अमेरिका में गृहयुद्ध जैसे हालात, जॉर्ज फ्लायड की मौत के बहाने अनगिनत निर्दोषों के घर-कारोबार बर्बाद किए गए।

जॉर्ज फ्लायड की मौत के विरोध में न्याय के लिए संघर्ष अगर शांतिपूर्ण होता, तो ज्यादा ठीक होता, लेकिन उसके कारण हुई हिंसा ओर लूट में हजारों लोगों का कारोबार चौपट हो गया, घर बर्बाद हो गए।

(एनएलएन मीडिया – न्यूज़ लाइव नाऊ) : ओम तिवारी : अमेरिका में राष्ट्रपति चुनावों से पहले भड़की हिंसा ने पूरे देश को चपेट में लिया हुआ है, चारों ओर लूटपाट और भय का माहौल फ़ैल गया है। अमेरिका के मिनियापोलिस में 41 साल के मूर का रेस्टारेंट जल कर खाक हो गया। 24 घंटे बाद भी वहां से धुआं उठ रहा है। रोते हुए मूर कहते हैं, ‘अब मुझे न्याय चाहिए।’ ये है अमेरिका, जहां स्वतंत्रता और न्याय को सबसे ऊपर माना जाता है। ऐसे मूर तो यहां हजारों होंगे, जिनका कारोबार जल कर खाक हो गया है। मेहनतकश लोग अब न्याय मांग रहे हैं, तो इसमें उनका क्या कसूर? जॉर्ज फ्लायड की मौत के विरोध में न्याय के लिए संघर्ष अगर शांतिपूर्ण होता, तो ज्यादा ठीक होता, लेकिन उसके कारण हुई हिंसा ओर लूट में हजारों लोगों का कारोबार चौपट हो गया, घर बर्बाद हो गए। इस घटना के आठ दिन बाद भी यहां कारोबारी शाम होते ही सहम जाते हैं और दुकानें जल्द ही बंद कर घर चले जाते हैं। कोरोनावायरस संक्रमण के दौर में लगी बंदिशों में छूट के बाद भी कई लोग हिंसा के कारण बिजनेस शुरू नहीं कर पा रहे। फ्लायड की मौत के विरोध में अमेरिका में सड़कों पर उतरे करीब 9300 प्रदर्शनकारियों की धरपकड़ की गई है। कई शहरों में कर्फ्यू होने के बाद भी यूएस नेशनल गार्ड की मौजूदगी में लोग विरोध कर रहे हैं। कई स्थानों पर शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन हिंसक हो गए। इसके चलते अकेले मिनियापोलिस में 170 से अधिक व्यवसाय नष्ट हो गए। इस तरह के हिंसक प्रदर्शन किसी भी अपने उद्देश्य का ही नाश करते नजर आ रहे हैं।

 

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