बोरिस जॉनसन होंगे गणतंत्र दिवस के चीफ गेस्ट, PM मोदी का निमंत्रण किया स्वीकार

(एनएलएन मीडिया – न्यूज़ लाइव नाऊ): ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन इस बार भारत के गणतंत्र दिवस समारोह के मुख्य अतिथि होंगे। बता दें, इसकी पुष्टि ब्रिटेन के विदेश सचिव डोमिनिक रॉब ने भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर से मुलाकात के बाद की है। वहीं पिछली बार, 2020 के गणतंत्र दिवस परेड में मुख्य अतिथि के रूप में ब्राजील के राष्ट्रपति जायर बोलसोनारो को आमंत्रित किया गया था। ब्रिटेन के विदेश मंत्री ने कहा, ‘‘हमारे प्रधानमंत्री बोरिस जानसन ने भारत के गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि बनने के निमंत्रण को स्वीकार कर लिया है । ’’गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि बनने के निमंत्रण को ब्रिटिश प्रधानमंत्री बोरिस जानसन द्वारा स्वीकार करने पर विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा, ‘‘ यह भारत ब्रिटेन संबंधों के नये युग की शुरूआत का प्रतीक होगा । ’’इससे पहले मंगलवार को भारत यात्रा पर आए ब्रिटेन के विदेश मंत्री डोमिनिक राब के साथ विदेश मंत्री एस जयशंकर ने मुलाकात की । इस दौरान उन्होंने व्यापार, रक्षा, शिक्षा, पर्यावरण और स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने को लेकर वार्ता की।दोनों देशों के विदेश मंत्रियों की मुलाकात के बाद शिष्टमंडल स्तर की वार्ता भी हुई ।राब ऐसे समय में भारत यात्रा पर यहां आएं हैं, जब ब्रिटेन ब्रेक्जिट के बाद व्यापार समझौता करने के लिए यूरोपीय संघ के साथ जटिल वार्ता कर रहा है। राब 14 दिसंबर से 17 दिसंबर तक की भारत यात्रा पर आए हैं।बैठक के बाद विदेश मंत्री एस जयशंकर ने संवाददाताओं को बताया कि ब्रिटेन के विदेश मंत्री डोमिनिक राब के साथ वार्ता में भारत एवं ब्रिटेन के संबंधों को और मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित किया गया। उन्होंने कहा, ‘‘हमने अफगानिस्तान के हालात और खाड़ी देशों एवं हिंद-प्रशांत क्षेत्र संबंधी गतिविधियों की समीक्षा की । ’’ जयशंकर ने कहा, ‘‘ आतंकवाद और कट्टरवाद के कारण पैदा हुई चुनौतियों पर चर्चा की गई, जो साझा चिंताएं हैं । ’’ उन्होंने कहा कि कोविड-19 के बाद आर्थिक सुधार की गति तेज करने के लिये भारत-ब्रिटेन के बीच गठजोड़ महत्वपूर्ण है। वहीं, ब्रिटेन के विदेश मंत्री डोमिनिक राब ने कहा ‘‘ हम भारत के साथ आर्थिक संबंध मजबूत करना चाहते है । ’’ उन्होंने कहा कि दुनिया जिस तरह से बदल रही है, ऐसे में दोनों देशों के लिये नौवहन सुरक्षा, आपूर्ति श्रृंखला, जलवायु परिवर्तन जैसे मुद्दे शीर्ष प्राथमिकता हैं ।राब ने कहा ‘‘ हमारे संबंध विभिन्न क्षेत्रों में साझे हित और साझे मूल्यों पर आधारित हैं और हम कई तरह से सहयोग बढ़ाना चाहते हैं । ’’ गौरतलब है कि ब्रेक्जिट के मद्देनजर ब्रिटेन भारत जैसी अग्रणी अर्थव्यवस्थाओं के साथ व्यापार संबंध मजबूत करने की कोशिश कर रहा है। ऐसी आशंका जताई जा रही है कि किसी व्यापार समझौते के बिना यूरोपीय संघ से बाहर आने पर ब्रिटेन की अर्थव्यवस्था को गहरा नुकसान होगा। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने कहा, ‘‘विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अपने ब्रितानी समकक्ष एवं ब्रिटेन के विदेश मंत्री डोमिनिक राब का स्वागत किया। आपसी हित के द्विपक्षीय, क्षेत्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले एजेंडे में हैं।’’ ऐसी संभावना जताई जा रही थी कि दोनों पक्ष समग्र द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने के लिए 10 साल का खाका तैयार करने पर भी ध्यान केंद्रित करेंगे। मंत्रालय ने सोमवार को कहा था कि राब की यात्रा से दोनों देशों के बीच कोविड-19 और ब्रेक्जिट के बाद के परिदृश्य में कारोबार, रक्षा, जलवायु, आवागमन, शिक्षा, स्वास्थ्य के क्षेत्र में गठजोड़ और भी मजबूत होने का मार्ग प्रशस्त होगा। राब अपनी यात्रा के दौरान वन एवं पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर और शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक के साथ भी बैठक करेंगे। वह बेंगलुरू भी जायेंगे, जहां वह 17 दिसंबर को कर्नाटक के मुख्यमंत्री बी एस येदियुरप्पा से मुलाकात करेंगे।

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