बुलंदशहर: गांव के दबंग ने 14 साल की नाबालिग लड़की के साथ किया रेप

डराने वाली बात यह है कि तीनों ही केस में बच्चियों के साथ दरिंदगी की गई है।

(एनएलएन मीडिया – न्यूज़ लाइव नाऊ): उत्तर प्रदेश में एक के बाद एक लगातार रेप की घटनाएं सामने आ रही हैं। बीते 24 घंटे के अंदर आजमगढ़, बुलंदशहर और फतेहपुर में रेप की वारदातें सामने आई हैं। डराने वाली बात यह है कि तीनों ही केस में बच्चियों के साथ दरिंदगी की गई है। इसके अलावा बलरामपुर में एक युवती के साथ हैवानियत भरी घटना सामने आई है। आजमगढ़ के जीयनपुर क्षेत्र के एक गांव में आठ साल की बच्ची के साथ 20 वर्षीय युवक ने रेप किया। बच्ची की मां ने आरोपी के खिलाफ थाने में शिकायत दर्ज कराई है। मां का कहना है कि आरोपी दानिश उनका पड़ोसी है और वह बच्ची को नहलाने के बहाने अपने घर ले गया था। आजमगढ़ के पुलिस अधीक्षक सुधीर कुमार सिंह ने कहा कि बच्ची की मां की शिकायत पर एफआईआर दर्ज कर ली गई है। इस मामले में आरोपी दानिश को गिरफ्तार कर लिया गया है। बच्ची का मेडिकल कराया जा रहा है। दूसरी वारदात बुलंदशहर की है। यहां पर एक 14 साल की नाबालिग लड़की के साथ उसके ही पड़ोसी ने रेप किया। इस मामले में लड़के के पिता ने बुधवार रात को पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने बताया कि लड़के के पिता ने पड़ोस के रहने वाले रिजवान (20) पर रेप का आरोप लगाया है। पुलिस ने आरोपी रिजवान को गिरफ्तार कर लिया है। तीसरी घटना फतेहपुर के ललौली थानाक्षेत्र में हुई है। थाना प्रभारी निरीक्षक संदीप तिवारी ने बताया कि यहां पर एक सात साल की बच्ची के साथ रेप हुआ है। बच्ची अपने घर से कुछ ही दूरी पर अकेले खेल रही थी। इसी दौरान वह लापता हो गई। गांववालों ने जब बच्ची को ढूंढा तो पता चला कि बगल के गांव करैहा के मजरे कल्लू भगत का डेरा निवासी युवक अनिल निषाद (20) बच्ची को बहला-फुसलाकर अपने साथ हो गया था। इधर बच्चे के रोने-चिल्लाने की आवाज सुनकर खेतों में काम कर रहे कुछ लोग वहां पहुंचे। उन्होंने युवक को दौड़ाकर पकड़ लिया। बलरामपुर में दलित युवती के साथ हैवानियत बरती गई। 22 साल की दलित छात्रा के साथ गैंगरेप के बाद उसकी कमर और दोनों पैर तोड़ दिए गए। इसके बाद छात्रा को रिक्शे में बिठाकर घर भेज दिया गया, जहां कुछ देर बाद उसकी मौत हो गई। मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पूरा इलाका छावनी में तब्दील हो गया है। मां का आरोप है कि उसकी बेटी को इंजेक्शन लगाकर हैवानियत की वारदात को अंजाम देने के बाद कमर और दोनों टांगों को तोड़कर रिक्शे पर बैठाकर घर भेज दिया गया जिसके बाद वो कुछ भी बोल नहीं पा रही थी। वह सिर्फ इतना कह पाई, ‘बहुत दर्द है अब मैं बचूंगी नहीं।’ हालांकि बलरामपुर एसपी देव रंजन वर्मा ने कहा है कि हाथ पैर और कमर तोड़ने वाली बात सही नहीं है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में इसकी पुष्टि नहीं हुई है।

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