आतंकवाद के मसले पर तालिबान पर भरोसा नहीं – एंटनी ब्लिंकन

आतंकवाद के मुद्दे पर ब्लिंकन ने कहा कि तालिबान सरकार पर पूरी तरह भरोसा नहीं किया जा सकता, उस पर नजर रखनी होगी।

(एनएलएन मीडिया – न्यूज़ लाइव नाऊ): अमेरिका के जाने के बाद अफगानिस्तान में अब तालिबान की सरकार है। आखिरकार तालिबान ने अफगानिस्तान में अपनी सरकार बना ली है। आतंकवाद को लेकर तालिबान सरकार का क्या रुख होगा, इस पर सबकी नजरें हैं। इसी सिलसिले में अफगानिस्तान पर अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने अहम बयान दिए हैं। आतंकवाद के मुद्दे पर ब्लिंकन ने कहा कि तालिबान सरकार पर पूरी तरह भरोसा नहीं किया जा सकता, उस पर नजर रखनी होगी।
उन्होंने कहा कि तालिबान हमारी बात मानता है या नहीं, यह देखना बाकी है। काबुल में वाणिज्यिक हवाई अड्डे के संचालन को फिर से शुरू करना महत्वपूर्ण है। हम इसके लिए सरकार और संयुक्त राष्ट्र एजेंसियों के विशेष रूप से आभारी हैं।
ब्लिंकन ने आतंकवाद पर चिंता जाहिर करते हुए कहा तालिबान आतंकवादी समूहों को अफगानिस्तान की जमीन का उपयोग करने से रोकना होगा  जो आगे किसी के लिए भी खतरा पैदा कर सकता है। तालिबान ने न केवल हमसे बल्कि बाकी देशों से भी वादा किया है। हमें उस प्रतिबद्धता के लिए उसे जवाबदेह बनाए रखना होगा।
ब्लिंकन ने कहा कि बेशक हम इन प्रतिबद्धताओं को पूरा करने के लिए सिर्फ तालिबान पर भरोसा नहीं कर सकते। 26 अगस्त को आईएसआईएस-के द्वारा किया गया भयानक हमला हुआ, जिसमें 13 अमेरिकी सैनिक और कई अफगान मारे गए थे। यह हमला दिखाता है कि ये समूह अफगानिस्तान के अंदर खेलना जारी रखते हैं।
अमेरिकी विदेश मंत्री ने कहा कि हम सभी को सतर्क रहना होगा और खतरों की निगरानी करनी होगी ताकि उनसे तेजी से निपटा जा सके। अमेरिका किसी भी खतरे को बेअसर करने में सक्षम है और मजबूत आतंकवाद विरोधी क्षमताओं को बनाए रखेगा।
साथ ही एंटनी ब्लिंकन ने कहा कि तालिबान ने बार-बार कहा है कि कोई भी अफगान जो यात्रा करना चाहता है और उसके पास उपयुक्त दस्तावेज हैं, वह ऐसा करने में सक्षम होगा। 100से अधिक देशों ने उम्मीद जताई है कि तालिबान उस अपने वादे का सम्मान करेगा। ब्लिंकन ने कहा कि इसे अब यूएनएससी के प्रस्ताव में भी शामिल किया गया है।
अमेरिकी विदेश मंत्री ने साफ शब्दों में कहा कि हमने तालिबान के साथ अपने कुछ संबंधों में ब्रेन ड्रेन के बारे में उनकी चिंता के बारे में सुना है। साथ ही बताया कि तालिबान के साथ कुछ चीजें को साझा किया गया था उनमें से एक यह भी था कि लोगों को अफगानिस्तान छोड़ने की अनुमति दी जाए, साथ ही साथ उनके मूल अधिकारों को बनाए रखा जाए। फिलहाल तालिबान के ऊपर अमेरिका के साथ विश्व के सभी बड़े देशों की नजर है।

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