अर्नब के समर्थन में BJP नेता राम कदम ने राष्ट्रपति को लिखी चिट्ठी, मामले में हस्तक्षेप करने की मांग

बीजेपी विधायक राम कदम ने बुधवार को रिपब्लिक मीडिया नेटवर्क के एडिटर-इन-चीफ अर्नब गोस्वामी की अवैध गिरफ्तारी को लेकर भारत के राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को एक पत्र लिखा है।

बीजेपी विधायक राम कदम ने बुधवार को रिपब्लिक मीडिया नेटवर्क के एडिटर-इन-चीफ अर्नब गोस्वामी की अवैध गिरफ्तारी को लेकर भारत के राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को एक पत्र लिखा है। मामले में उनके हस्तक्षेप की मांग करते हुए बीजेपी नेता ने राष्ट्रपति कोविंद से ‘वरिष्ठ पत्रकार अर्नब गोस्वामी के खिलाफ इस योजनाबद्ध विवाद को खत्म करने का आग्रह किया है।’

कदम ने अपने पत्र में कहा- “महाराष्ट्र में मौजूदा सरकार ने प्रतिशोध की राजनीति करते हुए सभी हदें पार कर दी हैं। वरिष्ठ पत्रकार अर्नब गोस्वामी पर गिरफ्तारी और कथित रूप से शारीरिक हमला करना, लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर एक शर्मनाक हमला है। मैं, इस देश का नागरिक होने के नाते विनम्रतापूर्वक आपसे वरिष्ठ पत्रकार अर्नब गोस्वामी को न्याय प्रदान करके सच्चे लोकतंत्र का सार बचाने का अनुरोध करता हूं।”

पत्र के बारे में रिपब्लिक टीवी से बात करते हुए बीजेपी विधायक ने कहा, “यह लड़ाई अर्नब अकेले नहीं लड़ रहे हैं। पूरा देश भारत के लोकतंत्र और संविधान को बचाने के लिए उनके साथ लड़ रहा है। जिस तरह से महाराष्ट्र सरकार द्वारा उनके साथ दुर्व्यवहार किया जा रहा है, पूरा देश उनके लिए चिंतित है। मैं चाहता हूं कि इस मामले में राष्ट्रपति का हस्तक्षेप हो और क्योंकि उन्हें बचाए जाने की जरूरत है।” राम कदम ने पहले अर्नब की तत्काल रिहाई की मांग के लिए महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी और राज्य के गृह मंत्री अनिल देशमुख से मुलाकात की थी।

सुप्रीम कोर्ट में आज होगी जमानत याचिका पर सुनवाई

अर्नब गोस्वामी ने अपनी अंतरिम जमानत याचिका खारिज करने के बॉम्बे हाई कोर्ट के आदेश को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। बता दें कि हाईकोर्ट की एक खंडपीठ ने सोमवार को उनकी अंतरिम जमानत याचिका खारिज कर दी। आज न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति इंदिरा बनर्जी की दो न्यायाधीशों वाली पीठ मामले की सुनवाई सुबह 10:30 बजे करेगी।

न्यायमूर्ति एसएस शिंदे और एमएस कार्णिक की पीठ ने अर्नब की जमानत याचिका खारिज करते हुए कहा कि उनके पास सेशन कोर्ट में अपील करने का विकल्प है। वह सेशन कोर्ट में जमानत याचिका दायर कर सकते हैं। इसके साथ ही हाईकोर्ट ने सेशन कोर्ट को चार दिन के अंदर इस मामले पर फैसला सुनाने के लिए कहा है।

गौरतलब है कि अर्नब गोस्वामी को चार नवंबर को उनके घर से एक बंद हुए केस में गिरफ्तार किया गया था। जिसके बाद महाराष्ट्र पुलिस ने उन्हें अलीबाग कोर्ट में पेश किया था। कोर्ट ने मामले की सुनवाई करते हुए अर्नब गोस्वामी को 14 दिनों के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया था। जिसके बाद उन्हें अलीबाग क्वारंटाइन सेंटर में रखा गया था। हालांकि आठ नवंबर को अर्नब गोस्वामी को तलोजा जेल शिफ्ट कर दिया गया था।

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