उत्तर प्रदेश: सहायक शिक्षक पद भर्ती के दूसरे चरण में 36 हज़ार से भी ज़्यादा अभ्यर्थियों हुए नियुक्त।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सहायक अध्यापकों की भर्ती के दूसरे चरण में 36 हज़ार से भी ज़्यादा अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए।

(एनएलएन मीडिया – न्यूज़ लाइव नाऊ):उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सहायक अध्यापकों की भर्ती के दूसरे चरण में 36 हज़ार से भी ज़्यादा अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए। इस दौरान वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से उन्होंने अभ्यर्थियों को संबोधित किया और उन्हें नियुक्ति पत्र प्राप्त करने की बधाई दी।उन्होंने कहा कि नियुक्ति आपकी योग्यता का सम्मान है। इसमें आपके माता-पिता का त्याग और गुरुजनों का मार्ग दर्शन भी शामिल हैं। आप जिन बच्चों को पढ़ाने जा रहे सिर्फ उनकी नहीं समाज और देश की उम्मीद हैं। यूं तो शिक्षक की नौकरी ही औरों से अलग होती है। इसमें भी प्राइमरी स्कूलों में पढ़ाने वाले शिक्षक की नौकरी सबसे अहम है।मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राइमरी शिक्षा वह बुनियाद होती है जिस पर आगे की पूरी शिक्षा, संस्कार, देश और समाज का निर्माण होता है। ऐसे में आप लोगों का फर्ज बहुत बड़ा है। अगर आप ईमानदारी से बच्चों को अपना सर्वश्रेष्ठ देंगे तो आने वाले समय में देश और समाज में भी आमूल-चूल बदलाव दिखेगा। अपनी इस जवाबदेही को समझें और बेसिक शिक्षा के कायाकल्प का संकल्प लें। सीएम ने कहा कि नवनियुक्त शिक्षकों को यह समझना होगा कि एक शिक्षक आजीवन शिक्षक ही होता है। उसकी सेवाओं को कार्य करने के घंटों में सीमित नहीं किया जा सकता। सीएम योगी ने शिक्षकों से पाठ्यक्रम के सरलीकरण, पाठ्य विधि को रोचक बनाने, नवाचारों को प्रोत्साहित करने की अपील की।

69 हजार शिक्षक भर्ती में मामूली विसंगति को दूर करने के लिए चयनित अभ्यर्थियों को अवसर देते हुए नियुक्ति तो दी जाएगी, लेकिन मेरिट में परिवर्तन नहीं किया जाएगा। बेसिक शिक्षा विभाग की अपर मुख्य सचिव रेणुका कुमार ने शुक्रवार को इसका शासनादेश जारी किया है।जिन अभ्यर्थियों ने आवेदन पत्र में मूल अंकपत्र के सापेक्ष प्राप्तांक कम या अधिक भरा था उनसे अंकपत्र की मूल प्रति प्राप्त कर उन्हें कम या अधिक अंकों के आधार पर नियुक्ति दी जाएगी। साथ ही यह शपथपत्र भी लिया जाएगा कि वह कम या अधिक अंक के आधार पर चयन से सहमत हैं, भविष्य में अधिक  प्राप्तांक के आधार पर मेरिट परिवर्तन की मांग नहीं करेगा।विभाग ने स्पष्ट किया है कि बीएसए की ओर से आवेदन पत्र प्रस्तुत करने की अंतिम तिथि 28 मई 2020 तक जारी निवास प्रमाण पत्र और जाति प्रमाण पत्र को ही स्वीकार किया जाएगा। यह भी साफ किया है कि चयनित महिला अभ्यर्थी की किसी दूसरी जाति में शादी होने मात्र से उसकी जाति नहीं बदलेगी, बल्कि वही जाति मानी जाएगी जिसमें उसने जन्म लिया है।

 

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