भारतीय ओलंपिक संघ की पहली महिला अध्यक्ष, उड़न परी PT Usha का IOA चीफ बनना बिल्कुल तय

(एन एल एन मीडिया – न्यूज़ लाइव नाऊ) : उड़नपरी पीटी उषा भारतीय ओलंपिक संघ (आइओए) का अध्यक्ष बनना लगभग तय है क्योंकि 10 दिसंबर को होने वाले चुनावों में शीर्ष पद के लिए वे अकेली उम्मीदवार हैं। वह IOA की पहली महिला अध्यक्ष होंगी । कई एशियाई खेलों की स्वर्ण पदक विजेता 58 साल की उषा 1984 के ओलंपिक 400 मीटर बाधा दौड़ के फाइनल में चौथे स्थान पर रहीं थी । भारत की महान एथलीट पीटी ऊषा खेलों में बड़ी जिम्मेदारी निभाने को तैयार है। उनका भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) का अध्यक्ष बनना करीब-करीब तय है। उन्हें निर्विरोध चुना जा सकता है। 10 दिसंबर को आईओए के चुनाव होने हैं। पीटी ऊषा अध्यक्ष पद के लिए अकेली उम्मीद हैं। अगर वह जीतती हैं तो इस पद पर पहुंचने वाली पहली महिला होंगी। 58 साल की पीटी ऊषा के नाम एशियाई खेलों में चार स्वर्ण और सात रजत पदक हैं। वह 1982, 1986, 1990 और 1994 एशियाई खेलों में पदक जीती थीं। इसके अलावा उनके नाम एशियाई चैंपियनशिप में 14 स्वर्ण, छह रजत और तीन कांस्य पदक हैं। पीटी ऊषा 1984 ओलंपिक में 400 मीटर बाधा दौड़ के फाइनल में चौथे स्थान पर रही थीं।

निर्विरोध चुना जाना बिल्कुल तय

पीटी उषा ने शीर्ष पद के लिए अपना नामांकन पत्र दाखिल किया. उनके साथ उनकी टीम के 14 अन्य लोगों ने विभिन्न पदों के लिए नामांकन पत्र दाखिल किया. IOA चुनावों के लिए नामांकन पत्र दाखिल करने की समय सीमा रविवार को समाप्त हो गई. आईओए के चुनाव अधिकारी उमेश सिन्हा को शुक्रवार और शनिवार को कोई नामांकन नहीं मिला, लेकिन रविवार को विभिन्न पदों के लिए 24 उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल किए.

पहली महिला बनेंगी अध्यक्षा

खेल के अपने सुनहरे दिनों की शीर्ष धाविका उषा को आईओए के एथलीट आयोग द्वारा उत्कृष्ट खिलाड़ी (IOM) के तौर पर आठ में एक सदस्य में रूप में भी चुना गया है, जिससे वह निर्वाचक मंडल की सदस्य बनी. वह आईओए के 95 साल के इतिहास में इसका नेतृत्व करने वाली पहली ओलंपियन और पहली अंतरराष्ट्रीय पदक विजेता भी बनेंगी. एशियाई एथलेटिक्स में दबदबा बनाने के बाद उन्होंने 2000 में खेलों को अलविदा कहा था.

यादविंदर सिंह थे पहले खिलाड़ी

महाराजा यादविंदर सिंह के बाद खिलाड़ी के तौर पर देश का प्रतिनिधित्व करने के बाद आईओए का नेतृत्व करने वाली उषा पहली व्यक्ति है. यादविंदर ने 1934 में एक टेस्ट मैच खेला था और फिर 1938 में आईओए प्रमुख भी बने. वह आईओए के तीसरे अध्यक्ष थे. उनका कार्यकाल 1960 तक चला था.

मैदान में हैं 12 उम्मीदवार

मौजूदा चुनावों में उपाध्यक्ष (महिला), संयुक्त सचिव (महिला) के पद के लिए मुकाबला होगा. कार्यकारिणी परिषद के चार सदस्यों के लिए 12 प्रत्याशी मैदान में है. IOA में एक अध्यक्ष, एक वरिष्ठ उपाध्यक्ष, दो उपाध्यक्ष (एक पुरुष और एक महिला), एक कोषाध्यक्ष, दो संयुक्त सचिव (एक पुरुष और एक महिला), छह अन्य कार्यकारी परिषद सदस्यों के चुनाव के लिए होंगे. जिनमें से दो (एक पुरुष और एक महिला) निर्वाचित ‘एसओएम’ से होंगे.

