सोना आज 124 रुपये की तेजी के साथ खुला

शुरुआती कारोबार में ही इसने 50322 रुपये का न्यूनतम और 50394 रुपये का उच्चतम स्तर छू लिया।

(एनएलएन मीडिया – न्यूज़ लाइव नाऊ): MCX पर दिसंबर डिलिवरी वाला सोना आज 124 रुपये की तेजी के साथ खुला। मंगलवार को यह 50245 रुपये प्रति 10 ग्राम के भाव पर बंद हुआ था और आज 50369 रुपये के भाव पर खुला। शुरुआती कारोबार में ही इसने 50322 रुपये का न्यूनतम और 50394 रुपये का उच्चतम स्तर छू लिया। सुबह 10 बजे यह 131 रुपये की तेजी के साथ 50376 रुपये पर ट्रेड कर रहा था। फरवरी डिलिवरी वाला सोना भी 202 रुपये की तेजी के साथ खुला। सुबह दस बजे यह 202 रुपये की तेजी के साथ 50529 रुपये पर ट्रेड कर रहा था। कमजोर वैश्विक रुख के बीच दिल्ली सर्राफा बाजार में मंगलवार को सोना 133 रुपये की गिरावट के साथ 51,989 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ। तीन सत्रों की तेजी के बाद यह गिरावट आई है। इससे पूर्व के कारोबारी सत्र में सोना 52,122 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था। चांदी 875 रुपये गिर कर 63,860 रुपये प्रति किलोग्राम पर टिकी। पिछले दिन बंद भाव 64,735 रुपये था। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना 1,919 डॉलर प्रति औंस पर नरम था और चांदी 24.89 डॉलर प्रति औंस पर लगभग पिछले स्तर पर बनी हुई थी। कमजोर हाजिर बाजार की मांग के कारण कारोबारियों ने अपने सौदों की कटान की जिससे वायदा बाजार में मंगलवार को सोने का भाव 0.27 प्रतिशत मजबूत होकर 50,970 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज में दिसंबर का सोना वायदा भाव 137 रुपये यानी 0.27 प्रतिशत बढ़कर 50,970 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गया। इस अनुबंध में 15,294 लॉट के लिए कारोबार किया गया। न्यूयार्क में सोना 0.20 प्रतिशत घटकर 1,925 डालर प्रति औंस रह गया। मोतीलाल ओसवाल फाइनेंसियल सविर्सिज के जिंस शोध के उपाध्यक्ष नवनीत दमानी कहते हैं कि सोना ऊंचाई से गिरकर 50 हजार रुपये के दायरे में आया है, जबकि चांदी 60 हजार रुपये के दायरे में आ चुकी है। उनका मानना है कि आने वाले दिनों में भी उतार चढ़ाव जारी रह सकता है। केडिया कैपिटल के डायरेक्टर अजय केडिया मानते हैं कि स्टिमुलस पैकेज ने शेयर बाजारों के लिए स्टेरॉयड का काम किया। इसी की वजह से शेयर बाजार में तेजी आई है, लेकिन इसे नेचुरल नहीं कहा जा सकता। सोने में गिरावट की एक बड़ी वजह है पिछले 2 महीनों में रुपये में आई मजबूती। अभी रुपये 73-74 रुपये प्रति डॉलर तक मजबूत हो चुका है, जो कुछ महीने पहले 76-77 रुपये प्रति डॉलर तक कमजोर हो गया था। अगर फिर से डॉलर मजबूत होता है तो सोने में लॉन्ग टर्म में फिर से मजबूती देखने को मिलेगी और डॉलर का फिर से मजबूत होना लगभग तय ही है। यानी सोना अगले साल तक 60-70 हजार रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच सकता है। अक्टूबर-नवंबर के दौरान अमूमन सोने की मांग काफी बढ़ जाती है। इसकी वजह है फेस्टिव सीजन का आना। दिवाली के करीब सोना हमेशा चमकता है, लेकिन कोरोना की वजह से इस बार लोगों को आर्थिक तंगी झेलनी पड़ रही है, जिसका सीधा असर सोने की मांग पर पड़ा है। मुंबई के एक गोल्ड डीलर का कहना है कि इस बार फेस्टिव सीजन के दौरान भी मांग कम ही रहने का अनुमान है, क्योंकि कीमतें काफी बढ़ चुकी हैं। सोना गहरे संकट में काम आने वाली संपत्ति है, मौजूदा कठिन वैश्विक परिस्थितियों में यह धारणा एक बार फिर सही साबित हो रही है। कोविड-19 महामारी और भू-राजनीतिक संकट के बीच सोना एक बार फिर रिकॉर्ड बना रहा है और अन्य संपत्तियों की तुलना में निवेशकों के लिए निवेश का बेहतर विकल्प साबित हुआ है। विश्लेषकों का मानना है कि उतार-चढ़ाव के बीच सोना अभी कम से कम एक-डेढ़ साल तक ऊंचे स्तर पर बना रहेगा। दिल्ली बुलियन एंड ज्वेलर्स वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष विमल गोयल का मानना है कि कम एक साल तक सोना उच्चस्तर पर रही रहेगा। वह कहते हैं कि संकट के इस समय सोना निवेशकों के लिए ‘वरदान’ है। गोयल मानते हैं कि दिवाली के आसपास सोने में 10 से 15 प्रतिशत तक का उछाल आ सकता है। सोना हमेशा ही मुसीबत की घड़ी में खूब चमका है। 1979 में कई युद्ध हुए और उस साल सोना करीब 120 फीसदी उछला था। अभी हाल ही में 2014 में सीरिया पर अमेरिका का खतरा मंडरा रहा था तो भी सोने के दाम आसमान छूने लगे थे। हालांकि, बाद में यह अपने पुराने स्तर पर आ गया। जब ईरान से अमेरिका का तनाव बढ़ा या फिर जब चीन-अमेरिका के बीच ट्रेड वॉर की स्थिति बनी, तब भी सोने की कीमत बढ़ी।

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