कर-ए-तैयबा के पास पहुंचाया। हेडली की तरफ से मिली जानकारियों के आधार पर ही लश्कर ने मुंबई हमले का पूरा प्लान तैयार किया था। अमेरिकी जांच एजेंसी एफबीआई ने हेडली पर डेनमार्क के एक न्यूज पेपर को उड़ाने की साजिश रचने और साल 2008 में मुंबई अटैक के दौरान लश्कर की मदद करते हुए अमेरिका के नागरियों की हत्या करने का आरोप लगाया था। हेडली ने 18 मार्च, 2010 को ये सभी आरोप स्वीकार कर लिए थे।अगर हेडली को भारत प्रत्यर्पित किया जाता तो उसे मुंबई हमलों के मामले में फांसी की सजा सुनाई जा सकती थी। लेकिन हेडली ने खुद को भारत को सौंपने जाने से बचने के लिए एफबीआई से एक समझौता कर लिया था। इस समझौते के तहत हेडली अपने मिशन से जुड़ी सभी जानकारियां देने और बाकी मुद्दों पर एफबीआई की मदद करने को तैयार हो गया था।
हेडली के साथी तहव्वुर राणा को भी लश्कर-ए-तैयबा की मदद करने और डेनमार्क के एक न्यूज पेपर को बम से उड़ाने की साजिश का दोषी पाया गया है। उसे मुंबई हमलों के सिलसिले में भी आरोपी बनाया गया था, लेकिन बाद में उसे आरोप मुक्त कर दिया गया था। राणा ने इस साल जून में खुद को दोषमुक्त करके फिर से मुकदमा चलाए जाने की अरीप की थी, लेकिन उसे ठुकरा दिया गया था। इसके बाद सजा सुनाने के लिए 4 दिसंबर का दिन तय किया गया था।
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posted Nov 25, 2012, 6:05 PM by Site Designer
नई दिल्ली।। अरविंद केजरीवाल को 'आम आदमी पार्टी(एएपी)' का राष्ट्रीय संयोजक बनाया गया। रविवार को राष्ट्रीय कार्यकारिणी की पहली बैठक में पंकज गुप्ता को राष्ट्रीय सचिव चुना गया जबकि कृष्णकांत कोषाध्यक्ष बनाए गए। राष्ट्रीय कार्यकारिणी के 23 सदस्यों ने इन तीनों को आम सहमति से चुना।
मौके पर केजरीवाल ने कहा कि वह देशभर में घूम कर भारतीय जनता पार्टी(बीजेपी) और कांग्रेस के कारनामों का पर्दाफाश करेंगे। प्रशांत भूषण ने कहा, 'कार्यकारी समिति द्वारा इन लोगों को चुनाव आयोग में रजिस्ट्रेशन कराने के लिए ऑथराइज्ड किया गया है। हमने चंदा लेने के लिए और बैंक अकांउट खोलने के लिए कदम भी उठाए हैं।'
राष्ट्रीय कार्यकारिणी की मंगलवार और बुधवार को बैठक होनी है जबकि पार्टी का स्थापना समारोह सोमवार को आयोजित होगा। समारोह से पहले समर्थकों के साथ केजरीवाल राजघाट और भीमराव आंबेडकर के प्रति सम्मान जाहिर करने आंबेडकर भवन जाएंगे। अगले साल होने वाले विधानसभा और 2014 के लोकसभा चुनावों पर नजर लगाए केजरीवाल ने युवाओं से अनुरोध किया है कि देश की राजनीतिक व्यवस्था में क्रांतिकारी बदलाव के लिए पूरी तरह उनके साथ जुड़ें। अपने समर्थकों को संबोधित करते हुए केजरीवाल ने कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि दोनों दल लोगों को वोटों के लिए इस्तेमाल करते हैं और बाद में उनकी सुध नहीं लेते। उन्होंने कहा, 'कुछ लोगों ने भारत को खूब लूटा है। अब लोगों ने आगे आकर उन्हें संसद से बाहर करने का फैसला किया है। इसलिए मैं सभी युवाओं से सोमवार को जंतर मंतर आने का आह्वान करता हूं।' आम आदमी पार्टी के अन्य संगठनों से अलग होने का दावा करते हुए केजरीवाल ने कहा कि संगठन की वेबसाइट पर सभी चंदों और खर्च का ब्योरा डाला जाएगा।
उन्होंने कहा, 'हमने पार्टी सदस्यों के लिए दिशा-निर्देश तय किए हैं। मैं केवल उन लोगों को जोड़ना चाहता हूं जो फुल टाइम काम कर सकें और चुनावों के दौरान धन लेने की गतिविधि में शामिल न हो।' केजरीवाल ने कहा कि वह कांग्रेस और बीजेपी की वोट बैंक की राजनीति के खिलाफ लोगों को जागरूक करने के लिए देश के तकरीबन हर गांव और शहर में जाएंगे। |
posted Nov 23, 2012, 6:27 PM by Site Designer
नई दिल्ली।। चीन के नए नेतृत्व ने सत्ता ग्रहण करने के साथ ही भारत और दूसरे पड़ोसी देशों के साथ नक्शे का नया विवाद खड़ा कर दिया है। चीन ने अपने पासपोर्ट पर नक्शा छापकर भारत के अरुणाचल प्रदेश और अक्साई चिन वाले इलाके को अपने इलाके के तौर पर दिखाया है। इसके जवाब में भारत ने भी भारत का नक्शा वाला वीजा का पेज छापकर जवाबी कदम उठाया है।
विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद ने इस बारे में पूछे जाने पर कहा है कि हम चीन के इस कदम को स्वीकार नहीं कर सकते। इसलिए हम यह सुनिश्चित करते हैं कि हमारी असहमति तुरंत दर्ज हो। उधर, चीन के विदेश मंत्रालय ने टालते हुए कहा है कि इस मसले पर ठंडे दिमाग से और तार्किक तरीके से निबटा जाना चाहिए ताकि लोगों के बीच संपर्क में अनावश्यक बाधा नहीं पड़े। चीन के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता ने कहा कि चीनियों और विदेशियों के लिए आवाजाही को सुचारू बनाए रखने के लिए चीन सभी देशों के साथ संपर्क बनाए रखेगा।
यहां विदेश मंत्रालय के अधिकारियों के मुताबिक, चीन के पासपोर्ट के पन्नों पर वॉटरमार्क से चीन का मानचित्र दिखाया गया है जिसमें न केवल भारत के इलाके, बल्कि दक्षिणी चीन सागर में फिलिपींस और वियतनाम जैसे देशों के द्वीपों को भी अपने इलाके के तौर पर दिखाया गया है। भारत ने चीन के इस कदम का विरोध करने के लिए भारत आने वाले चीनी नागरिकों के पासपोर्ट पर अपने वीजा का पेज ऐसा बनाया है जिसमें अरुणाचल प्रदेश और अक्साई चिन को भारत का दिखाया गया है। चीन ने यह कदम कुछ हफ्ते पहले उठाया था। इसके जवाब में भारत ने भी अपने मानचित्र वाला वीजा देना शुरू किया है।
चीन ने दो साल पहले भी जम्मू-कश्मीर के लोगों के लिए नत्थी वाला वीजा जारी करना शुरू किया था, जिसे लेकर दोनों देशों के बीच गंभीर विवाद छिड़ गया था। चीन ने जम्मू-कश्मीर को विवादास्पद इलाका बताते हुए यह कदम उठाया था। भारत द्वारा विरोध करने पर चीन ने इस नत्थी वीजा को जारी करना बंद कर दिया है।
गौरतलब है कि चीन ने 1962 के युद्ध में जम्मू-कश्मीर के अक्साई चिन वाले इलाके पर कब्जा कर लिया था। अक्साई चिन के अलावा अरुणाचल प्रदेश के इलाके पर उसने तब से अपना दावा किया हुआ है। |
posted Nov 21, 2012, 5:47 PM by Site Designer
मुंबई।। बुधवार को अजमल कसाब को फांसी की सजा मिलने के बाद यदि लोग यह समझ रहे हैं कि 26/11 की कहानी खत्म हो गई है, तो यह सच नहीं है। मुंबई से दिल्ली तक इस केस में अभी तक तीन और लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल हो चुकी है। इनमें से अबू जिंदाल नामक मुख्य साजिशकर्ता तिहाड़ जेल में बंद है। डेविड हेडली और तहव्वुण राणा नामक दो आरोपी इन दिनों अमेरिका में हैं। अबू जिंदाल 26/11 का मेन साजिशकर्ता है। 26/11 को वह कराची कंट्रोल रूम में लश्कर के अन्य सरगनाओं के साथ बैठा था। उसे जून महीने में सऊदी अरब से दिल्ली में डिपोर्ट किया गया था। उसे पहले दिल्ली पुलिस के स्पेशल सेल ने, फिर मुंबई क्राइम ब्रांच और फिर महाराष्ट्र एटीएस ने अपनी कस्टडी में रखा। बाद में उसकी एनआईए ने कस्टडी ली और उसके बाद उसे पिछले महीने न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। उसके खिलाफ मुंबई क्राइम ब्रांच ने पिछले महीने ही आरोपपत्र दाखिल किया है। संभावना है कि अगले साल तक उसके खिलाफ भी 26/11 में मुकदमा शुरू हो जाएगा। डेविड हेडली और तहव्वुर राणा पर आरोप है कि उन्होंने उन-उन स्थानों की रेकी की थी, जहां 26/11 को दस आतंकवादियों ने मुंबई पर हमला किया गया। रेकी के दौरान इन स्थानों की विडियोग्राफी की गई थी और कराची में लश्कर सरकना जकीउर रहमान को इसकी सीडी दी गई थी। बाद में इस सीडी के आधार पर 26/11 की आगे की साजिश रची गई। हेडली और राणा को जब एफबीआई ने अमेरिका में गिरफ्तार किया था, तब दिल्ली से एनआईए की एक विशेष टीम दोनों से पूछताछ के लिए अमेरिका गई थी। उसी पूछताछ के आधार पर करीब दो साल पहले एनआईए ने दिल्ली की एक कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की। हालांकि अमेरिका में हेडली और राणा पर मुकदमा पिछले साल ही खत्म हो चुका है, पर भारत में इन दोनों के खिलाफ ट्रायल तभी शुरू हो पाएगा, जब भारत इन दोनों को अमेरिका से मुंबई लाने में कामयाब होगा।
26/11में महाराष्ट्र के बीड शहर के फैयाज कागजी का भी नाम सामने आया है। वह जिंदाल का गुरु है और फिलहाल सऊदी अरब में है। उसे भी भारत लाए जाने की कोशिशें चल रही हैं। |
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