अमेरिका ने अलकायका सरगना और आतंकियों के सबसे बड़े आका अल-जवाहिरी को मार गिराया है।

आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए अमेरिका ने अलकायका सरगना और आतंकियों के सबसे बड़े आका अल-जवाहिरी (Al-Zawahiri) को मार गिराया है। अमेरिका ने अफगानिस्तान के काबुल स्थित अपने घर की बालकनी में खड़े Al-Zawahiri पर ड्रोन से हमला किया और मार गिराया।

Newsn Live Nown : अमेरिका ने अलकायदा प्रमुख अयमान अल जवाहिरी को उसके घर में ही मार मार गिराया है। सेंट्रल इंटेलिजेंस एजेंसी (CIA) ने उसे अफगानिस्तान में ड्रोन हमले में निशाने पर लिया था। अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने अयमान अल जवाहिरी के निधन की पुष्टि की है। जवाहिरी ने 11 सितंबर 2001 को अमेरिका में हुए हमलों में 4 विमानों को हाईजैक करने में मदद की थी। आपको बता दें कि 2 विमान वर्ल्ड ट्रेड सेंटर के दोनों टॉवरों से टकरा गए, जबकि तीसरा विमान अमेरिकी रक्षा मंत्रालय यानी पेंटागन से टकरा गया। चौथा विमान शिकवले के एक खेत में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। साल 2001 की इस आतंकी घटना में करीब 3,000 लोग मारे गए थे।

EIJ का गठन किया गया था

अल जवाहिरी ने मिस्र में इस्लामिक जिहाद (EIJ) का गठन किया, जो एक उग्रवादी संगठन था, जिसने 1970 के दशक में मिस्र में धर्मनिरपेक्ष शासन का विरोध किया था। जवाहिरी चाहता था कि इस्लामी शासन मिस्र पर हावी हो। 1981 में मिस्र के राष्ट्रपति अनवर सादात की हत्या के बाद गिरफ्तार और प्रताड़ित किए गए सैकड़ों लोगों में जवाहिरी भी शामिल थे। तीन साल जेल में रहने के बाद वह मिस्र छोड़कर सऊदी अरब आ गए।

आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए अमेरिका ने अलकायका सरगना और आतंकियों के सबसे बड़े आका अल-जवाहिरी (Al-Zawahiri) को मार गिराया है। अमेरिका ने अफगानिस्तान के काबुल स्थित अपने घर की बालकनी में खड़े Al-Zawahiri पर ड्रोन से हमला किया और मार गिराया। हमले में किसी नागरिक की मौत नहीं हुई है। घर को कुछ नुकसान पहुंचा है। हमले के वक्त Al-Zawahiri के परिवार भी घर में मौजूद था। ओसामा बिन लादेन के खात्मे के लिए अमेरिकी कमांडो को पाकिस्तान की जमीं पर उतरना पड़ा था, लेकिन Al-Zawahiri के मामले में अलग रणनीति पर काम किया गया। ड्रोन से दो मिसाइलें दागी गईं और अलकायदा सरगना का काम तमाम कर दिया गया।

अमेरिका खुफिया एजेंसियां करीब दो महीने से अल जवाहिरी पर हमला की योजना बना रही थी। काबुल के जिस घर में वह रहता था, वहां से कभी बाहर नहीं निकलता था। इस कारण उस पर कोई भी एक्शन बहुत मुश्किल था। 31 जुलाई को वह कुछ पलों के लिए बालकनी में आया और अमेरिकी सेना ने दो R9X हैलफायर से हमला कर दिया। R9X हैलफायर मिसाइल अत्यधिक सटीकता के साथ लक्ष्य को मारने के लिए विस्फोटकों के बजाय विस्तारित ब्लेड का उपयोग करती है। यानी इस मिसाइल अटैक में किसी विस्फोटक का इस्तेमाल नहीं किया गया।

अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने मीडिया को संबोधित किया और Al-Zawahiri के खिलाफ मिशन को सफलतापूर्वक अंजाम दिए जाने का ऐलान किया। वहीं अमेरिकी अधिकारियों ने नाम न छापने की शर्त पर बोलते हुए कहा कि रविवार को सुबह 6:18 बजे (0148 GMT) अफगान राजधानी काबुल में अमेरिकी ड्रोन हमले के बाद जवाहिरी की मौत हो गई।

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