‘हमारा बजाज ‘ नहीं रहे हमारे साथ। हृदय रोग का करा रहे थे इलाज।

(एनएलएन मीडिया – न्यूज़ लाइव नाऊ):उद्योगपति राहुल बजाज (Rahul Bajaj) का 83 वर्ष की उम्र में आज निधन हो गया है. वह लंबे समय से बीमार थे. करीब 50 साल तक बजाज ग्रुप का नेतृत्व करने वाले पूर्व चेयरमैन राहुल बजाज पद्मभूषण से सम्मानित थे और वह 2006-2010 तक राज्यसभा के सदस्य भी थे. उनकी मौत पर बीजेपी नेता और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने ट्वीट कर श्रद्धांजलि दी है. उन्होंने बजाज के साथ लंबे व्यक्तिगत संबंधों को याद करते हुए परिजनों को सांत्वना दी है. बजाज को वर्ष 2001 में पद्म भूषण से सम्मानित किया गया था. वह स्वतंत्रता संग्राम सेनानी जमनालाल बजाज के पोते थे. उन्होंने पिछले साल बजाज ग्रुप के चेयरमैन पद से इस्तीफा दिया था और राहुल बजाज के स्थान पर कंपनी ने नीरज बजाज को चेयरमैन नियुक्त किया गया था.राहुल बजाज ने हार्वर्ड बिजनेस स्कूल से एमबीए किया था. इसके अलावा उन्होंने बॉम्बे यूनिवर्सिटी से वकालत की पढ़ाई भी की थी. साल 1965 में 27 वर्ष की उम्र में ‘बजाज ऑटो लिमिटेड’ के सीईओ का पद संभाला था. बजाज ऑटो की सफलता में राहुल बजाज का बहुत अधिक योगदान रहा है. राहुल बजाज ने 1965 में बजाज समूह की कमान संभाली थी. उन्होंने कंपनी का नेतृत्व करते हुये बजाज चेतक स्कूटर लांच किया जिसे मध्यम वर्ग के लिए एस्पिरेशनल सिंबल माना गया. बजाज चेतक की सफलता के बाद कंपनी लगातार आगे बढ़ती चली गई. 90 के दशक में भारत में उदारीकरण की शुरुआत हुई और जापानी मोटर साइकिल कंपनियों ने भारतीय दुपहिया वाहनों को कड़ी टक्कर दी लेकिन राहुल बजाज के नेतृ्त्व में कंपनी आगे बढ़ती रही.देश के सबसे सफलतम उद्योगपतियों में से एक राहुल बजाज को उनके खुलकर बोलने के लिये जाना जाता है और वह 2006 से लेकर 2010 तक राज्य सभा के सदस्य भी रहे. नवंबर 2019 में मुंबई में एक कार्यक्रम में गृह मंत्री अमित शाह, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल की उपस्थिति में राहुल बजाज ने सरकार की आलोचना को लेकर उद्योगपतियों के डर के बारे में चुटकी लेते हुये कहा था कि हम सभी के दिमाग में डर का माहौल है और केंद्र अच्छा काम कर रही है, इसके बावजूद हमारे भीतर यह विश्वास नहीं है कि आप आलोचना को सराहेंगे.

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