पतंजलि ने कोरोना वायरस से जंग को ‘दिव्य कोरोनिल टैबलेट’ समेत तीन दवाइयां की लॉन्च!

(एनएलएन मीडिया – न्यूज़ लाइव नाऊ) : पतंजलि योगपीठ फेज-टू में योग गुरु बाबा रामदेव और आचार्य बालकृष्ण ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान उन्होंने कोरोना वायरस से जंग को ‘दिव्य कोरोनिल टैबलेट’ समेत तीन दवाइयां लॉन्च की हैं। साथ ही सौ फीसद रिकवरी का दावा किया है। बाबा रामदेव ने बताया कि दवा परीक्षण के तीन दिन के भीतर 69 फीसद रोगी रिकवर हुए हैं। सात दिन के भीतर सौ फीसद ठीक हुए और उनकी रिपोर्ट नेगेटिव आई। बाबा रामदेव ने बताया कि सोमवार को Ordernil APP लॉन्च किया जाएगा। इसके जरिए तीन दिन के भीतर घर बैठे दवा उपलब्ध होगी। बाबा रामदेव ने लॉन्च की कोरोना वायरस की तीन दवाइयां। एक श्वासारि बट्टी, दिव्य कोरोनिल टैबलेट और अणु तेल। एकसाथ करना है इनका उपयोग। प्लेसवो क्लीनिकल कंट्रोल ट्रायल 100 लोगों के ऊपर किया गया। ये सभी 15 से 65 आयु वर्ग के हैं। इससे तीन दिन में 69 फीसद मरीज पॉजिटिव से नेगेटिव हुए हैं। दवाई बनाते वक्त सभी साइंटिफिक पैरामीटर का रखा गया ध्यान। सेकेेंड ट्रायल जल्द ही क्रिटिकल मरीजों पर किया जाएगा। अणुनासिक तेल भी कोरोना की दवा में शामिल। ये तीन से पांच बूंद नाक में डालने से श्वास नलिका में कोरोना के प्रभाव को खत्म कर पेट तक ले जाता है। बाबा रामदेव ने बताया कि ये दवा ब्लडप्रेशर, हार्ट बीट और नाड़ी को भी कंट्रोल करती है। बाबा रामदेव ने किया आयुर्विदेक दवा कोरोनिल के सफल परीक्षण का दावा। तीन दिन में 69 फीसद मरीज हुए कोरोना से मुुक्त हुए। सौ लोगों पर किया गया था ट्रायल, सात दिन में रिपोर्ट नेगेटिव आई। ये दवाई स्वशन सिस्टम को मजबूत करती है, जिससे कोरोना संक्रमण का असर नहीं होता। इसके साथ ही दवा सर्दी जुकाम और बुखार को भी नियंत्रित करती है। कोरोना वायरस की दवा बाजार में आ गई है। साथ ही इसको ऑनलाइन भी खरीदा जा सकता है। इसके लिए सोमवार को एप लॉन्च किया जाएगा। पतंजलि के मुताबिक कोरोना वायरस की दवा कोरोनिल की कीमत 400 रुपये, श्वासारि रस बट्टी की कीमत 120 और अणनासिक तेल की कीमत 25 रुपये है। एक महीने की दवा 545 रुपये में उपलब्ध होगी। आपको बता दें कि पतंजलि योगपीठ की ओर से बताया गया है कि कोरोना टैबलेट पर हुआ यह शोध पतंजलि रिसर्च इंस्टीट्यूट हरिद्वार और नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस जयपुर के संयुक्त प्रयासों का परिणाम है। टैबलेट का निर्माण दिव्य फार्मेसी और पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड हरिद्वार में किया जा रहा है। दवा के मुख्य घटक अश्वगंधा, गिलोय, तुलसी, श्वसारि रस और अणु तेल होंगे। इनका मिश्रण और अनुपात शोध के अनुसार तय किया गया है, जिससे ये कोरोना वायरस के प्रभाव को पुख्ता तरीके से खत्म कर देता है। इतना ही नहीं इसका नियमित इस्तेमाल व्यक्ति को कोरोना संक्रमित ही नहीं होने देता। आचार्य बालकृष्ण ने बताया कि अश्वगंधा कोरोना वायरस के आरबीडी को मानव शरीर के एसीई से मिलने नहीं देता है, जिससे कोरोना वायरस संक्रमित मानव शरीर की स्वस्थ कोशिकाओं में प्रवेश नहीं कर पाता। गिलोय भी अश्वगंधा की तरह ही काम करता है और संक्रमण होने से रोकता है। तुलसी का कंपाउंड कोरोना के आरएनए-पॉलीमरीज पर अटैक कर उसके गुणांक में वृद्धि करने की दर को न सिर्फ रोक देता है, बल्कि इसका लगातार सेवन उसे खत्म भी कर देता है। श्वसारि रस गाढ़े बलगम को बनने से रोकता है और बने हुए बलगम को खत्म कर फेफड़ों की सूजन कम कर देता है। इसी तरह अणु तेल का इस्तेमाल नेजल ड्रॉप के तौर पर कर सकते हैं। 

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