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एक दुर्लभ वस्तु है-दक्षिणावर्ती शंख

posted Sep 23, 2011, 5:31 AM by Site Designer   [ updated May 17, 2013, 7:50 AM ]
आपने अलादिन के चिराग के बारें में तो सुना ही होगा जो हर काम पूरा कर देता है। जिससे हर तरह का सुख और ऐश-आराम मिल जाता है। यहां हम हर इच्छा पूरी करने वाले ऐसे ही एक अनोखे चिराग के बारें में बता रहे हैं। ज्योतिष के अनुसार ये अनोखा चिराग शुक्र देव और लक्ष्मी जी की कारक वस्तु माना जाता है। इसको पास रखने मात्र से ही हर इच्छा पूरी होने लगती है। इस चिराग से हर तरह का वास्तु दोष दूर हो जाता है। धन और भौतिक सुख के कारक शुक्र और लक्ष्मी की प्रिय वस्तु माने जाने वाले इस चिराग को दक्षिणावर्ती शंख कहा जाता है। साधारणत: मंदिर में रखे जाने वाले शंख उल्टे हाथ के तरफ खुलते हैं और बाज़ार में आसानी से ये कहीं भी मिल जाते हैं लेकिन दक्षिणावर्ती शंख एक दुर्लभ वस्तु है। ये आसानी से नहीं मिल पाता है क्योंकि दक्षिणावर्ती शंख को लक्ष्मी का स्वरुप माना जाता है। इसलिए ही ज्योतिष में बताया गया है कि दक्षिणावृत्त शंख घर में होने पर लक्ष्मी का घर में वास रहता है। तंत्र शास्त्र ने भी इस अनोखे चिराग के लिए कहा है कि सीधे हाथ की तरफ खुलने वाले शंख को यदि पूर्ण विधि-विधान के साथ लाल कपड़े में लपेटकर अपने घर में अलग- अलग स्थान पर रखें तो हर तरह की परेशानियों का हल हो सकता है। दक्षिणावर्ती शंख को तिजोरी मे रखा जाए तो घर में सुख-समृद्धि बढ़ती है। इसलिए घर में शंख रखा जाना शुभ माना जाता है। इसकेा वास्तु में भी बहुत महत्त्व दिया जाता है। वर्तमान समय में वास्तु-दोष के निवारण के लिए जिन चीजों का प्रयोग किया जाता है, उनमें से यदि दक्षिणावर्ती शंख का उपयोग किया जाए तो कई प्रकार के लाभ हो सकते हैं। यह चिराग वास्तु-दोषों को दूर करता है, इससे आरोग्य वृद्धि, आयुष्य प्राप्ति, लक्ष्मी प्राप्ति, पुत्र प्राप्ति, पितृ-दोष शांति, विवाह में विलंब जैसे अनेक दोष दूर होते हैं। कहते हैं कि जिस घर में नियमित शंख ध्वनि होती है वहां कई तरह के रोगों से मुक्ति मिलती है। इनके पूजन से श्री समृद्धि आती है।
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