ममता सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे भाजपा कार्यकर्ताओं पे लाठी चार्ज ।

बता दें की पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में जगह-जगह कार्यकर्ताओं द्वारा राज्य सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया जा रहा है।

(एनएलएन मीडिया – न्यूज़ लाइव नाऊ):  बता दें की पश्चिम बंगाल की राजधानी  कोलकाता में जगह-जगह कार्यकर्ताओं द्वारा राज्य सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया जा रहा है। भाजपा कार्यकर्ता बड़ी संख्या में ‘नाबन्ना चलो’ आंदोलन कर रहे हैं और सचिवालय की तरफ बढ़ रहे हैं। भाजपा के प्रदर्शनों को देखते हुए विद्यासागर सेतु और हावड़ा ब्रिज को पूरी तरह से बंद कर दिया गया है। दोनों तरफ से वाहनों के आने-जाने पर रोक लगा दी गई है। वहीं, प्रदर्शनकारियों पर पुलिस ने लाठीचार्ज भी किया है। इसके साथ ही उनपर वाटर कैनन का भी प्रयोग किया गया है। प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए पुलिस बल जुटा हुआ है।
भाजपा नेता लॉकेट चटर्जी ने कहा कि पुलिस हमारे लोगों पर लाठीचार्ज कर रही है। खिदिरपुर की तरफ से पथराव किया जा रहा है। क्या पुलिस उसे नहीं देख सकती? वहीं, भाजपा महासचिव कैलाश विजयवर्गीय बीच सड़क पर धरने पर बैठ गए हैं। कैलाश विजयवर्गीय ने कहा है कि पश्चिम बंगाल सरकार के भीतर डर है। इस कारण वह विरोध के बुनियादी लोकतांत्रिक अधिकारों को भी नकारने में लगी है। राज्य सचिवालय को बंद कर दिया गया है। जहां तक मोदी जी या भाजपा की बात है तो हमें टीएमसी या ममता बनर्जी से किसी भी प्रमाणपत्र की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव के दौरान ममता बनर्जी ने कहा था कि भाजपा को बंगाल में जीरो मिलेगा, लेकिन हमने 18 सीटों पर जीत हासिल की। हम आने वाले विधानसभा चुनाव में दो तिहाई बहुमत से जीतेंगे। आज के विरोध प्रदर्शन को शांतिपूर्ण ढंग से करने के लिए पूरे इंतजाम किए गए हैं।

विजयवर्गीय ने कहा, हम लोकतांत्रिक तरीके से विरोध कर रहे हैं, लेकिन ममता जी ने हमारे शांतिपूर्ण प्रदर्शन को हिंसक विरोध में बदलने की कोशिश की है। पुलिस के साथ गुंडों ने हम पर पथराव किया है। भाजपा महासचिव से जब प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं द्वारा मास्क नहीं पहनने को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा, सभी कार्यकर्ता मास्क पहने हुए हैं। क्या नियम केवल हमारे लिए हैं? ममता जी हजारों लोगों के साथ प्रदर्शन करती हैं और हमें सामाजिक दूरी का पाठ पढ़ाया जा रहा है। क्या उनके लिए समान नियम लागू नहीं होते हैं?गौरतलब है कि भाजपा के प्रदर्शनों की भनक लगते ही पश्चिम बंगाल सरकार ने सचिवालय नाबन्ना को दो दिनों के लिए बंद करने का फैसला किया। हावड़ा में स्थित इस सचिवालय को बंद करने की वजह सरकार ने कोरोना को देखते हुए सैनिटाइजेशन करवाना बताया है। इस कारण, आठ और नौ अक्तूबर को यहां कामकाज बंद रहेगा। वहीं, भाजपा के प्रदर्शन से निपटने के लिए प्रशासन ने व्यापक इंतजाम किए हैं। नाबन्ना के आसपास धारा-144 लागू रहती है, लेकिन भाजपा के प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासन और भी सतर्क है। भाजपा की रैली को सचिवालय तक पहुंचने से रोकने के लिए नाबन्ना की तरफ आने वाले रास्तों पर पांच डीआईजी स्तर के अधिकारी तैनात हैं। दूसरी तरफ, भाजपा के ‘नाबन्ना चलो’ आंदोलन को देखते हुए हावड़ा में पुलिस द्वारा वाटर कैनन वाहन तैनात किए गए हैं और सड़कों पर बैरिकेडिंग की गई है।  बता दें की राज्य में परशासन  बहुत सख़्त हैं।

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