टेस्ला ने कार की कीमतों में टैक्स कम करने मांग सामने रखी ।

खबरों के मुताबिक पिछले महीने एक गुप्त बैठक में टेस्ला के अधिकारियों ने अपनी मांग को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अधिकारियों के सामने रखा है।

(एनएलएन मीडिया – न्यूज़ लाइव नाऊ): टेस्ला भारत की इलेक्ट्रिक कार मार्केट में एंट्री चाह रही है। इलेक्ट्रिक कार बनाने वाली अमेरिकी कंपनी टेस्ला भारत में एंट्री से पहले आयात शुल्क पर राहत चाहती है। बीते कुछ महीनों से टेस्ला के सीईओ एलन मस्क भी इस कटौती की मांग कर रहे हैं। अब कंपनी ने पीएमओ का दरवाजा खटखटाया है।
खबरों के मुताबिक पिछले महीने एक गुप्त बैठक में टेस्ला के अधिकारियों ने अपनी मांग को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अधिकारियों के सामने रखा है। रॉयटर्स ने सूत्रों के हवाले से बताया कि बैठक के दौरान, टेस्ला ने अलग से अपने सीईओ एलन मस्क और पीएम मोदी के बीच मीटिंग का अनुरोध भी किया है। यह स्पष्ट नहीं है कि पीएम मोदी के कार्यालय की ओर से क्या जवाब दिया गया है।
टेस्ला की मांग पर बंटे अधिकारी: सूत्रों के मुताबिक सरकारी अधिकारी टेस्ला की मांग पर बंटे हुए हैं। कुछ अधिकारी चाहते हैं कि कंपनी किसी भी राहत से पहले डोमेस्टिक मैन्युफैक्चरिंग के लिए प्रतिबद्ध हो। सूत्रों ने कहा कि सरकार स्थानीय ऑटो उद्योग पर पड़ने वाले असर को लेकर भी चिंतित है।
क्या है मामला: दरअसल, टेस्ला इस साल भारत में आयातित कारों की बिक्री शुरू करना चाहती है, लेकिन उनका कहना है कि आयात शुल्क बहुत ज्यादा है। यही वजह है कि टेस्ला सरकार से आयात शुल्क पर राहत की मांग कर रही है। हालांकि, कई घरेलू कंपनियां इसके पक्ष में नहीं हैं। कैब सर्विस प्रोवाइडर ओला के को-फाउंडर भाविश अग्रवाल पहले इस टेस्ला की इस मांग का विरोध कर चुके हैं। वहीं, टाटा मोटर्स जैसी कंपनियां भी इसका विरोध कर रही हैं।
कितना है आयात शुल्क: भारत 40,000 डॉलर या उससे कम लागत वाले इलेक्ट्रिक वाहनों पर 60 प्रतिशत का आयात शुल्क और 40,000 डॉलर से अधिक की कीमत वाले वाहनों पर 100 प्रतिशत शुल्क लगाता है। विश्लेषकों के मुताबिक इन दरों पर टेस्ला की कारें काफी महंगी हो जाएंगी और भारत में इसकी बिक्री को सीमित कर सकती है।
नितिन गडकरी ने दी थी हिदायत: हाल ही में परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने टेस्ला को भारतीय बाजार के लिए कुछ हिदायत भी दी थी। मसलन, गडकरी ने कहा था कि भारत में चीन में बनी कारों की बिक्री नहीं करनी चाहिए। इसके बजाय स्थानीय रूप से निर्माण करना चाहिए। हालांकि, टेस्ला ने संकेत दिया है कि वह पहले आयात के साथ प्रयोग करना चाहती है। एलन मस्क ने जुलाई में ट्विटर पर कहा था कि अगर टेस्ला आयातित वाहनों के साथ सफल होने में सक्षम रहती है तो भारत में एक कारखाने की काफी संभावना है। फिलहाल टेस्ला भारत में बहुलता से दौड़ेगी या नहीं यह समय ही बताएगा।

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