आठ यात्रियों तक वाले वाहनों में छह एयरबैग अनिवार्य होंगे- सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी

एम1 वाहन श्रेणी में, यह फैसला लिया गया है कि आगे और पीछे दोनों कंपार्टमेंट में बैठे लोगों के सामने और पीछे से होने वाले टक्करों के असर को कम करने के लिए चार अतिरिक्त एयरबैग अनिवार्य हैं।

(एनएलएन मीडिया – न्यूज़ लाइव नाऊ): भारत सरकार सड़क यात्राओं की सुरक्षा मानकों को लेकर नियम कड़ी कर रही है। भारतीय बाजार में बिकने वाले वाहनों में यात्रियों की सुरक्षा को लेकर अकसर चिंताएं जाहिर की जाती रही हैं। इन चिंताओं को दूर करने के लिए सरकार ने कई कदम उठाए हैं। केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने शुक्रवार को एक ट्वीट में कहा कि उन्होंने आठ लोगों को ले जाने वाले मोटर वाहनों के लिए न्यूनतम छह एयरबैग अनिवार्य करने के लिए जीएसआर अधिसूचना के मसौदे को मंजूरी दे दी है।
गडकरी ने कहा, “यह आखिरकार सभी सेगमेंट में यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करेगा, भले ही वाहन की कीमत/वैरिएंट कुछ भी हो।”
मंत्रालय ने पहले ही 1 जुलाई 2019 से ड्राइवर एयरबैग और इस साल 1 जनवरी से फ्रंट को-पैसेंजर एयरबैग के फिटमेंट को लागू करना अनिवार्य कर दिया है।
एम1 वाहन श्रेणी में, यह फैसला लिया गया है कि आगे और पीछे दोनों कंपार्टमेंट में बैठे लोगों के सामने और पीछे से होने वाले टक्करों के असर को कम करने के लिए चार अतिरिक्त एयरबैग अनिवार्य हैं।
इसमें दो साइड/साइड टोरसो एयरबैग और दो साइड कर्टेन/ट्यूब एयरबैग शामिल होंगे जो कार के सभी यात्रियों को कवर करेंगे। उन्होंने कहा कि भारत में मोटर वाहनों को पहले से कहीं ज्यादा सुरक्षित बनाने के लिए यह एक महत्वपूर्ण कदम है।
भारत उन शीर्ष देशों में से एक है जहां हर साल चिंताजनक रूप से बड़ी संख्या में सड़क दुर्घटनाएं दर्ज होती हैं। इन सड़क हादसों में बड़ी संख्या में मौतें और गंभीर चोटें आती हैं। जबकि यातायात उल्लंघन को दुर्घटनाओं के पीछे प्रमुख कारणों के रूप में जिम्मेदार ठहराया जाता है। लेकिन अपर्याप्त सुरक्षा उपाय, विशेष रूप से छोटे एंट्री लेवल के वाहनों में भी बड़ी संख्या में मौतें का कारण होती हैं। फिलहाल 6 एयरबैग्स के निर्णय के बाद अब देश की जनता को अब आदेश का पालन करना होगा।

You might also like More from author

Leave A Reply

Your email address will not be published.