धरती के समीप से निकला ऐस्टरॉइड 99942 अपोफिस।

शनिवार को जब यह धरती के करीब से गुजरा तो कई लोगों ने इसे ऑब्जर्व किया। कुछ लोगों ने इसकी तस्वीरें और वीडियो भी सोशल मीडिया पर शेयर की हैं।

(एनएलएन मीडिया – न्यूज़ लाइव नाऊ): अंतरिक्ष में कई पिंड हमारी धरती के समीप से गुजरते हैं। इनमें से कुछ काफी दूरी से निकल जाते हैं लेकिन कुछ ऐसे होते हैं जिनके ज्यादा करीब आने की संभावना होती है। ऐसा ही एक स्पेस ऑब्जेक्ट है ऐस्टरॉइड 99942 अपोफिस। यह ऐस्टरॉइड शनिवार को धरती के 1.04 करोड़ मील दूर से गुजर गया। यह दूरी अपने आप में काफी ज्यादा लगती है लेकिन ध्यान देने वाली बात यह है कि इसके रास्ते पर असर होने से यह दूरी कम भी हो सकती है और भविष्य में यह धरती से टकरा भी सकता है।
शनिवार को जब यह धरती के करीब से गुजरा तो कई लोगों ने इसे ऑब्जर्व किया। कुछ लोगों ने इसकी तस्वीरें और वीडियो भी सोशल मीडिया पर शेयर की हैं। खास बात यह है कि अगली बार जब 2029 में यह धरती के और करीब से निकलेगा तो इसे देखने के लिए किसी उपकरण की जरूरत नहीं पड़ेगी।
करीब 3-4 फुटबॉल फील्ड्स के बराबर आकार वाले ऐस्टरॉइड अपोफिस का नाम ही यूनानी भाषा में ‘तबाही के देवता’ पर रखा है। इसके पीछे कारण यह है कि अगर कभी यह धरती से टकराता है तो परमाणु बम गिरने से भी हजारों गुना ज्यादा तबाही होगी। अभी तक के आकलन के मुताबिक यह ऐस्टरॉइड जब 2029 में फिर से धरती के करीब से गुजरेगा तब यह सिर्फ 19 हजार मील दूर होगा।
गुरुत्वाकर्षण के कारण ऐस्टरॉइड्स के रास्ते में बदलाव हो सकता है। इसके अलावा सूरज की गर्मी से पिघलने और फिर ठंडा होने पर रेडिएशन के उत्सर्जन से भी इनका रास्ता बदल सकता है। इसे Yarkovsky इफेक्ट कहते हैं। रेडिएशन की वजह से ऐस्टरॉइड पर फोर्स थ्रस्टर की तरह काम करती है। हालांकि, 2029 में इसके धरती से टकराने की आशंका नहीं है। अप्रैल 2068 में ऐसा होने की आशंका है लेकिन वह भी बहुत ज्यादा नहीं है।
यह ऐस्‍टरॉइड कितना शक्तिशाली है, इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि यह अगर पृथ्‍वी से टकराता है तो 88 करोड़ टन TNT के विस्‍फोट के बराबर असर होगा।
इस लिस्ट में सबसे पहला और सबसे बड़ा ऐस्टरॉइड 29075 (1950 DA) जो 2880 तक नहीं आने वाला है। इसका आकार अमेरिका की एम्पायर स्टेट बिल्डिंग का भी तीन गुना ज्यादा है और एक समय में माना जाता था कि पृथ्वी से टकराने की इसकी संभावना सबसे ज्यादा है।
Asteroid Apophis का डायमीटर 1214 फीट है और इसके 2060-2105 के बीच पृथ्वी को नुकसान पहुंचा सकता है। संभावना जताई जा रही है कि यह धरती के 19,000 मील दूर से निकलेगा।
Asteroid Bennu का डायमीटर 1608 फीट है। हालांकि, इसके पृथ्वी से टकराने की संभावना कम है लेकिन अगर ऐसा हुआ भी तो यह साल 2175 से 2199 के बीच होगा।
2020-2025 के बीच 2018 VP1 नाम Asteroid के पृथ्वी से टकराने की संभावना है लेकिन यह सिर्फ 7 फीट चौड़ा है। इससे बड़ा 177 फीट का Asteroid 2005 ED224 साल 2023-2064 के बीच पृथ्वी से टकरा सकता है।
यही नहीं, ऐस्टरॉइड्स के धरती से करीब से गुजरने पर वैज्ञानिकों को इन्हें स्टडी करने का मौका मिलता है। धरती पर लगे टेलिस्कोप्स इनकी सतह के बारे में जानकारी इकट्ठा करते हैं। माना जाता है कि ऐस्टरॉइड्स शुरुआती ब्रह्मांड की कहानियों को समेटे होते हैं और उनसे न सिर्फ ब्रह्मांड की उत्पत्ति बल्कि धरती पर जीवन की शुरुआत के बारे में भी पता चल सकता है।
ऐस्टरॉइड सैंपल्स में छिपे हैं कई जवाब
हाल ही में एक स्टडी में पाया गया है कि ऐस्टरॉइड Itokawa से लाए गए सैंपल से वहां पानी और ऑर्गैनिक मैटर (Organic matter on Itokawa 25143) होने के सबूत मिले हैं। जापान का Hayabusa मिशन यह सैंपल लेकर आया था। Hayabusa 2 मिशन भी पिछले साल ऐस्टरॉइड Ryugu से सैंपल लेकर आया है और उन्हें भी जीवन की तलाश में स्टडी किया जाएगा। वहीं, NASA के Osiris-Rex स्पेसक्राफ्ट ने ऐस्टरॉइड Bennu से सैंपल इकट्ठा किए हैं और वह 2023 में धरती पर लौटेगा। अंतरिक्ष में धरती के समीप से निकालने वाले पिंडों में अनेक रहस्य छिपे हैं।

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