हरियाणा के भिवानी स्थित डाडम खनन क्षेत्र में पहाड़ खिसकने से 3 की मौत, कई अन्य अभी भी दबे, बचाव कार्य जारी ।

मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने भिवानी के डाडम हादसे पर दुख जताया है। जिला प्रशासन के साथ मिलकर मुख्यमंत्री खुद रेस्कयू आपरेशन पर नजर बनाए हुए हैं।

(एनएलएन मीडिया – न्यूज़ लाइव नाऊ): हरियाणा स्थित भिवानी के खनन क्षेत्र डाडम में पहाड़ खिसकने के कारण बड़ी दुर्घटना की खबर है। सूत्रों के अनुसार, हादसे में दो लोगों की मौत हो गई है, उनके शव मलबे से निकाले गए हैं। मौतों का आंकड़ा बढ़ सकता है। मौके पर मौजूद लोगों के अनुसार, मलबे में करीब 15-20 लोग और 10 गाड़ियां दबी हैं। दो की मौत की पुष्टि हो गई है। हरियाणा पुलिस के अनुसार, अब तक सात लोगों के घायल मिलने की सूचना है। बचाव कार्य लगातार जारी है।
पहाड़ दरकने से गिरे सैकड़ों टन वजनी पत्थरों के नीचे कई पोकलेन मशीनें, ट्रक और अन्य वाहन भी दब गए।
वहीं पहाड़ का जो हिस्सा गिरा है उसमें तीन बड़े पत्थर हैं, जिन्हें हटाने में दिक्कत आ रही है। पुलिस और प्रशासन ने मीडिया के घटनास्थल पर जाने पर पाबंदी लगा दी है।
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने भिवानी के डाडम हादसे पर दुख जताया है। जिला प्रशासन के साथ मिलकर मुख्यमंत्री खुद रेस्कयू आपरेशन पर नजर बनाए हुए हैं।
घटना की सूचना मिलने के बाद कृषि मंत्री जेपी दलाल भी घटनास्थल पर पहुंचे और मौके का जायजा लिया। इसके अलावा नागरिक अस्पताल तोशाम से डाक्टरों की टीम भी मौके पर मौजूद है। वन विभाग की टीम भी मौके पर मौजूद है।
घटना के गवाह खानक निवासी जसवंत ने बताया कि जमीन से 100-150 फीट नीचे खनन होता है।करीब साढ़े नौ बजे अचानक धुल का गुब्बार छा गया और जोरदार धमाके के साथ बड़े-बड़े पत्थर आ गिरे। यह करीब दो मिनट चला। आंखें बद हो गईं और रूह कांप उठी। लगा जैसे कि अब कुछ नहीं बचेगा। पत्थर लगने से उसका डंपर थोड़ा खिसका जरूर पर भगवान का शुक्र है कि उसकी जान बच गई।
एक अन्य प्रत्यक्षदर्शी पिंजोखरा निवासी चालक सतपाल ने बताया कि संभलने का मौका ही नहीं मिला। पलक झपकने जितने समय में सब कुछ हो गया। धूल में कुछ नजर नहीं आ रहा था। जोरदार धमाके के साथ गिरे पत्थर ने उसके डंपर को करीब 20 फीट आगे खिसका दिया।
पहाड़ दरकने से गिरे मलबे में कई हजार टन के तीन बड़े-बड़े पत्थर हैं। इन पत्थरों को हटाने के लिए प्रशासन की टीम के पास बड़ी मशीनें नहीं हैं। जो यहां मशीनें उपलब्ध भी हैं उनकी क्षमता इतनी नहीं है कि इन पत्थरों को हटाना तो दूर हिला भी सकें। यदि इन्हें ब्लास्ट कर तोड़ा जाता है तो फिर नीचे दबा व्यक्ति यदि जिंदा भी होगा तो उसके बचने की गुंजाइश भी खत्म हो जाएगी। प्रशासनिक टीम के पास अभी इस समस्या से निपटने का कोई उपाय नहीं है।
भिवानी के तोशाम क्षेत्र में खानक और डाडम में बड़े स्तर पर पहाड़ खनन कार्य होता है। प्रदूषण के कारण 2 महीने पहले खनन कार्य पर रोक लग गई थी। NGT ने गुरुवार को खनन कार्य दोबारा शुरू करने की अनुमति दी। एनजीटी से अनुमति मिलने के बाद शुक्रवार से खनन कार्य शुरू हुआ। दो महीने तक खनन कार्य बंद रहने के कारण भवन निर्माण सामग्री की किल्लत भी महसूस की जा रही थी।
फिलहाल अभी घटनास्थल पर बचाव कार्य जारी है।

You might also like More from author

Leave A Reply

Your email address will not be published.