नीतियाँ नहीं सुधरी और सोलर सब्सिडी का भुगतान नहीं हुआ तो करेंगे आंदोलन – सोलर परिवार

सोलर व्यापारी अपने पैसे के लिए मर रहें है और सरकारी एजेंसियों ने अपनी मनमानी कर रखी है :- अनिल दुबे

(एनएलएन मीडिया – न्यूज़ लाइव नाऊ):-

MSME एक तरह की सरकार की स्कीम है जिसकी शुरुआत छोटे उद्यमियों को बढ़ावा देने के लिए की गई थी।इनको बढ़ावा देने व आत्मनिर्भर बनाने के लिए इन उद्यमियों को सरकार द्वारा कुछ खास सुविधाएं देने का प्रावधान किया गया परन्तु शीर्ष अधिकारियों द्वारा नजर अंदाज किया जाता रहा है और सरकार की योजना पर लगातार पलीता लगाने का काम यह अधिकारी करते आ रहे हैं।

सोलर ऊर्जा में प्लांट लगाने का कार्य कर रही फर्में व वेंडर इसी श्रेणी में आते हैं जिनको भुगतान मिलने की भी सरकार द्वारा समय सीमा निर्धारित की गई है।कोविड19 से पूरे देश का हर क्षेत्र प्रभावित हुआ है और सबसे ज्यादा मार सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम वर्ग पर आई है।केंद्रीय अनुदान हेतु जारी फेज2 जो 15 माह हेतु संचालित था कोविड के कारण लगभग ढाई साल चला।

ज्ञात ही है कि फेज 2 समाप्त होने को है।और कई डिस्कोम में वेंडर्स के भुगतान लम्बित हैं।कुछ डिस्कोम में जैसे पश्चिमांचल में तो अभी तक एक भी पैसे का भुगतान नहीं हुआ है जबकि चाहे uppcl या mnre के सिटीजन चार्टर में भुगतान की अवधि निश्चित है।MSME की शर्तों के अनुसार भी मध्यम व लघु उद्योग के व्यापारियों का भुगतान अधिकतम 45 दिनों में हो जाना चाहिए।व्यापारियों द्वारा अपने स्तर पर हर अधिकारी को संपर्क किया परन्तु कोई भी इस विषय पर गंभीर नहीं है।
सोलर परिवार के संयोजक अनिल दुबे जी ने बताया कि MNRE स्तर पर फ़ोन से व लिखित शिकायत का भी असर नहीं हुआ।दीपावली सर पर है।जब सब अधिकारी त्योहार के रंग में सराबोर होंगे उस समय सोलर व्यापारी के परिवार ढंग से दीपक भी नहीं जला पाएंगे।अगर तुरंत भुगतान नहीं होता है हर स्तर पर ध्यानाकर्षण हेतु हमें आंदोलनात्मक कार्यवाही हेतु मजबूर होना होगा।

राज्य सरकार कि सोलर की नोडल एजेंसी UPNEDA तो सोलर व्यापारियों को जो की मेजर स्टेकहोल्डर्स है उनको नजरअंदाज करती रही है और टेंडर में बिना पूछे अपनी  मनमानियां करती रहती है | उन्होंने कहा की वो इस विषय पर प्रधानमंत्री, MSME मन्त्री,MNRE , मुख्यमंत्री,ACS महोदय तक ले जाने का प्रयास करेंगे जिससे  सोलर व्यापारी व उन पर आश्रित हजारों परिवार भी बिना और कर्ज लिए दीपावली मना सकें और सरकार की नीतियों का लाभ लें सकें।साथ ही सरकार की योजना को विफल करने व सरकार को बदनाम करने में लगे अधिकारियों व कर्मचारियों के विरुद्ध सख्त कार्यवाही करने का आदेश जारी करने का कष्ट करें।

ज्ञात हो कि उत्तर प्रदेश की नोडल एजेंसी UPNEDA की मनमानी और गलत नीतियों के कारन सौर ऊर्जा की स्थापना और सोलर व्यापारियों की स्थिति दोनों बद से बदतर है |

अगर इसमें त्वरित संज्ञान नहीं लिया गया तो प्रधानमत्री के सौर ऊर्जा के सपनो को कैसे हकीकत में बदल पाएंगे |

You might also like More from author

Leave A Reply

Your email address will not be published.