राज्यसभा सांसद हैं पीटी उषा

उषा को ‘पय्योली एक्सप्रेस’ के नाम से जाना जाता है । उन्हें सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के उम्मीदवार के रूप में देखा जा रहा है । भाजपा ने उन्हें जुलाई में राज्यसभा सदस्य के रूप में नामांकित किया था । हाल ही में एआईएफएफ में भी ऐसी ही स्थिति पैदा हुई थी, जब पश्चिम बंगाल के एक भाजपा नेता और पूर्व गोलकीपर चौबे ने उच्चतम न्यायालय की निगरानी में हुए चुनावों में अचानक उम्मीदवार के रूप में उतरे और शीर्ष पद के लिए चुने गए ।

देश की सबसे सफल एथलीट

उषा देश की सबसे सफल एथलीट में से एक हैं । उन्होंने 1982 से 1994 तक एशियाई खेलों में चार स्वर्ण सहित 11 पदक जीते हैं । उन्होंने 1986 के सियोल एशियाई खेलों में सभी चार स्वर्ण (200 मीटर, 400 मीटर, 400 मीटर बाधा दौड़ और चार गुणा 400 मीटर रिले) पदक के साथ 100 मीटर में रजत भी जीता । उषा ने 1982 नई दिल्ली एशियाई खेलों में 100 मीटर और 200 मीटर में पदक जीते । उन्होंने 1983 से 1998 तक एशियाई चैंपियनशिप में कुल 23 पदक जीते ।

ओलंपिक में पदक से चूकी थीं उषा

निर्विरोध चुना जाना बिल्कुल तय

पीटी उषा ने शीर्ष पद के लिए अपना नामांकन पत्र दाखिल किया. उनके साथ उनकी टीम के 14 अन्य लोगों ने विभिन्न पदों के लिए नामांकन पत्र दाखिल किया । IOA चुनावों के लिए नामांकन पत्र दाखिल करने की समय सीमा रविवार को समाप्त हो गई । आईओए के चुनाव अधिकारी उमेश सिन्हा को शुक्रवार और शनिवार को कोई नामांकन नहीं मिला, लेकिन रविवार को विभिन्न पदों के लिए 24 उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल किए ।

पहली महिला बनेंगी अध्यक्षा

खेल के अपने सुनहरे दिनों की शीर्ष धाविका उषा को आईओए के एथलीट आयोग द्वारा उत्कृष्ट खिलाड़ी (IOM) के तौर पर आठ में एक सदस्य में रूप में भी चुना गया है, जिससे वह निर्वाचक मंडल की सदस्य बनी । वह आईओए के 95 साल के इतिहास में इसका नेतृत्व करने वाली पहली ओलंपियन और पहली अंतरराष्ट्रीय पदक विजेता भी बनेंगी । एशियाई एथलेटिक्स में दबदबा बनाने के बाद उन्होंने 2000 में खेलों को अलविदा कहा था ।

यादविंदर सिंह थे पहले खिलाड़ी

महाराजा यादविंदर सिंह के बाद खिलाड़ी के तौर पर देश का प्रतिनिधित्व करने के बाद आईओए का नेतृत्व करने वाली उषा पहली व्यक्ति है । यादविंदर ने 1934 में एक टेस्ट मैच खेला था और फिर 1938 में आईओए प्रमुख भी बने. वह आईओए के तीसरे अध्यक्ष थे. उनका कार्यकाल 1960 तक चला था.

मैदान में हैं 12 उम्मीदवार

मौजूदा चुनावों में उपाध्यक्ष (महिला), संयुक्त सचिव (महिला) के पद के लिए मुकाबला होगा. कार्यकारिणी परिषद के चार सदस्यों के लिए 12 प्रत्याशी मैदान में है. IOA में एक अध्यक्ष, एक वरिष्ठ उपाध्यक्ष, दो उपाध्यक्ष (एक पुरुष और एक महिला), एक कोषाध्यक्ष, दो संयुक्त सचिव (एक पुरुष और एक महिला), छह अन्य कार्यकारी परिषद सदस्यों के चुनाव के लिए होंगे. जिनमें से दो (एक पुरुष और एक महिला) निर्वाचित ‘एसओएम’ से होंगे ।

राज्यसभा सांसद हैं पीटी उषा

उषा को ‘पय्योली एक्सप्रेस’ के नाम से जाना जाता है । उन्हें सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के उम्मीदवार के रूप में देखा जा रहा है । भाजपा ने उन्हें जुलाई में राज्यसभा सदस्य के रूप में नामांकित किया था । हाल ही में एआईएफएफ में भी ऐसी ही स्थिति पैदा हुई थी, जब पश्चिम बंगाल के एक भाजपा नेता और पूर्व गोलकीपर चौबे ने उच्चतम न्यायालय की निगरानी में हुए चुनावों में अचानक उम्मीदवार के रूप में उतरे और शीर्ष पद के लिए चुने गए ।

देश की सबसे सफल एथलीट

उषा देश की सबसे सफल एथलीट में से एक हैं । उन्होंने 1982 से 1994 तक एशियाई खेलों में चार स्वर्ण सहित 11 पदक जीते हैं । उन्होंने 1986 के सियोल एशियाई खेलों में सभी चार स्वर्ण (200 मीटर, 400 मीटर, 400 मीटर बाधा दौड़ और चार गुणा 400 मीटर रिले) पदक के साथ 100 मीटर में रजत भी जीता । उषा ने 1982 नई दिल्ली एशियाई खेलों में 100 मीटर और 200 मीटर में पदक जीते । उन्होंने 1983 से 1998 तक एशियाई चैंपियनशिप में कुल 23 पदक जीते ।

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