हार्दिक पटेल के “राहुल फैसला नहीं ले पा रहे” वाले बयान के बाद कांग्रेस ने बिहार-ओडिशा के अध्यक्ष से लिया इस्तीफा

हार्दिक पटेल ने गुजरात कांग्रेस में कार्यकारी अध्यक्ष पद को लेकर भी सवाल उठाया। कहा- इस पद पर बैठे लोगों के लिए कोई काम नहीं होता है।

(एनएलएन मीडिया – न्यूज़ लाइव नाऊ): हार्दिक पटेल का बयान उनको भारी पड़ गया है। गुजरात में विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष हार्दिक पटेल ने पार्टी हाईकमान पर फैसला नहीं ले पाने का आरोप लगाया है। हार्दिक ने कहा- मैंने राहुल गांधी के सामने कई बार मुद्दे उठाए हैं, लेकिन समाधान नहीं हो सका। कांग्रेस हाईकमान मुझे ऐसा पद दिया है, जैसे किसी शादी कर देने के बाद उसकी नसबंदी कर दी हो। हार्दिक के इस बयान के बाद उनके पार्टी छोड़ने की भी अटकलें लग रही हैं।
पत्रकारों से बातचीत में हार्दिक ने कहा कि मैं करीब 3 महीने से पाटीदार नेता नरेश पटेल को कांग्रेस में शामिल करने के लिए कह रहा हूं, लेकिन हाईकमान उनकी बेइज्जती करने में लगा है। आने वाले 6 महीने में चुनाव होने हैं, लेकिन कांग्रेस हाईकमान कोई फैसला नहीं कर पा रहा है। मैंने राहुल गांधी से कहा, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
हार्दिक पटेल ने गुजरात कांग्रेस में कार्यकारी अध्यक्ष पद को लेकर भी सवाल उठाया। कहा- इस पद पर बैठे लोगों के लिए कोई काम नहीं होता है।
हार्दिक पटेल ने गुजरात कांग्रेस में कार्यकारी अध्यक्ष पद को लेकर भी सवाल उठाया। कहा- इस पद पर बैठे लोगों के लिए कोई काम नहीं होता है।
5 राज्यों में हार के बाद जहां कांग्रेस पार्टी स्टेट यूनिट में बदलाव कर रही है। कई राज्यों में भारी उथल-पुथल मची हुई है। बिहार कांग्रेस और ओडिशा कांग्रेस के अध्यक्ष ने बुधवार को इस्तीफा दे दिया। यहां नए अध्यक्ष का चुनाव होना है, जबकि हरियाणा में भी नए प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने हैं।
मदन मोहन झा का कार्यकाल मई-जून 2021 में ही खत्म हो गया था, लेकिन नामों पर सहमति नहीं बन पाने की वजह से वे अध्यक्ष थे।
यूपी, बंगाल और गोवा कांग्रेस में भी कलह जारी है। यूपी में करीब एक महीने बीत जाने के बाद भी नए अध्यक्ष का चुनाव नहीं हो सका है। इसके अलावा, गोवा में कद्दावर नेता दिगंबर कामत पार्टी के हालिया फैसले से नाराज हैं।
बंगाल चुनाव में करारी हार के बाद से ही नए अध्यक्ष पर फैसला होने की बात कही जा रही है। बंगाल कांग्रेस के अध्यक्ष अधीर रंजन चौधरी लोकसभा में कांग्रेस के नेता भी हैं। ऐसे में बंगाल में नया अध्यक्ष का चुनाव कांग्रेस के लिए आसान नहीं है।
5 राज्यों में हार के बाद सोनिया गांधी को CWC ने फेरबदल के अधिकार दिए थे।
5 राज्यों में हार के बाद कांग्रेस के भीतर G-23 के नेताओं ने मोर्चा खोला था। पार्टी नेताओं ने कांग्रेस के भीतर जिम्मेदारी तय करने की मांग की थी। वहीं पार्टी में राहुल गांधी की दखलअंदाजी पर भी सवाल उठाया था। फिलहाल हार्दिक पटेल से शुरू हुए इस तूफान का असर पार्टी को देखने को मिलेगा।

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