कोरोना संक्रमण से बचाओ के लिए ऐसी हो दिनचर्या ।

कोरोना के इस काल में ये बेहद मान्य रखता है की आपकी दिनचर्या कैसी हो।

(एनएलएन मीडिया – न्यूज़ लाइव नाऊ): कोरोना के इस काल में ये बेहद मान्य रखता है की आपकी दिनचर्या कैसी हो।  इस मुश्किल घड़ी    में लोगों ने बाहर निकलना कम कर दिया है। दफ्तर का काम भी घरों से ही निपटा रहे हैं। इस तरह आप कोरोना से तो बच सकते हैं, लेकिन कई दूसरी समस्याएं पैदा हो सकती हैं। सीएनएन के अनुसार घर में लंबे समय तक कैद रहने से दिल व फेफड़े कमजोर हो सकते हैं। दिमाग भी प्रभावित हो सकता है। इसलिए, आइसोलेशन में रहते हुए भी आपको खुद को सक्रिय रखना होगा।

हृदय व फेफड़ों का कमजोर होना : प्रोफेसर बार ने कहा कि यदि आप व्यायाम नहीं कर रहे हैं तो इसका अर्थ है कि आप हृदय की गति को नहीं बढ़ा रहे हैं। शारीरिक श्रम से दिल भी मजबूत होता है। सीएनएन के अनुसार फेफड़ों की बीमारी से ग्रसित लोगों को पहले से ही कोरोना वायरस के लिए संवेदनशील माना जाता है, क्योंकि यह श्वसन से जुड़ी बीमारी है। हालांकि, उनके लिए भी क्रियाशील रहना बेहद जरूरी है, ताकि उनके फेफड़े भी क्रियाशील रहें।
कमजोर होने लगती हैं मांसपेशियां : हफ्ते भर तक घर में रहकर आप सुकून जरूर महसूस कर सकते हैं, लेकिन यह निष्क्रियता आपकी शारीरिक शक्ति को कमजोर कर देती है। इसका कारण है कि मांसपेशियां बनने में महीनों लग सकते हैं, लेकिन सिर्फ एक सप्ताह में ये कमजोर पड़ सकती हैं। कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी डेविस के मॉलिक्यूलर एक्सरसाइज फीजियोलॉजी विभाग के प्रोफेसर कीथ बार कहते हैं कि मांसपेशियों के कमजोर पड़ने के साथ ही आपकी शारीरिक क्षमता भी कमजोर पड़ जाती है। शारीरिक क्षमता से ही यह तय होता है कि आपका जीवन कितना लंबा होगा। इम्यून सिस्टम की इसमें  बेहद महत्वपूर्ण भूमिका है।

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