8 वीं बार नीतीश बने सीएम तो तेजस्‍वी बने डिप्‍टी सीएम, बीजेपी ने बनाई समारोह से दूरी

8 वीं बार नीतीश बने सीएम तो तेजस्‍वी बने डिप्‍टी सीएम, बीजेपी ने बनाई समारोह से दूरी

(एनएलएन मीडिया – न्यूज़ लाइव नाऊ): बिहार राजभवन में नीतीश कुमार ने आठवीं बार सीएम पद की शपथ ली। वहीं उनके बाद राज्यपाल ने आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने दूसरी बार उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली। शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के लिए राबड़ी देवी भी अपने परिवार के साथ राजभवन में पहुंची हैं। उनके साथ तेजस्वी की पत्नी भी मौजूद रहीं। बिहार की पूर्व सीएम राबड़ी देवी ने कहा कि मैं बहुत खुश हूं। राबड़ी देवी ने कहा कि पुराना सब माफ है।

नीतीश कुमार क्या बोले:
नीतीश कुमार ने सीएम पद की शपथ लेने के बाद प्रेस वार्ता में कहा कि पिछले दो महीनों से हालात ठीक नहीं थे। उन्होंने कहा कि हमने भाजपा को सपोर्ट दिया लेकिन वो हमें ही हराने में लगे थे। हमारी यह सरकार अपना कार्यकाल पूरा करेगी। नीतीश कुमार ने कहा कि भाजपा को लगता था विपक्ष खत्म हो जाएगा लेकिन अब हम भी विपक्ष में हैं।
प्रधानमंत्री मोदी जी का नाम लिए बिना नीतीश कुमार ने कहा कि 2014 में आने वाले, 2024 में रहेंगे तब ना। उन्होंने कहा, हम रहें या न रहें वे 2024 में नहीं रहेंगे। उन्होंने कहा कि मैं 2020 में सीएम नहीं बनना चाहता था।
शपथ ग्रहण से पहले पटना में BJP द्वारा नीतीश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन में भाजपा नेता शाहनवाज़ हुसैन ने कहा, “नीतीश जी के साथी अच्छे नहीं हैं। ‘अच्छा सिला दिया हम लोगों के प्यार का’ ये तो बड़ी गलत बात है। जब भी मिले कभी आभास नहीं हुआ कि वे छोड़ कर जाएंगे। लोकसभा के चुनाव में 40 सीट भाजपा जीतेगी।

वहीं आरजेडी के राज्यसभा सांसद मनोज झा ने जदयू और आरजेडी की सरकार को जनादेश की घर वापसी करार दिया है। उन्होंने कहा कि ये सरकार सिर्फ शपथ ही नहीं लेगी बल्कि 2017 से लेकर 2020 तक के लिए मिले जनादेश की घर वापसी हो रही है।

जानकारी है कि नीतीश कुमार की नई सरकार में 35 विधायकों को मंत्री बनाया जा सकता है। इसमें आरजेडी के 16, जदयू के 13 मंत्री हो सकते हैं। वहीं एक हम के और दो कांग्रेस के भी मंत्री हो सकते हैं। इससे साफ है कि इस बार भी नीतीश सरकार में आरजेडी का दबदबा होगा।

इसके अलावा भाजपा के दिग्गज नेता रवि शंकर प्रसाद ने नीतीश कुमार पर पलटवार करते हुए कहा कि नीतीश कुमार गैर कांग्रेसी नेता रहे हैं। उनकी राजनीति गैर-कांग्रेसवाद के इर्द-गिर्द है। क्या यह विचारधारा अब खत्म हो गई? भ्रष्टाचार और गैर-कांग्रेसवाद से समझौता हो गया है? नीतीश कुमार ने भ्रष्टाचार और कांग्रेसवाद का पक्ष लिया। इसके लिए बधाई, लोग लोकसभा और विधानसभा चुनावों में इसका जवाब देंगे।

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