Adani Enterprises FPO : 72.36% कंपनी में प्रमोटर्स की हिस्सेदारी, 20 हजार करोड़ रुपये के फ्रेश शेयर जारी करने का प्रस्ताव

(एन एल एन मीडिया – न्यूज़ लाइव नाऊ) : एशिया के सबसे अमीर उद्योगपति गौतम अडाणी के बिजनेस ग्रुप की फ्लैगशिप कंपनी अडाणी एंटरप्राइजेज लिमिटेड 20 हजार करोड़ रुपये का फॉलो-ऑन पब्लिक ऑफर (FPO) लाने जा रही है । इस ऑफर के तहत कंपनी पूरी रकम फ्रेश इक्विटी शेयर जारी करके जुटाएगी । कंपनी के बोर्ड की शुक्रवार को अहमदाबाद में हुई बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी गई । यह जानकारी अडाणी एंटरप्राइजेज ने स्टॉक एक्सचेंज फाइलिंग में दी है । अडाणी ग्रुप का यह इश्यू देश का सबसे बड़ा एफपीओ होगा ।
निवेशकों को जिसका लंबे समय से इंतजार था, वह मौका अब आ गया है। गौतम अडानी (Gautam Adani) की फ्लैगशिप कंपनी अडानी एंटरप्राइजेज (Adani Enterprises) अपना फॉलो ऑन पब्लिक ऑफर (FPO) लेकर आ रही है। इस एफपीओ के जरिए कंपनी खुदरा एवं संस्थागत निवेशकों से करीब 20,000 करोड़ रुपये जुटाएगी। गौतम अडानी की यह कंपनी निवेशकों को बंपर रिटर्न दे चुकी है। स्टॉक एक्सचेंजों पर लिस्ट होने के बाद से यह कंपनी निवेशकों को 26 गुना रिटर्न दे चुकी है। अडानी एंटरप्राइजेज हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को बोर्ड असेंबली बुलाने जा रही है। 25 नवंबर को अहमदाबाद में अडानी एंटरप्राइजेज के बोर्ड की बैठक होगी।
72.36% है कंपनी में प्रमोटर्स की हिस्सेदारी
कंपनी के बोर्ड की बैठक में एफपीओ या प्रेफरेंशियल एलॉटमेंट के जरिए फंड जुटाने की संभावनाओं पर चर्चा होगी। बोर्ड एफपीओ लाने को मंजूरी देती है तो इसके बाद सेबी की मंजूरी लेनी होगी। स्टॉक एक्सचेंजों को दी गई सूचना के अनुसार कंपनी में प्रमोटर्स की हिस्सेदारी 72.36 फीसदी है। अडानी एंटरप्राइजेज अपने कारोबार को तेजी से बढ़ा रही है। एफपीओ के जरिए रकम जुटाकर कंपनी अपने कारोबार को और अधिक डायवर्सिफाई कर सकती है। सूत्रों के अनुसार, कंपनी अधिग्रहण योजनाओं पर भी काम कर रही है।

अडाणी एंटरप्राइजेज का मौजूदा शेयरहोल्डिंग पैटर्न
अडाणी एंटरप्राइजेज लिमिटेड में फिलहाल प्रमोटर होल्डिंग 72.36 फीसदी है, जबकि एफआईआई के पास 15.59 फीसदी, आम पब्लिक के पास 6.46 फीसदी और म्यूचुअल फंड्स के पास कंपनी के 1.27 फीसदी शेयर हैं. एफपीओ जारी होने के बाद कंपनी में पब्लिक की हिस्सेदारी बढ़ जाएगी, जिससे शेयर बाजार में कारोबार के लिए इसके पहले से ज्यादा शेयर उपलब्ध होंगे । इससे कंपनी के शेयरों के ट्रेडिंग वॉल्यूम में भी इजाफा होगा ।

यस बैंक ने एफपीओ से जुटाए थे 15 हजार करोड़
इससे पहले 22 नवंबर को कंपनी ने कहा था कि 25 नवंबर को होने वाली बोर्ड की बैठक में फंड जुटाने के प्रस्ताव पर विचार किया जाएगा. बोर्ड की बैठक में एफपीओ का प्रस्ताव पास होने के बाद अब इस पर शेयरधारकों की मंजूरी पोस्टल बैलट के जरिए लिए जाने की योजना है । 20 हजार करोड़ रुपये का ये इश्यू देश का सबसे बड़ा एफपीओ होगा । इससे पहले यस बैंक ने जुलाई 2020 में एफपीओ के जरिए 15 हजार करोड़ रुपये जुटाए थे, जो अब तक देश का सबसे बड़ा एफपीओ है ।
क्या होता है एफपीओ? आईपीओ से क्यों है अलग?
एफपीओ यानी फॉलो-ऑन पब्लिक ऑफर के तहत शेयर बाजार में पहले से लिस्टेड पब्लिक कंपनी अपने नए शेयर जारी करके फंड जुटाती है, जबकि इनीशियल पब्लिक ऑफर यानी आईपीओ ऐसे पब्लिक इश्यू को कहते हैं, जिसमें कोई कंपनी पहली बार अपने शेयर पब्लिक के लिए जारी करके प्राइवेट लिमिटेड से पब्लिक लिमिटेड लिस्टेड कंपनी में तब्दील होती है ।

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