नेशनल हेराल्ड के दफ्तर सहित 12 ठिकानों पर ED की छापेमारी, कांग्रेस बोली- हमें चुप नहीं करा सकते

News Live Now : नेशनल हेराल्ड केस से जुड़े मनी लांड्रिंग मामले में ईडी ने कार्रवाई की है। ईडी की टीम नेशनल हेराल्ड के दफ्तर में छापेमारी कर रही है। बता दें की ईडी की टीम कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और पार्टी नेता राहुल गांधी से पूछताछ कर चुकी है।

समाचार एजेंसी ने आधिकारिक सूत्रों के हवाले से बताया कि ईडी ने नेशनल हेराल्ड के दफ्तर के साथ ही 12 ठिकानों पर छापेमारी की है। इसके अलावा ईडी इस मामले को लेकर मुंबई में भी छापेमारी कर रही है।

उधर, ईडी की छापेमारी के बाद कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने ट्वीट कर केंद्र पर निशाना साधा है। जयराम ने कहा कि भारत के मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस के खिलाफ जारी प्रहार के तहत बहादुर शाह जफर मार्ग स्थित हेराल्ड हाउस में छापेमारी हुई है। मोदी सरकार के विरुद्ध उठने वाली हर आवाज के खिलाफ प्रतिशोध की राजनीति की हम कड़ी भर्त्सना करते हैं। आप हमें चुप नहीं करा सकते!

ईडी ने हाल ही में सोनिया गांधी से तीन दिन तक पूछताछ की थी। तीन दिन की पूछताछ में ईडी ने सोनिया से 100 से ज्यादा सवाल पूछे गए थे। पूछताछ के दौरान उनके साथ प्रियंका गांधी भी मौजूद थीं। सोनिया गांधी से पूछताछ का सिलसिला 18 जुलाई को शुरू हुआ था। उस दिन उनसे करीब दो घंटे पूछताछ की गई थी। तब उनसे 27-28 सवाल पूछे गए थे। ये सवाल एजेएल के माली हालत खराब होने, कांग्रेस की ओर से 90 करोड़ रुपये के लेन-देन के फैसले से जुड़े थे।

26 जुलाई को सोनिया गांधी से करीब 6 घंटे तक पूछताछ चली थी। तब सोनिया ने ज्यादातर सवालों का जवाब ‘नहीं मालूम’ में ही दिया था। सोनिया ने इस दौरान सवालों से बचने की कोशिश की थी। 6 घंटे की पूछताछ में उनसे लगभग 50 सवाल पूछे गए। सोनिया के अलावा ईडी ने उनके बेटे और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी से इस मामले में पांच दिनों तक विभिन्‍न सत्रों में लगभग 50 घंटे से ज्‍यादा समय तक पूछताछ की थी।

भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू (Jawahar Lal Nehru) द्वारा स्थापित नेशनल हेराल्ड अखबार चलाने वाली कंपनी एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (एजेएल) के यंग इंडियन के अधिग्रहण से जुड़े “नेशनल हेराल्ड केस” में जांच की जा रही है। नेशनल हेराल्ड केस में आरोप है कि नेशनल हेराल्ड, एसोसिएटिड जर्नल लिमिटिड और यंग इंडियन प्राइवेट लिमिटिड के बीच वित्तीय गड़बड़ियां हुईं। हालांकि, कांग्रेस का दावा है कि उन्होंने कोई गलत काम नहीं किया है। यंग इंडियन एक “गैर-लाभकारी” कंपनी है और इसलिए, मनी लॉन्ड्रिंग (Money Laundring) का कोई सवाल ही नहीं हो सकता।

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