अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप के समर्थकों ने फिर किया बाइडन का विरोध।

अमेरिका के राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप चुनाव में मिली हार को स्वीकार करने को तैयार नही हैं

(एनएलएन मीडिया – न्यूज़ लाइव नाऊ): अमेरिका के राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप चुनाव में मिली हार को स्वीकार करने को तैयार नही हैं। अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक जॉर्जिया में बाइडन तो नॉर्थ कैरोलीना में डोनाल्‍ड ट्रंप का दबदबा कायम रहा है। आपको बता दें कि अमेरिका में 3 नवंबर को वोट डाले गए थे।जॉर्जिया की जीत के बाद बाइडन के खाते में 16 इलेक्‍टोरल वोट और जुड़ गए हैं। इसके बाद उन्‍हें मिले कुछ वोटों की गिनती बढ़कर 306 हो गई है। इस तरह से बाइडन ने 2016 में ट्रंप को मिले वोटों की बराबरी कर ली है। सीएनएन की रिपोर्ट्स के मुताबिक करीब तीन दशकों तक रिपब्लिकन का गढ़ कहलाने वाला जॉर्जिया अब डेमोक्रेट का हो गया है। इससे पहले 1992 में बिल क्लिंटन ने यहां से जीत हासिल की थी। इस तरह से वो इन तीन दशकों के दौरान बाइडन यहां से जीत पाने वाले पहले प्रत्‍याशी हैं।

गौरतलब है कि राष्‍ट्रपति चुनाव में हार होने के बाद भी मौजूदा राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप इसको मानने के लिए तैयार नहीं हैं। वो लगातार बाइडन पर चुनाव में धांधली करने का आरोप लगा रहे हैं। उन्‍होंने व्‍हाइट हाउस को बाइडन के लिए खाली करने से भी इनकार कर दिया है। ट्रंप के समर्थक भी बाइडन के खिलाफ अब सड़कों पर उतरकर अपना विरोध जता रहे हैं। हालांकि ऑब्‍जरवर रिसर्च फाउंडेशन के प्रोफेसर हर्ष वी पंत का मानना है कि ट्रंप को इस चुनाव में बहुत बड़ी हार नहीं मिली है। उन्‍होंने बाइडन को कड़ी टक्‍कर दी है। उनके मुताबिक ट्रंप 2024 के चुनाव में दोबारा मैदान में दिखाई दे सकते हैं। बहरहाल, ऐसा पहली बार दिखाई दे रहा है कि चुनाव में हार के बाद भी कोई राष्‍ट्रपति इस तरह की बयानबाजी कर रहा है।बाइडन को जीत के बाद लगभग पूरी दुनिया से बधाई संदेश मिले हैं। लेकिन चीन और रूस ने उन्‍हें ये कहते हुए कोई बधाई नहीं दी कि अभी चुनाव परिणाम साफ नहीं हुए हैं। ऐसा इसलिए है क्‍योंकि एक तरफ जहां रूस ट्रंप को ही दोबारा राष्‍ट्रपति बनते हुए देखना चाहता था वहीं चीन बाइडन के पक्ष में था। जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर बीआर दीपक का कहना है कि पर्दे के पीछे ये दोनों अपनी पसंद के प्रत्‍याशियों को जीत दिलाने की कोशिशों में लगे थे। उनका ये भी कहना है कि बाइडन के आने के बाद चीन को लेकर ट्रंप की नीतियों में बहुत ज्‍यादा बदलाव नहीं होगा। बाइडन भी चीन को लेकर अपनी नीतियों को साफ करते दिखाई दे रहे हैं।

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